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Pilibhit News: अवैध तरीके से जिले में पहुंचे बांग्लादेशी दंपती व शरण देने वाले पर रिपोर्ट दर्ज
Thu, 06 Feb 2025 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 06 Feb 2025 01:14 AM IST
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पीलीभीत। नेपाल के वीजा से माधोटांडा क्षेत्र के तराई इलाके में अवैध तरीके से आए बांग्लादेशी दंपती के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। दंपती को शरण देने वाले को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने बुधवार को बांग्लादेशी दंपती का चालान कर दिया है।
माधोटांडा थाने में तैनात उपनिरीक्षक प्रद्युम्न कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि चार फरवरी को एसएसबी के सहायक कमांडेंट हरविंदर सिंह के जरिए दूरभाष से तीन बांग्लादेशी नागरिकों के गांव कंजिया सिंहपुर निवासी सबुज राय के घर में रहने की सूचना दी गई।
सहायक कमांडेंट समेत एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ कंजिया सिंहपुर में सबुज राय के घर पर पहुंचे। घर में बांग्लादेशी दंपती मिले। महिला की गोद में चार साल की बच्ची भी थी। पूछताछ में अपना नाम मृदुल मंडल पुत्र वासुदेव (30) निवासी ब्रिटीसोला बटियाघाटा थाना बायरंगा जनपद खुलना बांग्लादेश बताया। वहीं महिला ने अपना नाम मिति टिकदार (28) बताया। दोनों ने पति-पत्नी होने की बात कही। एक चार वर्षीय पुत्री जिसका नाम तियासा मंडल उर्फ टिया बताया।
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टीम दंपती को थाने लेकर आई और पूछताछ की। थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 61 (2) व विदेशी अधिनियम की धारा 14ए के तहत दंपती और शरण देने वाले सबुज राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार को पुलिस ने दंपती का चालान कर दिया।
नौ जनवरी 2025 को नेपाल का टूरिस्ट वीजा बनवाया
बांग्लादेशी दंपती ने बताया कि कई साल पूर्व उसके रिश्तेदार सबुज राय पुत्र पवन राय भारत में आकर रहने लगे। उनकी मिलने की इच्छा थी। बांग्लादेश से भारत का वीजा नहीं बन सका। इसके बाद नौ जनवरी 2025 को नेपाल का टूरिस्ट वीजा बनवाया। फ्लाइट का टिकट मिलने पर 27 जनवरी को ढाका बांग्लादेश से काठमांडू नेपाल आए थे। इसके बाद सड़क मार्ग से बाबाथान के रास्ते होकर झूला पुल पर पहुंचे। जहां रिश्तेदार सबुज राय उन्हें लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद से घर में ही रह रहे हैं।
यह हुई बरामदगी
पकड़े गए बांग्लादेशी दंपती के पास से बिना सिम का एक टच मोबाइल फोन मिला। इसके अलावा दंपती और बच्ची का पासपोर्ट और नेपाल राष्ट्र के वीजा की मूल प्रति। तीन बोर्डिंग पास मिले।
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माधोटांडा थाने में तैनात उपनिरीक्षक प्रद्युम्न कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि चार फरवरी को एसएसबी के सहायक कमांडेंट हरविंदर सिंह के जरिए दूरभाष से तीन बांग्लादेशी नागरिकों के गांव कंजिया सिंहपुर निवासी सबुज राय के घर में रहने की सूचना दी गई।
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सहायक कमांडेंट समेत एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ कंजिया सिंहपुर में सबुज राय के घर पर पहुंचे। घर में बांग्लादेशी दंपती मिले। महिला की गोद में चार साल की बच्ची भी थी। पूछताछ में अपना नाम मृदुल मंडल पुत्र वासुदेव (30) निवासी ब्रिटीसोला बटियाघाटा थाना बायरंगा जनपद खुलना बांग्लादेश बताया। वहीं महिला ने अपना नाम मिति टिकदार (28) बताया। दोनों ने पति-पत्नी होने की बात कही। एक चार वर्षीय पुत्री जिसका नाम तियासा मंडल उर्फ टिया बताया।
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टीम दंपती को थाने लेकर आई और पूछताछ की। थाना प्रभारी अशोक पाल ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 61 (2) व विदेशी अधिनियम की धारा 14ए के तहत दंपती और शरण देने वाले सबुज राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार को पुलिस ने दंपती का चालान कर दिया।
नौ जनवरी 2025 को नेपाल का टूरिस्ट वीजा बनवाया
बांग्लादेशी दंपती ने बताया कि कई साल पूर्व उसके रिश्तेदार सबुज राय पुत्र पवन राय भारत में आकर रहने लगे। उनकी मिलने की इच्छा थी। बांग्लादेश से भारत का वीजा नहीं बन सका। इसके बाद नौ जनवरी 2025 को नेपाल का टूरिस्ट वीजा बनवाया। फ्लाइट का टिकट मिलने पर 27 जनवरी को ढाका बांग्लादेश से काठमांडू नेपाल आए थे। इसके बाद सड़क मार्ग से बाबाथान के रास्ते होकर झूला पुल पर पहुंचे। जहां रिश्तेदार सबुज राय उन्हें लेकर गांव पहुंचे। इसके बाद से घर में ही रह रहे हैं।
यह हुई बरामदगी
पकड़े गए बांग्लादेशी दंपती के पास से बिना सिम का एक टच मोबाइल फोन मिला। इसके अलावा दंपती और बच्ची का पासपोर्ट और नेपाल राष्ट्र के वीजा की मूल प्रति। तीन बोर्डिंग पास मिले।