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मकर संक्रांति की धूप के बाद तीन दिन बादल औा बारिश के लिए तैयार रहिए
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पीलीभीत। मकर संक्रांति के दिन गुनगुनी धूप खिलने से 10 दिन बाद लोगों को शीतलहर और गलन से निजात मिलती दिखी। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने घरों के बाहर और पार्कों में बैठकर गुनगुनी धूप का आनंद लिया। मगर, अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम एक बार करवट बदलने जा रहा है। मकर संक्रांति की धूप के बाद कम से कम तीन दिन तक बादल रहने और बारिश होने का अनुमान है। अब 19 जनवरी को ही मौसम साफ होने की उम्मीद है।
बुधवार को सुबह से हल्का कोहरा रहने के बाद शाम तक गुनगुनी धूप खिली। लंबे समय बाद शीतलहर से निजात मिलने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की दिनचर्या नियमित दिखी। न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि देर शाम मौसम में अचानक परिवर्तन दिखा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर से सक्रिय हो चुका है। कहा गया कि बुधवार देर रात तक इसका असर पहाड़ी और मैदानी इलाकों में शुरू हो जाएगा। 16 से 18 जनवरी तक रिमझिम-रिमझिम बारिश होगी। ठंडी हवा चलेगी। एक बार फिर शीतलहर और गलन पड़ेगी। सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि भूमध्य सागर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। इससे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के अलावा तराई के मैदानी इलाकों में बादल, बारिश और बर्फबारी होने के प्रबल आसार हैं। कम से कम तीन दिन तक बादल छाए रहेंगे। सूर्यदेव के दर्शन न के बराबर होंगे। शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। बर्फीली हवा चलेगी। हल्की मध्यम बारिश होती रहेगी। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
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बुधवार को सुबह से हल्का कोहरा रहने के बाद शाम तक गुनगुनी धूप खिली। लंबे समय बाद शीतलहर से निजात मिलने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की दिनचर्या नियमित दिखी। न्यूनतम तापमान 12.0 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 20.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि देर शाम मौसम में अचानक परिवर्तन दिखा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर से सक्रिय हो चुका है। कहा गया कि बुधवार देर रात तक इसका असर पहाड़ी और मैदानी इलाकों में शुरू हो जाएगा। 16 से 18 जनवरी तक रिमझिम-रिमझिम बारिश होगी। ठंडी हवा चलेगी। एक बार फिर शीतलहर और गलन पड़ेगी। सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा। लखनऊ आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता ने बताया कि भूमध्य सागर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। इससे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों के अलावा तराई के मैदानी इलाकों में बादल, बारिश और बर्फबारी होने के प्रबल आसार हैं। कम से कम तीन दिन तक बादल छाए रहेंगे। सूर्यदेव के दर्शन न के बराबर होंगे। शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा। बर्फीली हवा चलेगी। हल्की मध्यम बारिश होती रहेगी। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
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