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कोरोना योद्धाओं को सुरक्षा दो सरकार
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पीलीभीत। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रहे हमलों को लेकर आईएमए के डॉक्टरों ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इसमें सभी डॉक्टरों ने काला मास्क, काली पट्टी बांधकर आईएमए भवन पर विरोध जताया और ‘कोरोना योद्धाओं की रक्षा करो’ के नारे लगाए। फिर प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। डॉक्टरों ने पूरे दिन काला मास्क और काली पट्टी बांधकर काम किया। इतना ही नहीं अस्पतालों के गेट पर भी काली पट्टी और प्रोटेक्शन बोर्ड लगे हुए नजर आए।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल और सचिव डॉ. रोहित सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे डॉक्टर बरेली हाईवे पर स्थित आईएमए भवन में एकत्र हुए। उन्होंने डॉक्टरों पर हमले और मारपीट की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने काला बिल्ला, काले झंडे, काले मास्क, काली रिबन और काली शर्ट पहनकर नाराजगी व्यक्त की। आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों की सेवा करते हुए कई डॉक्टरों की जान चली गई, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर पर हमला और मारपीट की घटना होना निंदनीय हैं।
आईएमएम भवन पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पांच सदस्यों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन डीएम पुलकित खरे को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल कराई जाए। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाए जाएं। साथ ही अस्पतालों और डॉक्टरों पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत सुनवाई और सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान हो।
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ज्ञापन देने के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे डॉक्टरों ने अपने अस्पतालों और क्लीनिक पर बैठकर काला फीता बांधकर ही पूरे दिन काम किया। इस दौरान डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. एचसी सचान, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. जेडी गंगवार, डॉ. सतीश गंगवार, डॉ. तरुन सेठी, डॉ. प्रभाकर शर्मा, डॉ. रश्मि आदि मौजूद रहे।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल और सचिव डॉ. रोहित सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे डॉक्टर बरेली हाईवे पर स्थित आईएमए भवन में एकत्र हुए। उन्होंने डॉक्टरों पर हमले और मारपीट की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने काला बिल्ला, काले झंडे, काले मास्क, काली रिबन और काली शर्ट पहनकर नाराजगी व्यक्त की। आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों की सेवा करते हुए कई डॉक्टरों की जान चली गई, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर पर हमला और मारपीट की घटना होना निंदनीय हैं।
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आईएमएम भवन पर विरोध प्रदर्शन करने के बाद कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पांच सदस्यों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन डीएम पुलकित खरे को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए। केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल कराई जाए। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाए जाएं। साथ ही अस्पतालों और डॉक्टरों पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालत सुनवाई और सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान हो।
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ज्ञापन देने के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे डॉक्टरों ने अपने अस्पतालों और क्लीनिक पर बैठकर काला फीता बांधकर ही पूरे दिन काम किया। इस दौरान डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ. पीडी सिंह, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. एचसी सचान, डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. जेडी गंगवार, डॉ. सतीश गंगवार, डॉ. तरुन सेठी, डॉ. प्रभाकर शर्मा, डॉ. रश्मि आदि मौजूद रहे।