{"_id":"5ef2460c8ebc3e42cb0e1aac","slug":"scam-pilibhit-news-bly410314368","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवासियों को बंटने आई राशन किटों में खेल पर दिया गया नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासियों को बंटने आई राशन किटों में खेल पर दिया गया नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। प्रवासियों को दी जाने वाली राशन किट में फर्म संचालक ने ही खेल कर दिया। प्रवासियों को मंसूरी चावल के नाम पर मोटा चावल थमा दिया। पिछले दिनों की गई शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच कराई तो मामला सही पाया गया। डीएम के निर्देश पर फर्म संचालक को नोटिस भेजा गया है।
जनपद में दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी जा रही है। क्वारंटीन अवधि में श्रमिकों को खाने-पीने की कोई दिक्कत न हो, इसको लेकर शासन ने प्रवासी श्रमिकों को राशन किट वितरण करने के आदेश दिए थे। राशन किट बांटने का ठेका तीन करोड़ रुपये में मुरादाबाद की एक फर्म को दिया गया। मानक के अनुसार इस किट में दस किलो आटा, दस किलो मंसूरी चावल, पांच किलोग्राम आलू, दो किलो चना, दो किलो अरहर की दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम हल्दी, 250 धनिया, एक लीटर सरसों का तेल शामिल है। जनपद में जब प्रवासियों को राशन किट बांटी जाने लगी तो इसमें मंसूरी चावल की जगह मोटा चावल और नमक के नाम पर टाटी नाम का नमक का पैकेट निकला। पिछले दिनों जब सदर तहसील में राशन किट का वितरण हुआ तो प्रवासियों ने हंगामा भी किया। इसकी जानकारी अफसरों तक पहुंची, मगर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मामला डीएम वैभव श्रीवास्तव तक पहुंचा तो उन्होंने मामले में जांच के आदेश दिए। जांच में मानक के अनुरूप चावल न देने का मामला तो सही पाया, मगर नमक की जांच अब भी नहीं हो सकी है। इस पर डीएम के निर्देेश पर फर्म संचालक को नोटिस भेजा गया है।
राशन किट मामले की जांच कराई गई थी। जांच में मंसूरी चावल की जगह कोई अन्य चावल देने पाया गया है। संबंधित फर्म को नोटिस भेजा गया है। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी जा रही है। क्वारंटीन अवधि में श्रमिकों को खाने-पीने की कोई दिक्कत न हो, इसको लेकर शासन ने प्रवासी श्रमिकों को राशन किट वितरण करने के आदेश दिए थे। राशन किट बांटने का ठेका तीन करोड़ रुपये में मुरादाबाद की एक फर्म को दिया गया। मानक के अनुसार इस किट में दस किलो आटा, दस किलो मंसूरी चावल, पांच किलोग्राम आलू, दो किलो चना, दो किलो अरहर की दाल, आधा किलो नमक, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम हल्दी, 250 धनिया, एक लीटर सरसों का तेल शामिल है। जनपद में जब प्रवासियों को राशन किट बांटी जाने लगी तो इसमें मंसूरी चावल की जगह मोटा चावल और नमक के नाम पर टाटी नाम का नमक का पैकेट निकला। पिछले दिनों जब सदर तहसील में राशन किट का वितरण हुआ तो प्रवासियों ने हंगामा भी किया। इसकी जानकारी अफसरों तक पहुंची, मगर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मामला डीएम वैभव श्रीवास्तव तक पहुंचा तो उन्होंने मामले में जांच के आदेश दिए। जांच में मानक के अनुरूप चावल न देने का मामला तो सही पाया, मगर नमक की जांच अब भी नहीं हो सकी है। इस पर डीएम के निर्देेश पर फर्म संचालक को नोटिस भेजा गया है।
विज्ञापन
राशन किट मामले की जांच कराई गई थी। जांच में मंसूरी चावल की जगह कोई अन्य चावल देने पाया गया है। संबंधित फर्म को नोटिस भेजा गया है। - वैभव श्रीवास्तव, डीएम
विज्ञापन