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Pilibhit News: थमा प्रचार का शोर, घर-घर संपर्क, फोन और सोशल मीडिया पर जोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। पहले चरण का चुनाव प्रचार बुधवार शाम पांच बजे थम गया। प्रत्याशियों ने पूरे दिन प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। जनसभाएं और रोड शो किए। जगह-जगह कार्यक्रम हुए। अब सियासी दलों के कार्यकर्ता और प्रत्याशी घर-घर संपर्क में जुटेंगे। फोन और सोशल मीडिया के सहारे मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास होगा।
पीलीभीत लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है। नामांकन प्रक्रिया के बाद से शुरू हुआ चुनाव प्रचार शाम छह बजे थम गया। इस बीच प्रत्याशियों ने लोकसभा सीट की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं की। जनसंपर्क कार्यक्रम किए। कार्यकर्ता सम्मेलन और रोड शो भी निकाले।
प्रमुख दलों के स्टार प्रचारकों ने भी अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाएं की। प्रचार के अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। एक ही दिन में कई जगह कार्यक्रम कर जन समर्थन मांगा गया। कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मतदाताओं के घर पहुंचे। अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। चुनाव प्रचार थमने के बाद अब घर-घर संपर्क के सहारे मतदाताओं को मनाया जाएगा।
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फोन और सोशल मीडिया का सहारा
चुनाव प्रचार थमने के बाद फोन और सोशल मीडिया मतदाताओं तक पहुंचने का माध्यम बनेंगे। कार्यकर्ता और पदाधिकारी फोन से मतदाताओं को साधने का प्रयास करेंगे। सोशल मीडिया पर भी मतदान की अपील शुरू हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर भी आयोग की पूरी नजर है।
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बाहरी गए शहर से बाहर, मतदाताओं को मनाने में जुटी स्थानीय टीम
पीलीभीत। प्रत्याशियों के समर्थन में शहर और कस्बों में डेरा जमाए बाहरी लोगों ने चुनाव प्रचार थमते ही वापसी की राह पकड़ ली। कई दिन से फुल शहर के होटलों के अधिकतर कमरे बुधवार को खाली हो गए। अब स्थानीय टीम अपनी कार्ययोजना के क्रियान्वयन में जुट गई है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही जिले में बाहरी लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। शहर के सभी होटलों के अधिकतर कमरे बुक हो गए। अन्य स्थानों पर भी बाहरी लोगों का ठिकाना बन गया। भले ही इन लोगों ने जिले में आने का कारण कुछ और बताया।
असली मकसद तो अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील करना था। यह लोग अपने स्तर से प्रचार में जुटे रहे। कुछ ने तो प्रत्याशियों के साथ खुलकर वोट मांगे, तो कुछ चोरी-छिपे वोटों का समीकरण साधने में लगे रहे। बुधवार शाम चुनाव प्रचार थमते ही इन बाहरी लोगों ने वापसी का रास्ता पकड़ा तो होटलों के कमरे भी खाली होने लगे।
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स्थानीय कार्यकर्ताओं की कार्ययोजना आएगी काम
चुनाव प्रचार थमने के बाद से मतदान समाप्त होने तक स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम की योजना के बड़े मायने हैं। माना जाता है कि मतदाताओं का मन अंतिम समय में भी बदल जाता है। ऐसे में स्थानीय कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशी की ओर से इसकी निगरानी और मतदाताओं को मनाने का काम करेंगे।
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120 लोगों को जारी किया गया है नोटिस
चुनाव को लेकर जिले के अलग- अलग होटलों में काफी लोग ठहरे हुए है। जो कि बाहर के भी है। ऐसे में मतदान से पहले उनको यहां से वापस भेजना है। पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया सभी की जांच की जा रही है। उनको ट्रेस किया जा रहा है। अब तक 120 ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है।
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पीलीभीत। पहले चरण का चुनाव प्रचार बुधवार शाम पांच बजे थम गया। प्रत्याशियों ने पूरे दिन प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी। जनसभाएं और रोड शो किए। जगह-जगह कार्यक्रम हुए। अब सियासी दलों के कार्यकर्ता और प्रत्याशी घर-घर संपर्क में जुटेंगे। फोन और सोशल मीडिया के सहारे मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास होगा।
पीलीभीत लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होना है। नामांकन प्रक्रिया के बाद से शुरू हुआ चुनाव प्रचार शाम छह बजे थम गया। इस बीच प्रत्याशियों ने लोकसभा सीट की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं की। जनसंपर्क कार्यक्रम किए। कार्यकर्ता सम्मेलन और रोड शो भी निकाले।
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प्रमुख दलों के स्टार प्रचारकों ने भी अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाएं की। प्रचार के अंतिम दिन पूरी ताकत झोंक दी। एक ही दिन में कई जगह कार्यक्रम कर जन समर्थन मांगा गया। कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी मतदाताओं के घर पहुंचे। अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। चुनाव प्रचार थमने के बाद अब घर-घर संपर्क के सहारे मतदाताओं को मनाया जाएगा।
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फोन और सोशल मीडिया का सहारा
चुनाव प्रचार थमने के बाद फोन और सोशल मीडिया मतदाताओं तक पहुंचने का माध्यम बनेंगे। कार्यकर्ता और पदाधिकारी फोन से मतदाताओं को साधने का प्रयास करेंगे। सोशल मीडिया पर भी मतदान की अपील शुरू हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर भी आयोग की पूरी नजर है।
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बाहरी गए शहर से बाहर, मतदाताओं को मनाने में जुटी स्थानीय टीम
पीलीभीत। प्रत्याशियों के समर्थन में शहर और कस्बों में डेरा जमाए बाहरी लोगों ने चुनाव प्रचार थमते ही वापसी की राह पकड़ ली। कई दिन से फुल शहर के होटलों के अधिकतर कमरे बुधवार को खाली हो गए। अब स्थानीय टीम अपनी कार्ययोजना के क्रियान्वयन में जुट गई है।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही जिले में बाहरी लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। शहर के सभी होटलों के अधिकतर कमरे बुक हो गए। अन्य स्थानों पर भी बाहरी लोगों का ठिकाना बन गया। भले ही इन लोगों ने जिले में आने का कारण कुछ और बताया।
असली मकसद तो अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील करना था। यह लोग अपने स्तर से प्रचार में जुटे रहे। कुछ ने तो प्रत्याशियों के साथ खुलकर वोट मांगे, तो कुछ चोरी-छिपे वोटों का समीकरण साधने में लगे रहे। बुधवार शाम चुनाव प्रचार थमते ही इन बाहरी लोगों ने वापसी का रास्ता पकड़ा तो होटलों के कमरे भी खाली होने लगे।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की कार्ययोजना आएगी काम
चुनाव प्रचार थमने के बाद से मतदान समाप्त होने तक स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीम की योजना के बड़े मायने हैं। माना जाता है कि मतदाताओं का मन अंतिम समय में भी बदल जाता है। ऐसे में स्थानीय कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशी की ओर से इसकी निगरानी और मतदाताओं को मनाने का काम करेंगे।
120 लोगों को जारी किया गया है नोटिस
चुनाव को लेकर जिले के अलग- अलग होटलों में काफी लोग ठहरे हुए है। जो कि बाहर के भी है। ऐसे में मतदान से पहले उनको यहां से वापस भेजना है। पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया सभी की जांच की जा रही है। उनको ट्रेस किया जा रहा है। अब तक 120 ऐसे लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है।