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Pilibhit News: एक करोड़ के घोटाले की जानकारी छुपाने पर प्रभारी मंत्री हुए नाराज

Sat, 28 Mar 2026 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 12:48 AM IST
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Minister in charge got angry over hiding information about Rs 1 crore scam
पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय के एक करोड़ के घोटाले के आरोपी कर्मचारी इल्हाम शम्सी का मुद्दा प्रभारी मंत्री की बैठक में गूंजा तो जांच की सुस्त रफ्तार की हकीकत भी खुल गई। अफसर हरकत में आ गए। पुलिस ने विवेचना की गति तो बढ़ाई, लेकिन आरोपी पर अभी जांच का शिकंजा कस नहीं सका है। हालांकि जिले के इतने बड़े घोटाले से प्रभारी मंत्री के अनभिज्ञता जताने पर अफसरों की घटनाएं छिपाने की कार्यशैली भी सामने आ गई।
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बीसलपुर के इंटर कॉलेज में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी नियमों की अनदेखी कर करीब आठ वर्षों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से संबद्ध था। इस दौरान उसने जमकर कमाई का खेल खेला। अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अपनी पत्नी अर्शी खातून समेत कई महिलाओं, साले और अन्य करीबियों के खाते में रुपये भेजे। चर्चा कि उसकी तीन अन्य पत्नियां भी हैं। इनमें कई खाते दूसरे प्रदेशों में है। बताया जा रहा है कि उसने डीआईओएस कार्यालय से कमाई धनराशि को बरेली की फर्म में भी निवेश किया है। अन्य संपत्तियों की खरीद की चर्चा भी है। मामला खुलने पर डीएम के निर्देश पर आरोपी पर रिपोर्ट तो दर्ज करा दी गई, लेकिन पुलिस की सुस्त कार्यशैली से आरोपी एक माह बाद अग्रिम जमानत ले आया। हालांकि उसकी पत्नी अर्शी खातून अभी जेल में है।
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जांच की सुस्त रफ्तार
आरोपी इल्हाम शम्सी मामले की जांच की सुस्त रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सिर्फ 35 खाते ही सामने आए हैं। डीआईओएस कार्यालय के एक कर्मचारी को निलंबित किया गया। अन्य अफसर और कर्मचारी अभी जांच की आंच से बाहर हैं। पुलिस भी आरोपी को पकड़ नहीं सकी।
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प्रभारी मंत्री बोले- होगी सख्त कार्रवाई
बृहस्पतिवार को जिले के प्रभारी मंत्री की प्रेस वार्ता में घोटाले मामले से संबंधित सवाल पूछा गया तो उन्होंने जानकारी न होने की बात कहीं। अफसरों और पार्टी पदाधिकारियों से जानकारी ली। अफसरों से नाराजगी भी जताई। प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख ने बताया कि अफसरों और पार्टी के लोगों को इस बारे में बताना चाहिए था। कहा कि इस तरह के मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवाद
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