{"_id":"60e89acd8ebc3eec6f3204f9","slug":"kisan-pilibhit-news-bly4525981127","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपना हक पाने के लिए किसानों को एकजुट होने की जरूरत : वीएम सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपना हक पाने के लिए किसानों को एकजुट होने की जरूरत : वीएम सिंह
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पूरनपुर। किसान मजदूर मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि वह किसानों के लिए कुछ ऐसा करना चाहते है जो पीढ़ियों तक याद किया जाए। किसान को भी अपना ब्याज समेत भुगतान पाने को एकजुट होकर खुद आगे आकर लड़ाई लड़नी होगी। दिल्ली बॉर्डर की तर्ज पर 15 जुलाई को लखनऊ कूच करने की अपील की।
चीनी मिल में बकाया गन्ना मूल्य, गन्ना मूल्य पर ब्याज का भुगतान न होने समेत अन्य मांगों को लेकर छह जुलाई से चल रहे धरने में वीएम सिंह शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश की 95 में 78 चीनी मिलों में ताले डाल दिए गए थे। गन्ना का मूल्य 280 रुपये से 260 रुपये कर दिया गया। गन्ना मूल्य 240 रुपये भी किया गया। किसानों की लड़ाई कोर्ट में लड़कर अंतर मूल्य का भुगतान कराया। इन दिनों महंगाई के चलते गन्ना फसल की लागत बढ़ गई है। गन्ना मूल्य 450 रुपये रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान और समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने का वायदा किया। मगर किसानों को ब्याज अब तक नहीं मिला। कोर्ट में केन कमिश्नर ने हलफनामा दाखिल किया। मगर इसके बाद भी किसानों का ब्याज समेत भुगतान नहीं मिला। न्यूनतम समर्थन मूल्य की लड़ाई पूरनपुर से ही दो दशक पहले शुरू की थी, जोकि आज तक चल रही है। किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। कहा कि 15 जुलाई को दिल्ली बॉर्डर की तर्ज पर लखनऊ पहुंचने की जरूरत है। इस मौके पर मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, अवतार सिंह, भाकपा माले के सईद खां, देवीदयाल, चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू आदि मौजूद थे। इससे पहले किसान नेता वीएम सिंह ने बरखेड़ा चीनी मिल में इसी तरह से चल रहे धरना प्रदर्शन में प्रतिभाग कर अपनी बात रखी।
भुगतान न होने पर रोकें मिल के चीनी लदे वाहन
पूरनपुर सभा में बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज समेत भुगतान न होने पर रणनीति बनाई। कहा कि चीनी मिल से रोज कई ट्रक चीनी निकलकर बिक्री को जाती है। चीनी पर सबसे पहले किसानों का अधिकार है। बकाया भुगतान न होने पर किसान बाहर जाने वाली चीनी के ट्रकों को रोकें।
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आज बीसलपुर के धरने में होंगे शामिल
बीसलपुर सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में छह जुलाई से चल रहा धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान मजदूर मोर्चा के मंडल संयोजक गुल्लू पहलवान ने बताया कि 10 जुलाई को दोपहर तीन बजे राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करेंगे।
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चीनी मिल में बकाया गन्ना मूल्य, गन्ना मूल्य पर ब्याज का भुगतान न होने समेत अन्य मांगों को लेकर छह जुलाई से चल रहे धरने में वीएम सिंह शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश की 95 में 78 चीनी मिलों में ताले डाल दिए गए थे। गन्ना का मूल्य 280 रुपये से 260 रुपये कर दिया गया। गन्ना मूल्य 240 रुपये भी किया गया। किसानों की लड़ाई कोर्ट में लड़कर अंतर मूल्य का भुगतान कराया। इन दिनों महंगाई के चलते गन्ना फसल की लागत बढ़ गई है। गन्ना मूल्य 450 रुपये रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान और समय से भुगतान न होने पर ब्याज देने का वायदा किया। मगर किसानों को ब्याज अब तक नहीं मिला। कोर्ट में केन कमिश्नर ने हलफनामा दाखिल किया। मगर इसके बाद भी किसानों का ब्याज समेत भुगतान नहीं मिला। न्यूनतम समर्थन मूल्य की लड़ाई पूरनपुर से ही दो दशक पहले शुरू की थी, जोकि आज तक चल रही है। किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। कहा कि 15 जुलाई को दिल्ली बॉर्डर की तर्ज पर लखनऊ पहुंचने की जरूरत है। इस मौके पर मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, अवतार सिंह, भाकपा माले के सईद खां, देवीदयाल, चंदिया हजारा के प्रधान बासुदेव कुंडू आदि मौजूद थे। इससे पहले किसान नेता वीएम सिंह ने बरखेड़ा चीनी मिल में इसी तरह से चल रहे धरना प्रदर्शन में प्रतिभाग कर अपनी बात रखी।
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भुगतान न होने पर रोकें मिल के चीनी लदे वाहन
पूरनपुर सभा में बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज समेत भुगतान न होने पर रणनीति बनाई। कहा कि चीनी मिल से रोज कई ट्रक चीनी निकलकर बिक्री को जाती है। चीनी पर सबसे पहले किसानों का अधिकार है। बकाया भुगतान न होने पर किसान बाहर जाने वाली चीनी के ट्रकों को रोकें।
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आज बीसलपुर के धरने में होंगे शामिल
बीसलपुर सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में छह जुलाई से चल रहा धरना शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान मजदूर मोर्चा के मंडल संयोजक गुल्लू पहलवान ने बताया कि 10 जुलाई को दोपहर तीन बजे राष्ट्रीय संयोजक वीएम सिंह धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करेंगे।