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Pilibhit News: 200 हॉटस्पॉट के बावजूद फॉगिंग गायब, मलेरिया के रोगी बढ़े

Thu, 17 Sep 2026 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 01:20 AM IST
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Despite 200 hotspots, fogging is missing; malaria cases have risen.
शहर के गंगोत्रीपुरम कॉलोनी में आवासों के पीछे जमी गंदगी।संवाद
पीलीभीत। जिले में मलेरिया का प्रकोप बढ़ने के बीच मच्छर नियंत्रण व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने संक्रमण रोकने के लिए 200 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर नियमित फॉगिंग और दवा के छिड़काव का दावा फिलहाल गायब दिख रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई जगह जलभराव और गंदगी के बीच लोग मच्छरों की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायतों के बावजूद कई मोहल्लों में नियमित कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आ रही है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अगस्त तक 96 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई थी। सितंबर में अब तक यह संख्या बढ़कर 130 हो चुकी है। सरकारी केंद्रों पर सामने आए मरीजों के अतिरिक्त निजी पैथोलॉजी सेंटरों में भी मलेरिया व डेंगू की जांच में संक्रमित मिलने की जानकारी मिल रही है। हालांकि निजी प्रयोगशालाओं के आंकड़ों की रिपोर्टिंग व्यवस्था को लेकर स्थिति साफ नहीं है। संवाद
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नखासा से पकड़िया नौगवां तक हालात खराब
शहर के नखासा, डालचंद, फीलखाना, बेनीचौधरी, खकरा और काला मंदिर समेत पकड़िया नौगवां के कई हिस्सों में पानी जमा है। नालियों की सफाई नहीं होने और लंबे समय से रुके पानी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई बार छिड़काव और फॉगिंग की मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
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सितंबर और अक्टूबर में मौसम बदलने के साथ मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में चिह्नित संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी, लार्वा नष्ट करने और दवा छिड़काव की जरूरत रहती है। इसके बावजूद जमीनी शिकायतें विभागीय दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर की ओर इशारा कर रही हैं।
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फीवर डेस्क बनीं शोपीस
मरीजों में बुखार की शुरुआती जांच के लिए सीएचसी से जिला अस्पताल तक फीवर डेस्क स्थापित की गई थीं। इनका उद्देश्य चिकित्सक को दिखाने से पहले मरीज का तापमान और स्वास्थ्य स्थिति जांचना था। शुरुआत में इन काउंटरों पर कर्मचारियों की तैनाती दिखाई दी, लेकिन अब कई जगह कोई कर्मचारी नजर नहीं आता। इससे व्यवस्था महज औपचारिकता बनकर रह गई है।

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सीएमओ बोले- अभियान जारी
सीएमओ डॉ बीसी पंत का कहना है कि मलेरिया नियंत्रण के लिए विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं। संवेदनशील इलाकों में फॉगिंग, दवा छिड़काव और निगरानी कराई जा रही है। उनके मुताबिक पिछले वर्षों की तुलना में जिले में मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।
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