फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Road safety tips

वाहन चलते समय बरतें सावधानी, परिवार कर रहा है आपका इंतजार

Fri, 10 Dec 2021 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 02:11 AM IST
विज्ञापन
Road safety tips
ट्राली के पीछे रिफ्लेक्टर लगाते एआरटीओ अमिताभ राय। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा ने लोगों को सड़क सुरक्षा को लेकर जानकारी दी। कहा- वाहन चलाते समय सावधानी बरते। परिवार आप का इंतजार कर रहा है। इस दौरान वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर भी लगाए गए।
विज्ञापन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि सिर हमारे शरीर का नियंत्रण केंद्र है। इस पर चोट मौत का कारण होती है। इसलिए हेलमेट का इस्तेमाल जरूरत करें। एआरटीओ अमिताभ राय ने ग्रामीण क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं के कारणों के विषय में बताया। कहा कि ग्रामीण सड़कों से मुख्य मार्ग पर बाइक चालक बिना देखे मुख्य सड़क पर आ जाते हैं और बड़े वाहनों से टकराकर दुर्घटना का कारण बनते हैं। ट्रैक्टर ट्राली के पीछे अभियान चलाकर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जाने पर जोर दिया।
विज्ञापन

कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना घातक साबित हो सकता है। एआरटीओ ने बुलेट बाइक के साइलेंसर को मॉडिफाई करके चलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। मॉडिफाइड साइलेंसर वाले दो पहिया वाहनों पर कार्रवाई को लेकर भी कहा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एसडीएम बीसलपुर राकेश गुप्ता ने सड़क सुरक्षा की जानकारी दी। सीओ प्रशांत सिंह ने दुर्घटनाओं के कारण होने वाली हानि के बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सड़क सुरक्षा प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इधर, एआरटीओ ऑफिस में सेव लाइफ फाउंडेशन लखनऊ द्वारा ऑनलाइन ट्रक, बस, ऑटो चालकों का फर्स्ट रिस्पांडर ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चालकों को घटना के कारणों के विषय में प्रशिक्षण दिया गया। विशेष तौर पर दुर्घटना के पश्चात किस तरीके से दुर्घटना में घायल व्यक्ति को मदद पहुंचाई जाए।

बताया गया कि चालक, परिचालक ही प्रथम व्यक्ति होता है जो कि दुर्घटना को देखता है। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसे गोल्डन आवर कहते हैं। इसमें घायल व्यक्ति को मदद मिली बहुत आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed