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किसानों पर भारी पड़ रहा नेपाली हाथियों का उत्पात
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पीलीभीत। शारदा नदी के पार कई दिन से उत्पात मचाए नेपाली हाथियों की जंगल से बाहर चहलकदमी जारी है। शुक्रवार रात भी लग्गा भग्गा जंगल से निकले हाथियों ने ढ़किया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में आकर किसानों की कई एकड़ फसलों को रौंद डाला। लगातार हो रहे फसलों के नुकसान से किसान मायूस हैं।
बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा क्षेत्र में दशकों से हाथियों की आमद होती आ रही है। पहले क्षेत्र में जंगल का दायरा अधिक होने के चलते हाथी चहलकदमी कर वापस लौट जाते थे, लेकिन वर्तमान में जंगल का दायरा कम हो गया है। इधर, बीस दिन पूर्व से वैसे तो एक हाथी उत्पात मचाए था, लेकिन सप्ताह भर से इनकी संख्या ग्रामीण पांच बता रहे हैं। रात होते ही हाथी लग्गा भग्गा के जंगल से निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में आ जाते हैं और धान की फसल को रौंद डालते हैं। नुकसान रोकने के लिए किसान पटाखे छोड़कर और पीपे बजाकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण हाथियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। रेंजर वजीर हसन ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। शारदा पार वनकर्मी लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी के पार लग्गा भग्गा क्षेत्र में दशकों से हाथियों की आमद होती आ रही है। पहले क्षेत्र में जंगल का दायरा अधिक होने के चलते हाथी चहलकदमी कर वापस लौट जाते थे, लेकिन वर्तमान में जंगल का दायरा कम हो गया है। इधर, बीस दिन पूर्व से वैसे तो एक हाथी उत्पात मचाए था, लेकिन सप्ताह भर से इनकी संख्या ग्रामीण पांच बता रहे हैं। रात होते ही हाथी लग्गा भग्गा के जंगल से निकलकर ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में आ जाते हैं और धान की फसल को रौंद डालते हैं। नुकसान रोकने के लिए किसान पटाखे छोड़कर और पीपे बजाकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण हाथियों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। रेंजर वजीर हसन ने बताया कि हाथियों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। शारदा पार वनकर्मी लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं।
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