पीलीभीत मामला: कैसे वायरल हुआ दुष्कर्म पीड़िता की आपबीती का वीडियो, कौन है गुनहगार? लापरवाही के लिए दंडित होंगे विवेचक
कोतवाल हरीश वर्धन ने मंगलवार को बताया कि वीडियो वायरल करने के मामले में मीरापुर जहानाबाद निवासी प्रदीप कुमार और नौगवां पकड़िया निवासी सोनू शर्मा गिरफ्तार हो गए हैं। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है, जबकि दुष्कर्म का आरोपी सुहेल अशरफ नौ जून को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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दुष्कर्म पीड़िता के बयान का वीडियो वायरल करने के मामले में विवेचक की लापरवाही सामने आ रही है। पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए सीओ की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस अधीक्षक ने सात दिन के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट से लेकर स्थानीय कोर्ट तक दुष्कर्म के मामलों में बेहद गंभीर हैं। हर हाल में पहचान उजागर न होने देने के आदेश हैं, लेकिन एक महिला दरोगा की लापरवाही से पीड़िता का एक ऐसा बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उसने अपनी पूरी आपबीती बयां की है। महिला को इसकी जानकारी तब मिली जब वायरल होते-होते वीडियो मोहल्ले तक पहुंच गया। इस मामले में यह बात भी सामने आ रही है कि दुष्कर्म के आरोपी ने पीड़िता के बयान को और अधिक वायरल कराया ताकि वह बदनाम हो सके।
दुष्कर्म पीड़िता के बयान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। कोतवाली में जब चार-चार कंप्यूटर सिस्टम लगे हैं। कंप्यूटर चलाने वाले कर्मचारी भी तैनात हैं तो फिर किसी बाहर की दुकान पर जाकर पीड़िता के बयान की डीवीडी बनवाने का जोखिम क्यों उठाया गया? इस सवाल का जवाब विवेचक कुछ भी दें पर प्रथम दृष्टया उनकी लापरवाही को एसपी भी स्वीकार करते हैं। एसपी ने कहा कि सीओ सिटी सुनील दत्त सात दिनों में अपनी जांच पूरी करेंगे। जांच होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।