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पूरनपुर चीनी मिल का घाटा हुआ 3.65 अरब रुपये
अमर उजाला ब्यूरो पूरनपुर।
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:05 PM IST
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चीनी मिल की बैठक
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- बीते पेराई सत्र के 33.45 करोड़ हानि की बैलेंस सीट पास
- 25 नवंबर तक चीनी मिल चलाने का हुआ निर्णय
डीएम की अध्यक्षता में दि किसान सहकारी चीनी मिल प्रबंध समिति की हुई बैठक में पंद्रह नये क्रय केंद्र की मांग का प्रस्ताव पास हुआ। इसके अलावा 25 नवंबर तक चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू करने, पेराई सत्र के लिए जीरो प्रतिशत हानि का लक्ष्य रखने का निर्णय हुआ। इससे पहले वर्ष 2015-16 की 33 करोड़ 45 लाख रुपये हानि की बैलेंस सीट पास की गई। इसी के साथ चीनी मिल अपने पुराने घाटे के साथ 3.65 अरब के घाटे पर पहुंच गई है। इससे पहले डीएम ने चीनी मिल परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य को भी देखा और कार्य गुणवत्ता परक और शीघ्र कराने के निर्देश चीनी मिल जीएम को दिए।
डीएम मासूम अली सरवर की अध्यक्षता में दि किसान सहकारी चीनी मिल प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में क्षेत्र में गन्ने की कमी का हवाला देते हुए 15 नये क्रय केंद्रों की मांग की गई। बैठक में कहा गया कि चीनी मिल मरम्मत का करीब सत्तर प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तय हुआ कि 25 नवंबर तक चीनी मिल का पेराई सत्र हर हाल में शुरू कर दिया जाए। गन्ना उठान की व्यवस्था बेहतर करने, चीनी मिल यार्ड की मरम्मत को छह लाख रुपये स्वीकृत किए गए। बैठक में वर्ष 2015-16 की 33 करोड़ 45 लाख रुपये हानि की बैलेंस सीट पास की गई। बैठक में उपाध्यक्ष नूर मोहम्मद, एसडीएम नन्हें लाल, संचालक अमित मिश्रा, सर्वेश कुमार, मतलूब हसन, सरजीत, रामऔतार भारती, चीफ इंजीनियर पीके श्रीवास्तव, चीफ कैमिस्ट सीवी सिंह, सीसीओ एके भट्ट, सीए तीर्थराम मौर्य आदि थे। संचालन चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक एएस पोरस ने किया। चीनी मिल कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर चीनी मिल पेराई सत्र को 28 लाख क्विंटल गन्ना उपलब्ध कराने, सालों से संविदा पर तैनात कर्मचारियों के नियमित न होने तक नई भर्तियों पर रोक लगाने की मांग की।
लगातार बढ़ता जा रहा है घाटा
पूरनपुर। दि सहकारी चीनी मिल का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुरू के पांच छह साल चीनी मिल घाटे में नहीं रही। इसके बाद से घाटा होना शुरू हो गया। वर्ष 2015-16 में 33 करोड़ 45 लाख रुपये का घाटा हुआ। इसको लेकर चीनी मिल अब 3.65 अरब के घाटे पर पहुंच गई है।
- 25 नवंबर तक चीनी मिल चलाने का हुआ निर्णय
डीएम की अध्यक्षता में दि किसान सहकारी चीनी मिल प्रबंध समिति की हुई बैठक में पंद्रह नये क्रय केंद्र की मांग का प्रस्ताव पास हुआ। इसके अलावा 25 नवंबर तक चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू करने, पेराई सत्र के लिए जीरो प्रतिशत हानि का लक्ष्य रखने का निर्णय हुआ। इससे पहले वर्ष 2015-16 की 33 करोड़ 45 लाख रुपये हानि की बैलेंस सीट पास की गई। इसी के साथ चीनी मिल अपने पुराने घाटे के साथ 3.65 अरब के घाटे पर पहुंच गई है। इससे पहले डीएम ने चीनी मिल परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य को भी देखा और कार्य गुणवत्ता परक और शीघ्र कराने के निर्देश चीनी मिल जीएम को दिए।
डीएम मासूम अली सरवर की अध्यक्षता में दि किसान सहकारी चीनी मिल प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में क्षेत्र में गन्ने की कमी का हवाला देते हुए 15 नये क्रय केंद्रों की मांग की गई। बैठक में कहा गया कि चीनी मिल मरम्मत का करीब सत्तर प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तय हुआ कि 25 नवंबर तक चीनी मिल का पेराई सत्र हर हाल में शुरू कर दिया जाए। गन्ना उठान की व्यवस्था बेहतर करने, चीनी मिल यार्ड की मरम्मत को छह लाख रुपये स्वीकृत किए गए। बैठक में वर्ष 2015-16 की 33 करोड़ 45 लाख रुपये हानि की बैलेंस सीट पास की गई। बैठक में उपाध्यक्ष नूर मोहम्मद, एसडीएम नन्हें लाल, संचालक अमित मिश्रा, सर्वेश कुमार, मतलूब हसन, सरजीत, रामऔतार भारती, चीफ इंजीनियर पीके श्रीवास्तव, चीफ कैमिस्ट सीवी सिंह, सीसीओ एके भट्ट, सीए तीर्थराम मौर्य आदि थे। संचालन चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक एएस पोरस ने किया। चीनी मिल कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर चीनी मिल पेराई सत्र को 28 लाख क्विंटल गन्ना उपलब्ध कराने, सालों से संविदा पर तैनात कर्मचारियों के नियमित न होने तक नई भर्तियों पर रोक लगाने की मांग की।
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लगातार बढ़ता जा रहा है घाटा
पूरनपुर। दि सहकारी चीनी मिल का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुरू के पांच छह साल चीनी मिल घाटे में नहीं रही। इसके बाद से घाटा होना शुरू हो गया। वर्ष 2015-16 में 33 करोड़ 45 लाख रुपये का घाटा हुआ। इसको लेकर चीनी मिल अब 3.65 अरब के घाटे पर पहुंच गई है।
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