फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Rain in pilibhit

तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से कटाई से बची गेहूं की फसल तबाह

Mon, 27 Apr 2020 12:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2020 12:28 AM IST
विज्ञापन
Rain in pilibhit
पीलीभीत। किसानों पर इस बार प्रकृति की भयंकर मार पड़ी है। पकने के समय बारिश से गेहूं का दाना कमजोर हो गया, फिर कटाई के वक्त लॉकडाउन ने हाथ रोक दिए। फिर जैसे तैसे मंडी जाने की छूट मिली। जिनका गेहूं कटने और गहाई से बच गया, वह रविवार को तेज हवा और बेमौसम बारिश और ओले गिरने से तबाह हो गया। अभी लगभग 20 फीसदी किसानों का गेहूं कटना बाकी है। मौसम विभाग ने 27 और 28 अप्रैल को भी तेज हवा के साथ कहीं हल्की मध्यम तो भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।
विज्ञापन

दो दिन से आसमान में बादल अपना रंग बदल रहे थे। रविवार सुबह अचानक सुबह बादल छाए और फिर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। पूरनपुर और घंघचाई, गुलाबटांडा, गजरौला समेत ग्रामीण इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज हवा चली और दस मिनट तक ओले गिरे। घुंघचाई में तो काफी बड़े ओले गिरने से किसानों की गेहूं की फसल तबाह हो गई। रविवार को न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 29.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह 5:34 बजे सूर्योदय होने के बाद से ही बादल छा गए और कुछ देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद पूरे दिन बादलों की गड़गड़ाहट के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। 11 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पूरे दिन में 15 से 20 मिमी. बारिश का अनुमान है।
विज्ञापन

मौसम विभाग ने 27 और 28 अप्रैल को भी तेज हवा और भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। भूमध्य सागर में उठे पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आगामी दो दिन तक तेज हवा के साथ बारिश की आशंका बनी हुई है। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि आगामी दो दिन तक 18 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। कहीं हल्की मध्यम तो कहीं भारी बारिश होगी। दो दिन तक सूर्य के दर्शन नहीं होंगे। 29 अप्रैल को मौसम खुलेगा। हालांकि इस दिन भी आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

20 प्रतिशत गेहूं कटना बाकी
ग्रामीण इलाकों में अभी कम से कम 20 प्रतिशत गेहूं कटना बाकी था। हालांकि कंबाइन से कटने वाला अधिकतर गेहूं तो कट चुका है। मगर, हाथ से कटने वाला गेहूं अभी किसान काट रहे हैं। जो गेहूं कट चुका है, किसान उसकी गहाई करने में लगे हैं। कुछ किसानों का गेहूूं घर या खेत में खुले में लगा है, बारिश से वह भीग चुका है। गीले गेहूं को बेचने में परेशानी होगी। उप कृषि निदेशक यशराज सिंह ने भी स्वीकार किया कि अभी कुछ गेहूं कटना बाकी रह गया था। मगर, बारिश हो गई। इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed