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पेड़ कटान की छूट पर एनजीटी ने लगाई रोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पीलीभीीत
Updated Tue, 02 Jan 2018 07:31 PM IST
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tree cutting
प्रदेश सरकार ने दो माह 31 अक्तूबर 2017 को पांच प्रमुख प्रजातियों को छोड़कर शेष सभी प्रकार के पेड़ों के कटान पर छूट प्रदान कर थी। इस पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने रोक लगा दी है। इससे पेड़ों का कटान अब प्रतिबंधित हो गया है।
जंगल क्षेत्र से बाहर खेत खलिहानों में खड़े पेड़ों की कुछ प्रजातियों शीशम, सेमल, पीपल, सीरस आदि काटने पर शासन ने प्रतिबंध लगा रखा था। इस पर पिछले दिनों प्रदेश सरकार के वन एवं वन्यजीव अनुभाग ने दिनांक 31 अक्तूबर 2017 प्रतिबंध हटाकर छह प्रमुख प्रजातियों आम, नीम, साल, महुआ, खैर और सागौन (टीक) को छोड़कर शेष सभी प्रजातियों के कटान को फ्री कर दिया था, अर्थात इसके लिए किसी भी प्रकार की परमिट आदि की जरूरत नहीं थी। शासन के इस आदेश को एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने निरस्त कर दिया गया। एनजीटी द्वारा छूट के आदेश को निरस्त किए जाने से अब जिले मेें पेड़ों का कटान पुन: बंद हो गया है। जरूरी होने पर पूर्व की भांति विभाग से परमिट लेने के बाद ही पेड़ों का कटान कराया जा सकेगा। सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी छूट को एनजीटी द्वारा निरस्त कर दिया गया है। अब पहले की भांति विभाग सगे परमिट लेना अनिवार्य हो गया है।
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जंगल क्षेत्र से बाहर खेत खलिहानों में खड़े पेड़ों की कुछ प्रजातियों शीशम, सेमल, पीपल, सीरस आदि काटने पर शासन ने प्रतिबंध लगा रखा था। इस पर पिछले दिनों प्रदेश सरकार के वन एवं वन्यजीव अनुभाग ने दिनांक 31 अक्तूबर 2017 प्रतिबंध हटाकर छह प्रमुख प्रजातियों आम, नीम, साल, महुआ, खैर और सागौन (टीक) को छोड़कर शेष सभी प्रजातियों के कटान को फ्री कर दिया था, अर्थात इसके लिए किसी भी प्रकार की परमिट आदि की जरूरत नहीं थी। शासन के इस आदेश को एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने निरस्त कर दिया गया। एनजीटी द्वारा छूट के आदेश को निरस्त किए जाने से अब जिले मेें पेड़ों का कटान पुन: बंद हो गया है। जरूरी होने पर पूर्व की भांति विभाग से परमिट लेने के बाद ही पेड़ों का कटान कराया जा सकेगा। सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी छूट को एनजीटी द्वारा निरस्त कर दिया गया है। अब पहले की भांति विभाग सगे परमिट लेना अनिवार्य हो गया है।
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