यूपी: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब आठ माह तक घूम सकेंगे सैलानी, एक नवंबर से शुरू होगा पर्यटन सत्र
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब पर्यटन सत्र एक नवंबर से 30 जून तक आठ महीने चलेगा। सरकार ने सभी टाइगर रिजर्व के लिए यह अवधि निर्धारित की है। इससे पर्यटकों को जंगल देखने का एक माह अतिरिक्त समय मिलेगा।
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जंगल की हरियाली, बाघों की अठखेलियां और वन्यजीवों की दुनिया करीब से देखने की चाह रखने वाले सैलानियों के लिए अच्छी खबर है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में अब पर्यटन के लिए सात नहीं, बल्कि पूरे आठ महीने का समय मिलेगा। शासन ने प्रत्येक टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र की अवधि निर्धारित करते हुए एक नवंबर से 30 जून तक रिजर्व को पर्यटकों के लिए खोलने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही हर साल पर्यटन सत्र शुरू करने की तारीख को लेकर बनी रहने वाली असमंजस की स्थिति भी खत्म हो गई है।
देश-दुनिया में अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगल और बाघों की मौजूदगी के कारण पहचान बना चुके पीलीभीत टाइगर रिजर्व में अब तक सामान्य तौर पर 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटन संचालित होता रहा है। मानसून के दौरान वन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही रोक दी जाती है। हालांकि पिछले वर्ष पहली बार सत्र का आगाज 15 दिन पहले यानी एक नवंबर को किया गया था और 30 जून तक भ्रमण की अनुमति दी गई थी। इससे पहले वर्ष 2024-25 का पर्यटन सत्र छह नवंबर से शुरू हुआ था।
एक महीने अतिरिक्त मिलेगा जंगल देखने का मौका
नई व्यवस्था लागू होने से सैलानियों को पहले की अपेक्षा करीब एक माह अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी। शासनादेश मिलने के बाद रिजर्व प्रशासन ने आगामी सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पिछले सत्र में पर्यटकों की आमद ने बनाया नया रिकॉर्ड
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वर्ष 2025-26 का पर्यटन सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। शुरुआत में जंगल घूमने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। बाद के महीनों में जर्जर मार्गों और कुछ नियमों की पाबंदियों के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी आई। सत्र के अंतिम दौर में एक बार फिर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा। नतीजा यह रहा कि समापन तक पहुंचते-पहुंचते पर्यटकों की कुल आमद ने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए।
टाइगर रिजर्व प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक एक नवंबर 2025 से शुरू हुए सत्र में 56,783 पर्यटक जंगल पहुंचे। इनमें 56,567 भारतीय और 216 विदेशी सैलानी शामिल रहे। पर्यटकों की इस आमद से विभाग को 1,62,02,707 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले सत्र में 1,60,03,136 रुपये की आय हुई थी। इस तरह पिछली अवधि की तुलना में विभाग की कमाई में भी इजाफा दर्ज किया गया।
पीटीआर एफडी पीपी सिंह ने बताया कि इस बार पर्यटन सत्र को एक नवंबर से 30 जून तक संचालित करने के निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए पीटीआर में सैलानियों की सुविधाओं से जुड़ी तैयारियों पर लगातार काम किया जा रहा है।