{"_id":"5f5fba838ebc3efba656cd10","slug":"protest-pilibhit-news-bly41983622","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी में पांच वर्ष की संविदा पर भड़के युवा बेरोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी में पांच वर्ष की संविदा पर भड़के युवा बेरोजगार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। समूह ख और ग की भर्ती नियमावली में बदलाव की जानकारी पर बेरोजगार बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थी भड़क उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन शहर विधायक और एसडीएम सदर को सौंपा। ज्ञापन में समूह ख और ग पदों पर नियुक्ति एवं विनियमितीकरण नियमावली के प्रस्ताव को मंजूर न किए जाने की मांग की है।
शहर विधायक के कैंप कार्यालय पर सोमवार को पहुंचे बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने विधायक संजय सिंह गंगवार को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश सरकार समूह ख और ग के पदों पर नियुक्ति (संविदा पर) एवं विनियमितीकरण नियमावली को लाने के विचार में है। यह नियमावली पूर्व में गतिमान भर्तियों पर भी लागू होगी। संविदा पर नियुक्ति और संविदा आधारित मानदेय अभ्यर्थी की उन तमाम आशाओं पर कलंक साबित होगा, जो उन्होंने कॅरियर बनाने के लिए संजो रखी हैं। पांच वर्षीय संविदा की अवधि भ्रष्टाचार और धन उगाही को प्रेरित करेगी। दूसरी ओर संविदा कर्मी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में भी बाधा उत्पन्न होगी। योग्य चयनित व्यक्ति को पांच वर्ष तक बार-बार अपनी योग्यता साबित करनी होगी। ऐसे में वह अनंत काल तक योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया में उलझकर रह जाएगा। व्यवस्था का संपूर्ण ढांचा अस्त व्यस्त हो जाएगा। ज्ञापन में कहा गया कि इस तरह की किसी भी नियमावली के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी न दी जाए। यदि इस मामले में सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने पर विवश होना पड़ेगा। इससे पूर्व बीटीसी अभ्यर्थियों ने सांसद वरुण गांधी के संसदीय कार्यालय और एसडीएम सदर अविनाश चंद्र मौर्य को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सुनील कुमार, कृष्णपाल, दुष्यंत सिंह, अक्षत चित्रांश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
शहर विधायक के कैंप कार्यालय पर सोमवार को पहुंचे बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने विधायक संजय सिंह गंगवार को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश सरकार समूह ख और ग के पदों पर नियुक्ति (संविदा पर) एवं विनियमितीकरण नियमावली को लाने के विचार में है। यह नियमावली पूर्व में गतिमान भर्तियों पर भी लागू होगी। संविदा पर नियुक्ति और संविदा आधारित मानदेय अभ्यर्थी की उन तमाम आशाओं पर कलंक साबित होगा, जो उन्होंने कॅरियर बनाने के लिए संजो रखी हैं। पांच वर्षीय संविदा की अवधि भ्रष्टाचार और धन उगाही को प्रेरित करेगी। दूसरी ओर संविदा कर्मी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में भी बाधा उत्पन्न होगी। योग्य चयनित व्यक्ति को पांच वर्ष तक बार-बार अपनी योग्यता साबित करनी होगी। ऐसे में वह अनंत काल तक योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया में उलझकर रह जाएगा। व्यवस्था का संपूर्ण ढांचा अस्त व्यस्त हो जाएगा। ज्ञापन में कहा गया कि इस तरह की किसी भी नियमावली के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी न दी जाए। यदि इस मामले में सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने पर विवश होना पड़ेगा। इससे पूर्व बीटीसी अभ्यर्थियों ने सांसद वरुण गांधी के संसदीय कार्यालय और एसडीएम सदर अविनाश चंद्र मौर्य को भी ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सुनील कुमार, कृष्णपाल, दुष्यंत सिंह, अक्षत चित्रांश आदि शामिल रहे।
विज्ञापन