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तेंदुए ने घर में घुसकर बकरी को बनाया निवाला
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माधोटांडा/गभिया सहराई (पीलीभीत)। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे बूंदीभूड गांव में रात एक घर में घुसे तेंदुए ने बकरी को निवाला बना लिया। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पगचिह्न ट्रेस किए और ग्रामीणों को सतर्क करने की अपील की।
सीमा से सटे बूंदीभूड़ गांव और इसके आसपास इलाके में पिछले दो साल से तेंदुओं का आतंक है। तेंदुए मवेशियों को अक्सर शिकार बना रहे हैं। इधर गांव बूंदीभूड़ निवासी सुरेश राजभर का परिवार करीब 10 बजे खाना खाकर सो गया। इस बीच एक तेंदुए ने उनके घर में घुसकर बंधी बकरी को दबोच लिया और खींचकर पास के खेत में निवाला बना डाला। आहट पाकर लोगों ने शोरशराबा शुरू कर दिया। जिससे तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना नौजल्हा वन चौकी को दी। जिस पर वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत और रवि यादव मौके पर पहुंचे, खेत में पगचिह्न ट्रेस किए। वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत ने बताया कि पगचिह्न तेंदुए के हैं। ग्रामीणों के शोर मचाने के पर तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपने मवेशियों को घर या पशुशाला में सुरक्षित रखने के साथ स्वयं सतर्क रहने की भी अपील की।
गत वर्ष पकड़े गए थे दो तेंदुआ
इलाके में तेंदुए की दस्तक बराबर बनी हुई है। एक ओर शारदा नदी और दूसरी ओर जगबूड़ा नदी है। यहां अलग-अलग टुकड़ों में जंगल भी है। चारों ओर आबादी होने से जंगल से निकले तेंदुए अक्सर घरों या पशुशाला में घुसकर मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। हालांकि गत वर्ष हुई घटनाओं के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कैमरों से निगरानी के साथ दो नर और मादा तेंदुआ पकड़ा था और टाइगर रिजर्व के दूसरे जंगल क्षेत्र में छुड़वा दिया था। इसके बावजूद तेंदुओं की सक्रियता में कमी नहीं आई है। कभी रमनगरा क्षेत्र में तो कभी पुरैना ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र में कभी बॉर्डर से सटे बंदरभोज और बूंदीभूड़ में तेंदुआ लगाकर मवेशियों को शिकार बना रहा है।
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नौजलहा चौकी क्षेत्र में बूंदीभूड़ गांव में तेंदुए द्वारा बकरी उठाने की बात सामने आई है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा था। ठंड की वजह से तेंदुओं की सक्रियता बढ़ी है। ग्रामीणों का सतर्क रहने को कहा गया है।
- डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी बराही रेंज।
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सीमा से सटे बूंदीभूड़ गांव और इसके आसपास इलाके में पिछले दो साल से तेंदुओं का आतंक है। तेंदुए मवेशियों को अक्सर शिकार बना रहे हैं। इधर गांव बूंदीभूड़ निवासी सुरेश राजभर का परिवार करीब 10 बजे खाना खाकर सो गया। इस बीच एक तेंदुए ने उनके घर में घुसकर बंधी बकरी को दबोच लिया और खींचकर पास के खेत में निवाला बना डाला। आहट पाकर लोगों ने शोरशराबा शुरू कर दिया। जिससे तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना नौजल्हा वन चौकी को दी। जिस पर वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत और रवि यादव मौके पर पहुंचे, खेत में पगचिह्न ट्रेस किए। वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत ने बताया कि पगचिह्न तेंदुए के हैं। ग्रामीणों के शोर मचाने के पर तेंदुआ अधखाई बकरी को छोड़कर भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपने मवेशियों को घर या पशुशाला में सुरक्षित रखने के साथ स्वयं सतर्क रहने की भी अपील की।
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गत वर्ष पकड़े गए थे दो तेंदुआ
इलाके में तेंदुए की दस्तक बराबर बनी हुई है। एक ओर शारदा नदी और दूसरी ओर जगबूड़ा नदी है। यहां अलग-अलग टुकड़ों में जंगल भी है। चारों ओर आबादी होने से जंगल से निकले तेंदुए अक्सर घरों या पशुशाला में घुसकर मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। हालांकि गत वर्ष हुई घटनाओं के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कैमरों से निगरानी के साथ दो नर और मादा तेंदुआ पकड़ा था और टाइगर रिजर्व के दूसरे जंगल क्षेत्र में छुड़वा दिया था। इसके बावजूद तेंदुओं की सक्रियता में कमी नहीं आई है। कभी रमनगरा क्षेत्र में तो कभी पुरैना ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र में कभी बॉर्डर से सटे बंदरभोज और बूंदीभूड़ में तेंदुआ लगाकर मवेशियों को शिकार बना रहा है।
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नौजलहा चौकी क्षेत्र में बूंदीभूड़ गांव में तेंदुए द्वारा बकरी उठाने की बात सामने आई है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा था। ठंड की वजह से तेंदुओं की सक्रियता बढ़ी है। ग्रामीणों का सतर्क रहने को कहा गया है।
- डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी बराही रेंज।