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सपनों को देनी है ऊंची उड़ान तो लक्ष्य तय कर उसे पाने में जुटें

Sat, 25 Dec 2021 01:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 01:31 AM IST
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If dreams have to fly high, then set a goal and work towards achieving it.
पीलीभीत के वीरांगना अवंती बाई इंटर कालेज में आयोजित अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद छात् - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। अवंतीबाई इंटर कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता चौरसिया ने छात्राओं को मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए अहम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि सपनों को ऊंची उड़ान देनी है तो पहले लक्ष्य निर्धारित करों फिर उसे पाने में जुट जाओ।
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अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में डॉ. चौरसिया ने नीट व मेडिकल क्षेत्र जुड़ी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जानकारी दी। कहा कि छात्राएं अक्सर बारहवीं के बाद तैयारी शुरू करती हैं जबकि कक्षा नौ से ही अपना रास्ता चुन लेना चाहिए और उसी दिशा में मेहनत करनी चाहिए। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी कक्षा 9 से मेडिकल की तैयारी शुरू करता है और दूसरा बारहवीं में या उसके बाद, तो अंदाजा लगाओ कायमाबी की रेस में कौन आगे निकलेगा। इस दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य अजय चौहान के साथ शिक्षिकाएं शालिनी श्रीवास्तव, रेनू राय, अनुपम, संगीता पटेल ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा निखारने के टिप्स दिए। समाधान विकास समिति विपनेट क्लब संयोजक और सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा ने छात्राओं को काउंसिलिंग दी। इंजीनियर और डाक्टर बनने के लिए प्रेरित किया।
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रुचि होना बेहद जरूरी
डॉ. चौरसिया ने कहा कि बच्चे बायोलॉजी ले तो लेते हैं लेकिन उनको रुचि नहीं होती। दसवीं के बाद वही विषय चुने जिसमें रुचि हो। आपको पढ़ाई करने में मजा आएगा तभी आप उस विषय को गहराई तक पढ़ सकेंगे। मां बाप या किसी दोस्त की बात की बजाये अपने दिल की सुनें।
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रटकर नहीं पढ़कर पा सकते हैं कामयाबी
रटकर सिर्फ परीक्षा पास की जा सकती है, उस विषय का विशेषज्ञ नहीं बना जा सकता। डॉ. चौरसिया ने छात्राओं से कहा कि पढ़ने की आदत डालें न कि रटने की। अगर कोई चीज याद नहीं हो रही तो उसे लिखकर पढ़े।

सिर्फ डॉक्टर ही नहीं कई और रास्ते भी खुलते हैं
ऐसा नहीं है कि बॉयोलाजी से सिर्फ डॉक्टर ही बना जाए। आप रिसर्च, बॉयोटेक्नोलॉजी, पशु चिकित्सा के क्षेत्र में भी जा सकते हैं। आजकल बॉयोटेक्नोलॉजी की ज्यादा डिमांड हैं।
छात्राओं की बातचीत
बॉयोटेक्टनोलॉजी के बारे में काफी अच्छी जानकारी मिली। मुझे डॉक्टर बनना है। - गुनगुन, कक्षा बारह
मुझे आयुर्वेद में जाना है। एक साल से परीक्षा की तैयारी कर रहीं हूं। उम्मीद है कामयाबी मिलगी।
- नेहा, कक्षा बारह
नीट को लेकर मेरे मन जो सवाल थे उसके जवाब मिल गए। नीट की तैयारी कर रहीं हूं।
- अनामिका, कक्षा बारह
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