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Pilibhit News: शिक्षिका को सात साल कैद की सजा, बीएड की फर्जी मार्कशीट लगाकर पाई थी नौकरी
Sat, 05 Apr 2025 05:45 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Apr 2025 05:45 PM IST
सार
पीलीभीत में फर्जी शिक्षिका को कोर्ट ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। उसने फर्जी मार्कशीट लगाकर सहायक अध्यापक पद पर नौकरी हासिल की थी। कई साल तक नौकरी भी करती रही।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पीलीभीत में बीएड का फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने वाली शिक्षिका को न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव ने सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। शिक्षिका पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायालय ने शनिवार को यह फैसला सुनाया।
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देवदत्त शर्मा जनता इंटर कॉलेज बरखेड़ा के प्रधानाचार्य दयाराम ने अगस्त 2022 में थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि वर्ष 2015 में क्षमा गुप्ता निवासी ग्राम सुभाषनगर कस्बा व थाना सौरिख तहसील छिबरामऊ जिला कन्नौज ने सहायक अध्यापक हिंदी पद पर ज्वाइन किया था। शिक्षिका ने महात्मा गांधी विद्यापीठ वाराणसी का बीएड अंकपत्र और प्रमाणपत्र लगाया था। वर्ष 2017 में अंकपत्र और प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भेजा गया तो महात्मा गांधी विद्यापीठ वाराणसी की ओर से संबंधित अनुक्रमांक उनके रिकॉर्ड में न होने की जानकारी दी गई।
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इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश पर शिक्षिका पर मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस और दलीलों को सुनने के बाद शिक्षिका क्षमा गुप्ता को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।