पूरनपुर/पीलीभीत। नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चंद्रा ने सोमवार को मंडी समिति पीलीभीत और पूरनपुर पहुंचकर धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इसके अलावा फत्तेहपुर गोशाला और गढ़वाखेड़ा गन्ना सेंटर की व्यवस्थाएं परखीं। इस दौरान किसानों से बातचीत कर समस्याएं सुनी।
नोडल अधिकारी पहले मंडी समिति पीलीभीत पहुंचे। यहां व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। फिर वह पूरनपुर मंडी पहुंचे और धान खरीद केंद्रों को देखा। एफसीआई खरीद केंद्र के कई दिनों से बंद होने पर अफसरों ने बताया कि खरीद केंद्र प्रभारी चावल उतार में ड्यूटी कर रहे हैं। इसके बाद खुले में पड़े धान के ढेरों को बरसात से बचाने का इंतजाम न होने पर नाराजगी जताई। कहा कि किसानों को तिरपाल दी जाए। धान बिकने के बाद किसान से इसे वापस ले लें। खरीद केंद्रों पर प्रतिदिन छह सौ क्विंटल के बजाय एक हजार क्विंटल धान की खरीद कराने के निर्देश दिए। धान खरीद में सुतली का खर्चा लेने की शिकायत पर खर्चा लेने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई कराने के निर्देश डिप्टी आरएमओ को दिए। अधिकांश किसानों ने 15-20 दिन से धान की बिक्री को मंडी में पड़े होने की बात बताई। यह भी कहा कि एक बार में 50 क्विंटल धान तुलवाने के नियम पर दिक्कत है। उन्होंने खाद्य आयुक्त से बात कर इस सीमा को तत्काल हटवाने को कहा। किसान रामौतार ने धान खरीद के बाद पर्ची न देने की शिकायत की। इस पर उन्होंने केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। किसानों ने नहरों में पानी के रोस्टर, खाद आदि की समस्याएं बताई। जिनका निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। प्रति एकड़ पर एक बैग यूरिया अतिरिक्त मिलने की बात कही। मंडी के बाद नोडल अफसर ने गढ़वाखेड़ा पहुंचकर गन्ना खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। किसानों से एसएमएस से मिल रही गन्ना सप्लाई पर्ची की जानकारी की। गन्ना से भरी एक ट्राली को अपने सामने तुलवाया। स्पष्ट कहा कि किसानों को दिक्कत नहीं आनी चाहिए। फत्तेहपुर सिंहपुर पहुंचकर गोशाला का निरीक्षण किया। पशुओं को ठंड से बचाने और अच्छा चारा खिलाने के निर्देश दिए। सीएचसी में कोल्ड चेन के निरीक्षण की आशंका पर सीएचसी में व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई थी, लेकिन वहां नोडल अफसर नहीं पहुंचे। इस मौके पर सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा, जिला गन्नाधिकारी जितेंद्र मिश्र, परियोजना निदेशक अनिल कुमार आदि मौजूद थे।