फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Sita abduction, Ravana-Jatayu war and Shabri meeting Leela staged

Pilibhit News: सीता हरण, रावण-जटायु युद्ध एवं शबरी मिलन लीला का मंचन

Tue, 08 Oct 2024 10:46 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 10:46 PM IST
विज्ञापन
Sita abduction, Ravana-Jatayu war and Shabri meeting Leela staged
पीलीभीत। शहर के रामलीला मैदान पर आयोजित श्री रामलीला महोत्सव में मंगलवार की शाम सीता हरण, रावण-जटायु युद्ध एवं शबरी मिलन लीला का मंचन किया गया। इस दौरान मैदान जयश्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन

रामलीला मैदान पर लीला मंचन को देखने के लिए शाम से ही लोगो की भीड़ जुटना शुरू हो गई। इस मौके पर महंत ओमकार नाथ,अमरीश शर्मा, भानु प्रताप सिंह, प्रेम सिंह, महेंद्र गुप्ता, आकाश कश्यप, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन

--
बिलसंडा : लंका दहन की लीला का मंचन
बिलसंडा। गांव कनपरी में चल रही रामलीला में मंगलवार को लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।
मंचन में दिखाया गया कि भगवान राम हनुमानजी को अपनी सोने की मुद्रिका देकर माता सीता को खोजने के लिए भेजते हैं। हनुमानजी एक ही बार में समुद्र लांग कर लंका में प्रवेश करते हैं। इस दौरान मां सीता का पता लगाने की कोशिश में अशोक वाटिका पहुंच जाते हैं, जहां माता सीता को भगवान राम की दी हुई सोने की मुद्रा निशानी के तौर पर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद अशोक वाटिका उजाड़ने पर रावण के अंगरक्षक हनुमान जी को पकड़कर रावण के दरबार में लाते हैं, जहां रावण हनुमानजी की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। वहीं हनुमानजी पल भर में रावण की लंका को जलाकर राख कर देते हैं। संवाद
--
बीसलपुर : सीता हरण की लीला का मंचन
बीसलपुर। नगर के ऐतिहासिक रामलीला मेले में मंगलवार की शाम सीता हरण की लीला का मंचन हुआ।

लीला में दर्शाया जाता है कि रावण द्वारा बनाई गई योजना के तहत उसका मामा मारीच स्वर्ण मृग बनकर पंचवटी में विचरण करने लगता है। सीता जी, श्रीराम से कहतीं हैं कि वह उन्हें स्वर्ण मृग को पकड़ कर ला दें। श्रीराम का पीछा करने पर स्वर्ण मृग तेजी में भागने लगता है। काफी दूर जाकर श्रीराम के बाण से घायल होकर स्वर्ण मृग गिर जाता है। गिरते समय वह श्रीराम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है।
सीता जी लक्ष्मण को श्रीराम की सहायता करने के लिए भेजती हैं। इससे पहले कुटिया के चारों ओर रेखा खींचकर सीता जी को किसी भी हालत में रेखा पार न करने की हिदायत देकर चले जाते हैं। इस बीच रावण साधु का वेश बनाकर कुटिया पर आ जाता है और सीता जी से भिक्षा मांगता है। सीता जी लक्ष्मण रेखा पार कर रावण को भिक्षा देने जाती हैं तो रावण असली रूप में आ जाता है और सीता जी का हरण कर लेता है। यहीं पर लीला का समापन हो जाता है। लीला का संचालन मनोज त्रिपाठी, उपेंद्र शंखधर, अवधेश भट्ट और सूर्य प्रकाश मिश्रा ने रामायण की चौपाइयां, दोहे पढ़कर किया। संवाद
--
श्रीराम के जन्म लेते ही जयश्रीराम के नारों से गूंजा पंडाल
पूरनपुर। मंगलवार को श्रीराम जन्म लीला का मंचन किया गया। श्रीराम का जन्म होते ही दर्शकों ने जयश्रीराम के नारे लगाए।
मंगलवार को नाटक कंपनी के कलाकारों ने मंचन के दौरान दिखाया कि राजा दशरथ पुत्र न होने पर चिंतित हैं और पुत्र प्राप्ति को कुलगुरु वशिष्ठ से पुत्र प्राप्ति के उपाय की जानकारी करते है।
वशिष्ठ मुनी उनको शृंगी ऋषि के पास पुत्र प्राप्ति का यज्ञ कराने के लिए भेजते है। शृंगी ऋषि विधि विधान से राजा दशरथ के महल में पुत्र प्राप्ति को यज्ञ कराते है। यज्ञ से प्रसन्न होकर अग्निदेव उत्पन्न होते है। वे राजा दशरथ को प्रसाद देकर अपनी तीनों रानियों को उसे खिलाने के लिए कहते है।


राजा दशरथ प्रसाद को तीनों रानियों को खिलाते है। कालांतर में तीनों रानियोंं मेंं रानी कौशल्या से राम, सुमित्रा से लक्ष्मण और कैकेयी से भरत, शत्रुघन जन्म लेते हैं। राम जन्म की लीला का मंचन होते ही दर्शक जयश्रीराम के नारे लगाते है। नायब तहसीलदार ऋषि दीक्षित ने बताया कि बुधवार को रामलीला मेले में मुनि आगमन और ताड़का वध की लीला का मंचन होगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed