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महिला उत्पीडन और छेड़छाड़ मामलों पर अंकुश लगाने को बनाए रणनीति
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पीलीभीत। राज्य महिला आयोग की सदस्य शशिबाला भारती ने महिला उत्पीड़न मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पीड़ित महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं।
शहर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बृहस्पतिवार को महिला आयोग की सदस्य ने 11 बजे जनसुनवाई शुरू की। इसमें ज्योति भारद्वाज, दीपिका सक्सेना, मीना शैली आदि ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को सुनकर तत्काल निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए। महिलाओं द्वारा पति के छोड़ने, दूसरी शादी करने, ससुराल द्वारा प्रताड़ित करने, दहेज उत्पीड़न आदि से संबंधित मामले उनके समक्ष रखे गए। आयोग सदस्य ने जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ विगत तीन माह में प्राप्त महिला उत्पीड़न केस की आख्या भी देखी। समीक्षा के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों के साथ सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ के संबंध में चर्चा की और उसकी रोकथाम के लिए पुलिस विभाग को रणनीति बनाने के सुझाव दिए। समीक्षा के बाद उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गौहनिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उन्होंने बालिकाओं के रहन सहन, भोजन गुणवत्ता, रसोई घर की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम, एसीएमओ डॉ. बीवी राम, डीआईओएस संत प्रकाश, बीएसए देवेंद्र स्वरूप, जिला समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह समेत सभी थानों के उप निरीक्षक, कन्या सुमंगला योजना की महिला कल्याण अधिकारी सुवर्णा पांडेय सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
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शहर के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बृहस्पतिवार को महिला आयोग की सदस्य ने 11 बजे जनसुनवाई शुरू की। इसमें ज्योति भारद्वाज, दीपिका सक्सेना, मीना शैली आदि ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने महिलाओं की समस्याओं को सुनकर तत्काल निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए। महिलाओं द्वारा पति के छोड़ने, दूसरी शादी करने, ससुराल द्वारा प्रताड़ित करने, दहेज उत्पीड़न आदि से संबंधित मामले उनके समक्ष रखे गए। आयोग सदस्य ने जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ विगत तीन माह में प्राप्त महिला उत्पीड़न केस की आख्या भी देखी। समीक्षा के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों के साथ सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ के संबंध में चर्चा की और उसकी रोकथाम के लिए पुलिस विभाग को रणनीति बनाने के सुझाव दिए। समीक्षा के बाद उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गौहनिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उन्होंने बालिकाओं के रहन सहन, भोजन गुणवत्ता, रसोई घर की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम, एसीएमओ डॉ. बीवी राम, डीआईओएस संत प्रकाश, बीएसए देवेंद्र स्वरूप, जिला समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह समेत सभी थानों के उप निरीक्षक, कन्या सुमंगला योजना की महिला कल्याण अधिकारी सुवर्णा पांडेय सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।