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पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण कल
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:03 PM IST
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पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडगेज ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण कल
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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पीलीभीत-भोजीपुरा ब्राडेगज ट्रैक का दस नवंबर को सीआरएस निरीक्षण होगा। इसी दिन शाम को स्पीड ट्रायल भी होगा। यदि सब ठीक रहा तो इस साल लोगों को बड़ी रेल लाइन पर सफर का मौका मिल सकेगा।
पीलीभीत-टनकपुर रेल मार्ग पर ब्राडगेज को हरी झंडी मिलने के बाद प्रथम चरण में पीलीभीत-भोजीपुरा मार्ग पर दस माह पूर्व ब्लाक लिया गया था। करीब 38 किमी लंबे ट्रैक पर शुरुआती दौर में काफी धीमी गति से कार्य हुआ। मई में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा के दौरे के बाद ब्राडगेज का काम तेज हुआ। महाप्रबंधक को अफसरों ने सितंबर तक कार्य पूरा होने की बात कही थी। इस बीच सीआरएस का प्रस्ताव भेज दिया गया और 20 अक्तूबर को सीआरएस की तिथि निर्धारित कर दी गई। रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार वाजपेई के नेतृत्व में आई सीआरएस टीम ने भोजीपुरा से पीलीभीत तक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कार्य अधूरे मिले और खामियां भी पाई गईं। इससे स्पीड ट्रायल कैंसिल कर दिया गया था। रेल संरक्षा आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताई। एक दिन बाद ही अधूरे कार्य होने के बावजूद गलत रिपोर्ट पर उप मुख्य सिंग्नल एवं दूरसंचार निर्माण मानवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
भोजीपुरा से सुबह सवा नौ बजे शुरू होगा निरीक्षण
अब पुन: सीआरएस निरीक्षण की तिथि दस नवंबर तय की गई है। रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर परिमंडल प्रभात कुमार मोटर ट्राली से भोजीपुरा से पीलीभीत तक ब्राडगेज कार्यों का निरीक्षण करेंगे। मंडल कार्यालय के पीआरओ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि इसके बाद शाम 4.15 बजे से पांच बजे के बीच पीलीभीत-भोजीपुरा तक स्पीड ट्रायल होगा। रेल संरक्षा आयुक्त के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण संजीव राय, मुख्य इंजीनियर निर्माण रामजनम, मुख्य संरक्षा अधिकारी एनके अंबिकेश, मुख्य इंजीनियर पीके खुराना, डीआरएम निखिल पांडेय आदि शामिल रहेंगे।
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अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुटे अफसर
सीआरएस की तिथि निर्धारित होने के बाद रेल अफसर तेजी से अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुट गए हैं। पहले सीआरएस से सबक लेकर अफसर अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं, ऐसे में दिन रात एक कर कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। लिंकिंग, सिंग्नल समेत अन्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
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पीलीभीत-टनकपुर रेल मार्ग पर ब्राडगेज को हरी झंडी मिलने के बाद प्रथम चरण में पीलीभीत-भोजीपुरा मार्ग पर दस माह पूर्व ब्लाक लिया गया था। करीब 38 किमी लंबे ट्रैक पर शुरुआती दौर में काफी धीमी गति से कार्य हुआ। मई में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्रा के दौरे के बाद ब्राडगेज का काम तेज हुआ। महाप्रबंधक को अफसरों ने सितंबर तक कार्य पूरा होने की बात कही थी। इस बीच सीआरएस का प्रस्ताव भेज दिया गया और 20 अक्तूबर को सीआरएस की तिथि निर्धारित कर दी गई। रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार वाजपेई के नेतृत्व में आई सीआरएस टीम ने भोजीपुरा से पीलीभीत तक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कार्य अधूरे मिले और खामियां भी पाई गईं। इससे स्पीड ट्रायल कैंसिल कर दिया गया था। रेल संरक्षा आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताई। एक दिन बाद ही अधूरे कार्य होने के बावजूद गलत रिपोर्ट पर उप मुख्य सिंग्नल एवं दूरसंचार निर्माण मानवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया।
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भोजीपुरा से सुबह सवा नौ बजे शुरू होगा निरीक्षण
अब पुन: सीआरएस निरीक्षण की तिथि दस नवंबर तय की गई है। रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर परिमंडल प्रभात कुमार मोटर ट्राली से भोजीपुरा से पीलीभीत तक ब्राडगेज कार्यों का निरीक्षण करेंगे। मंडल कार्यालय के पीआरओ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि इसके बाद शाम 4.15 बजे से पांच बजे के बीच पीलीभीत-भोजीपुरा तक स्पीड ट्रायल होगा। रेल संरक्षा आयुक्त के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण संजीव राय, मुख्य इंजीनियर निर्माण रामजनम, मुख्य संरक्षा अधिकारी एनके अंबिकेश, मुख्य इंजीनियर पीके खुराना, डीआरएम निखिल पांडेय आदि शामिल रहेंगे।
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अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुटे अफसर
सीआरएस की तिथि निर्धारित होने के बाद रेल अफसर तेजी से अधूरे कार्यों को पूरा कराने में जुट गए हैं। पहले सीआरएस से सबक लेकर अफसर अब कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं, ऐसे में दिन रात एक कर कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। लिंकिंग, सिंग्नल समेत अन्य कार्य पूरे कर लिए गए हैं।