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Pilibhit News: शारदा नदी उफान पर... कटान भी जारी
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गांव चंदिया हजारा के समीप भू कटान के बाद नदी का छोड़ा गया मलबा।स्रोत:ग्रामीण
पूरनपुर। चंदिया हजारा के समीप क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत तो शुरू की गई है, लेकिन काफी हिस्सा नदी में समा रहा है। यही नहीं एक दूसरे रास्ते से नदी का पानी गांव चंदिया हजारा में घुसना शुरू हो गया है। इससे आसपास के खेत जलमग्न हो गए है। तीन किसानों के खेतों में नदी कटान कर रही थी। मंगलवार को उन किसानों की आधा-आधा एकड़ गन्ने की फसल नदी में समा गई।
शारदा की बाढ़ और कटान से क्षेत्र को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप तटबंध बनाया गया था। शारदा में आई बाढ़ से तटबंध चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। नदी के उफान पर होने के बाद भी तटबंध की मरम्मत की औपचारिकता शुरू की गई है जो नाकाफी है।
गांव चंदिया हजारा के सौ घरों में हुआ जलभराव मंगलवार को नदी का जलस्तर कुछ कम होने पर समाप्त हो गया, मगर इन घरों में कीचड़ और गंदगी से लोग परेशान दिखे। यहां बता दें कि गांव चंदिया हजारा में अब तक गांव के पूरब से नदी का पानी घुसता था। मंगलवार को गांव के पश्चिम धनाराघाट की ओर से एक नाले से पानी गांव के समीप खेतों और गांव के फुटबाल मैदान में भरना शुरू हो गया।
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ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि धनाराघाट की ओर से गांव में नाले से तेजी से पानी आ रहा है। मंगलवार को भी भूकटान जारी रहा। गांव निवासी गौरंग मंडल, प्रताप टिकेतदार, भरत सरकार के खेतों में नदी कटान कर रही है। सोमवार को गौरंग मंडल, प्रताप टिकेदार का आधा-आधा एकड़ और भरत सरकार के एक एकड़ खेत में खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि नदी इस बार कटान के साथ मलबा भी भारी मात्रा में छोड़ रही है। मलबे से किसानों की फसल दबकर नष्ट हो रही है। कटान और नए रास्ते से जलभराव शुरू होने से गांव के लोगों में खलबली मची हुई है।
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शारदा की बाढ़ और कटान से क्षेत्र को बचाने के लिए नौ करोड़ रुपये की लागत से गांव चंदिया हजारा के समीप तटबंध बनाया गया था। शारदा में आई बाढ़ से तटबंध चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। नदी के उफान पर होने के बाद भी तटबंध की मरम्मत की औपचारिकता शुरू की गई है जो नाकाफी है।
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गांव चंदिया हजारा के सौ घरों में हुआ जलभराव मंगलवार को नदी का जलस्तर कुछ कम होने पर समाप्त हो गया, मगर इन घरों में कीचड़ और गंदगी से लोग परेशान दिखे। यहां बता दें कि गांव चंदिया हजारा में अब तक गांव के पूरब से नदी का पानी घुसता था। मंगलवार को गांव के पश्चिम धनाराघाट की ओर से एक नाले से पानी गांव के समीप खेतों और गांव के फुटबाल मैदान में भरना शुरू हो गया।
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ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि धनाराघाट की ओर से गांव में नाले से तेजी से पानी आ रहा है। मंगलवार को भी भूकटान जारी रहा। गांव निवासी गौरंग मंडल, प्रताप टिकेतदार, भरत सरकार के खेतों में नदी कटान कर रही है। सोमवार को गौरंग मंडल, प्रताप टिकेदार का आधा-आधा एकड़ और भरत सरकार के एक एकड़ खेत में खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि नदी इस बार कटान के साथ मलबा भी भारी मात्रा में छोड़ रही है। मलबे से किसानों की फसल दबकर नष्ट हो रही है। कटान और नए रास्ते से जलभराव शुरू होने से गांव के लोगों में खलबली मची हुई है।

गांव चंदिया हजारा के समीप भू कटान के बाद नदी का छोड़ा गया मलबा।स्रोत:ग्रामीण