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पहली से धान खरीद को अब तक पूरी नहीं व्यवस्था
ब्यूरो/पीलीभीत
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:49 PM IST
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शासन के निर्देश पर पहली अक्तूबर से धान खरीद होनी है लेकिन विभाग ने अभी तक व्यवस्थाएं पूरी नहीं की हैं। क्रय केंद्रों का निर्धारण हो गया है लेकिन उन पर है हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्ति तय नहीं हो पा रही है। जबकि मंडी में धान की आवक होने लगी है।
तराई के इस जनपद में गेहूं गन्ने के साथ धान प्रमुख फसल हैं। इसके लिए प्रति वर्ष शासन के निर्देश पर खरीद केंद्र स्थापित कर पहली अक्तूबर से खरीद कराई जाती है। गत वर्ष विभाग में तैयारियां पूरी कर क्षेत्र में खरीद के लिए कमर कस ली थी लेकिन इस बार खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का गृह जनपद होने बाद भी तैयारियां माकूल नहीं हैं। यह विडंबना है कि खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री के गृह जनपद में खाद्य एवं विपणन विभाग में एक अधिकारी तक तैनात नहीं हो सका। इस पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। जैसे तैसे चल रहे व्यवस्थाओं ही तैयारियां कराई जा रही हैं। धान खरीद को जिले में फिलहाल 98 क्रय केंद्र खोलने पर सहमति बनी है लेकिन अभी इनकी संख्या में बदलाव हो सकता है। वहीं दूसरा सबसे बड़ा पहलू हैंडलिंग ठेकेदार की नियुक्ति का है। क्रय एजेंसियों के केंद्र को निर्धारित हो गए हैं लेकिन ठेकेदारों का चयन नहीं हो पा रहा है। इसमें जिले में दो मंत्रियों का होना भी कही न कहीं परेशानी का सबब बना हुआ है।
आरएफसी के टेंडर हुए निरस्त
धान खरीद के लिए आरएफसी को मंडल में 46 क्रय केंद्र खोलने थे। इसके लिए पिछले दिनों बरेली में टेंडर प्रक्रिया की गई लेकिन डिफाल्टर, ब्लैकलिस्टिेड लोगों के टेंडर शामिल होने सहित कई अनियमितताओं की शिकायत पर पूरे मंडल के टेंडर निरस्त कर दिए गए। इसमें 14 टेंडर पीलीभीत के भी हैं। अब इनके पुन: टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
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तराई के इस जनपद में गेहूं गन्ने के साथ धान प्रमुख फसल हैं। इसके लिए प्रति वर्ष शासन के निर्देश पर खरीद केंद्र स्थापित कर पहली अक्तूबर से खरीद कराई जाती है। गत वर्ष विभाग में तैयारियां पूरी कर क्षेत्र में खरीद के लिए कमर कस ली थी लेकिन इस बार खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का गृह जनपद होने बाद भी तैयारियां माकूल नहीं हैं। यह विडंबना है कि खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री के गृह जनपद में खाद्य एवं विपणन विभाग में एक अधिकारी तक तैनात नहीं हो सका। इस पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। जैसे तैसे चल रहे व्यवस्थाओं ही तैयारियां कराई जा रही हैं। धान खरीद को जिले में फिलहाल 98 क्रय केंद्र खोलने पर सहमति बनी है लेकिन अभी इनकी संख्या में बदलाव हो सकता है। वहीं दूसरा सबसे बड़ा पहलू हैंडलिंग ठेकेदार की नियुक्ति का है। क्रय एजेंसियों के केंद्र को निर्धारित हो गए हैं लेकिन ठेकेदारों का चयन नहीं हो पा रहा है। इसमें जिले में दो मंत्रियों का होना भी कही न कहीं परेशानी का सबब बना हुआ है।
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आरएफसी के टेंडर हुए निरस्त
धान खरीद के लिए आरएफसी को मंडल में 46 क्रय केंद्र खोलने थे। इसके लिए पिछले दिनों बरेली में टेंडर प्रक्रिया की गई लेकिन डिफाल्टर, ब्लैकलिस्टिेड लोगों के टेंडर शामिल होने सहित कई अनियमितताओं की शिकायत पर पूरे मंडल के टेंडर निरस्त कर दिए गए। इसमें 14 टेंडर पीलीभीत के भी हैं। अब इनके पुन: टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
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