Master Plan-2031: पीलीभीत में लागू हुई महायोजना-2031, 2622 हेक्टेयर भूमि की गई आरक्षित
शासन से महायोजना की 14 अगस्त को मंजूरी मिली थी। इसके बाद इसे लागू करने के निर्देश दिए गए। शुक्रवार को डीएम संजय कुमार सिंह ने शासन की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया है।
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पीलीभीत में बहुप्रतिक्षित महायोजना की शासन से मंजूरी होने के बाद इसे शुक्रवार से लागू कर दिया गया। लोगों को जानकारी देने के लिए अब बुकलेट को छपवाया जा रहा है। महायोजना का मानचित्र भी एनआईसी पर लोड कर दिया गया है। इसे देखा जा सकता है। नई महायोजना में 2622 हेक्टेयर भूमि विनियमित क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई है।
महायोजना 2031 का खाका तैयार करने की शुरुआत वर्ष 2022 से की गई थी। शहर के अलावा इससे लगे 40 गांवों का जीआईएस आधारित सर्वे किया गया था। इसके बाद सुझाव और आपत्तियां मांगी गईं थीं। आपत्तियों की सुनवाई के बाद निस्तारण किया गया। भौतिक सत्यापन के बाद महायोजना 2031 के विभिन्न बिंदुओं पर प्रशासन द्वारा मंथन किया गया।
इसके बाद तैयार हुई महायोजना 2031 को गत वर्ष अक्तूबर में शासन को भेजा गया था। हालांकि बाद में इस पर आपत्तियां लगती रहीं, मगर प्रशासनिक स्तर पर इन आपत्तियों का निस्तारण कर लिया गया। पिछले दिनों शासन स्तर पर महायोजना का प्रस्तुतीकरण भी हो चुका है। शासन के अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकरण ने महायोजना 2031 को मंजूरी दे दी है।
शासन से महायोजना की 14 अगस्त को मंजूरी मिली थी। इसके बाद इसे लागू करने के निर्देश दिए गए। शुक्रवार को डीएम संजय कुमार सिंह ने शासन की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया है। अब महायोजना की लोगों को जानकारी देने के लिए बुकलेट को छपवाया जा रहा है।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से महायोजना की मंजूरी मिल गई थी। नक्शा आदि मंगवाने के बाद इसे शुक्रवार से लागू कर दिया गया है। इसी के आधार पर शहर में कार्य करवाए जाएंगे।
नई महायोजना में इस तरह से होंगे काम
नई महायोजना 2.74 लाख आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। महायोजना 2011 में 1557 हेक्टेयर भूमि विनियमित क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई थी। वहीं महायोजना 2031 में इसका दायरा बढ़ाते हुए इसे 2622 हेक्टेयर किया गया है। इसमें आवासीय के लिए 49.5 प्रतिशत, कामर्शियल के लिए 3.4 प्रतिशत, ग्रीन बेल्ट के लिए 15.6 प्रतिशत व यातायात परिवहन के 13.8 प्रतिशत क्षेत्रफल आरक्षित किया गया है।
शासन के निर्देशानुसार नई महायोजना में टनकपुर हाईवे से असम हाईवे को जोड़ने वाले टनकपुर बाइपास इलाके का समुचित विकसित किया जाएगा। यहां नया बस स्टैंड, ट्रांसपोर्ट नगर आदि प्रस्तावित है। नई महायोजना में हाईवे के दोनों ओर 30 मीटर चौड़े ग्रीन बेल्ट के बाद तीन सौ मीटर हाई फैसिलिटी जोन भी बनाए जाएंगे। इनमें दैनिक उपयोग की दुकानें, रिसॉर्ट, वे-साइड रेस्टोरेंट आदि खुल सकेंगे।