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Pilibhit News: जंगल सफारी के लिए अब नहीं लगानी होगी लंबी कतार, घर बैठे एक क्लिक पर बुकिंग
Mon, 21 Sep 2026 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:42 AM IST
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चूका बीच का सिग्नेचर गेट।
पीलीभीत। जंगल सफारी का रोमांच लेने और वन्य क्षेत्रों में ठहरने की योजना बनाने वाले पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में सफारी वाहन और रेस्ट हाउस बुक कराने के लिए बुकिंग काउंटरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वन निगम की ओर से इंटीग्रेटेड बुकिंग पोर्टल बनकर तैयार हो गया है। आगामी एक से सात अक्तूबर तक आयोजित होने वाले वन्यजीव सप्ताह में इसे पर्यटकों को समर्पित किए जाने की उम्मीद है।
पोर्टल शुरू होने के बाद सैलानी घर बैठे अपनी पसंद की तारीख पर पर्यटन सेवाओं की उपलब्धता देखकर ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे।पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र के दौरान मुस्तफाबाद, महोफ और बराही गेट से सफारी वाहनों का संचालन होता है। पर्यटक सफारी के जरिये जंगल की सैर करने के साथ चूका बीच समेत अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं। अभी सफारी वाहन बुक कराने के लिए पर्यटकों को संबंधित गेटों पर बने बुकिंग काउंटरों पर जाना पड़ता है।
पर्यटन सत्र में सैलानियों की संख्या बढ़ने पर काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार सफारी वाहन उपलब्ध नहीं होने से पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ता है। शासन के निर्देश पर वन निगम ने इंटीग्रेटेड बुकिंग पोर्टल तैयार किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व और वन्यजीव क्षेत्रों की पर्यटन सेवाओं को एक ही ऑनलाइन मंच पर उपलब्ध कराना है।
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पोर्टल के माध्यम से पर्यटक पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व, कतरनियाघाट (बहराइच), अमानगढ़ और रानीपुर टाइगर रिजर्व समेत अन्य क्षेत्रों की सफारी और ठहरने की सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि इंटीग्रेटेड बुकिंग पोर्टल शुरू होने से काउंटरों पर लगने वाली भीड़ और पर्यटकों की परेशानी खत्म होगी। पर्यटकों को बिना वजह कतार में लगने या बार-बार जानकारी जुटाने का झंझट नहीं झेलना पड़ेगा। ऑनलाइन साइट पर पूरी पारदर्शिता रहेगी और सैलानी अपनी सुविधानुसार आसानी से बुकिंग करा सकेंगे।
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उपलब्धता के साथ बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता
इंटीग्रेटेड पोर्टल पर सफारी वाहनों और रेस्ट हाउस की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति प्रदर्शित की जाएगी। पर्यटक अपनी सुविधानुसार तारीख का चयन कर बुकिंग करा सकेंगे। इससे बुकिंग को लेकर जानकारी जुटाने, काउंटरों पर भीड़ में खड़े होने और बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी। व्यवस्था पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर संचालित किए जाने की बात कही गई है। पोर्टल तैयार होने के बाद अब इसके संचालन की तैयारी है।
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पोर्टल शुरू होने के बाद सैलानी घर बैठे अपनी पसंद की तारीख पर पर्यटन सेवाओं की उपलब्धता देखकर ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे।पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र के दौरान मुस्तफाबाद, महोफ और बराही गेट से सफारी वाहनों का संचालन होता है। पर्यटक सफारी के जरिये जंगल की सैर करने के साथ चूका बीच समेत अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं। अभी सफारी वाहन बुक कराने के लिए पर्यटकों को संबंधित गेटों पर बने बुकिंग काउंटरों पर जाना पड़ता है।
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पर्यटन सत्र में सैलानियों की संख्या बढ़ने पर काउंटरों पर लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार सफारी वाहन उपलब्ध नहीं होने से पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ता है। शासन के निर्देश पर वन निगम ने इंटीग्रेटेड बुकिंग पोर्टल तैयार किया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व और वन्यजीव क्षेत्रों की पर्यटन सेवाओं को एक ही ऑनलाइन मंच पर उपलब्ध कराना है।
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पोर्टल के माध्यम से पर्यटक पीलीभीत टाइगर रिजर्व के साथ दुधवा टाइगर रिजर्व, कतरनियाघाट (बहराइच), अमानगढ़ और रानीपुर टाइगर रिजर्व समेत अन्य क्षेत्रों की सफारी और ठहरने की सुविधाओं की जानकारी ले सकेंगे। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि इंटीग्रेटेड बुकिंग पोर्टल शुरू होने से काउंटरों पर लगने वाली भीड़ और पर्यटकों की परेशानी खत्म होगी। पर्यटकों को बिना वजह कतार में लगने या बार-बार जानकारी जुटाने का झंझट नहीं झेलना पड़ेगा। ऑनलाइन साइट पर पूरी पारदर्शिता रहेगी और सैलानी अपनी सुविधानुसार आसानी से बुकिंग करा सकेंगे।
उपलब्धता के साथ बुकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता
इंटीग्रेटेड पोर्टल पर सफारी वाहनों और रेस्ट हाउस की उपलब्धता की वास्तविक स्थिति प्रदर्शित की जाएगी। पर्यटक अपनी सुविधानुसार तारीख का चयन कर बुकिंग करा सकेंगे। इससे बुकिंग को लेकर जानकारी जुटाने, काउंटरों पर भीड़ में खड़े होने और बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी कम होगी। व्यवस्था पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर संचालित किए जाने की बात कही गई है। पोर्टल तैयार होने के बाद अब इसके संचालन की तैयारी है।