फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Hygienists , the second soldier

सफाई कर्मी देश के दूसरे सैनिक

Wed, 16 Sep 2015 11:00 PM IST
Pilibhit
Pilibhit Updated Wed, 16 Sep 2015 11:00 PM IST
विज्ञापन
प्रदेशीय सफाई मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र सिंह वाल्मीकि ने कहा कि सफाई कर्मी देश की सेवा दूसरे सैनिक के रूप में करते है। यह सैनिक कश्मीर से कन्याकुमारी तक हाथ में झाड़ू लेकर बिना किसी भेदभाव के जनता की तमाम बीमारियों से रक्षा करते हैं। सफाई कर्मी खुद तो बीमारियों का शिकार हो जाते है, लेकिन देश के लोगों को हर बीमारी से दूर रखते हैं।
विज्ञापन

देश भ्रमण पर निकले राष्ट्रीय अध्यक्ष बुधवार यहां पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका परिषद के सभागार में हुई बैठक में कहा कि अधिकांश सफाई कर्मी सेवानिवृत्त होने से पहले ही मर जाते है। उनका परिवार अपने अधिकार के लिए चक्कर लगाता रहता है। सुनने वाला कोई नहीं होता। पहले मुगलों ने, फिर अंग्रेजों ने शोषण किया। अब आजादी के बाद भी समाज की हालत दयनीय बनी हुई है। बड़ी से बड़ी घोषणाएं तो होती है, लेकिन स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
विज्ञापन

बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि देश भ्रमण के बाद सभी को एकत्र कर सफाई कर्मियों की समस्साओं को देश के सामने रखने का निश्चय किया गया है। बताया कि दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर से दो अक्तूबर को देश के प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। उसमें से कुछ हिस्सा सफाई कर्मचारियों के लिए खर्च कर दिया जाता, तो इनके भी अच्छे दिन आ जाते।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया कि सफाई कर्मियों के परिवारों की जनसंख्या लगभग दस करोड़ है जो नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। करीब 28 हजार लोग सिर पर मैला ढो रहे हैं। बैठक में जिलाध्यक्ष विकास वाल्मीकि, वेद प्रकाश, विट्टन लाल, मुलायम सिंह, मुकेश, दिनेश, सोनू, हरीश सिंह, जितेंद्र कुमार, आदि लोग मौजूद रहे।

यह है उनकी मांगे
1- हर प्रांतों में वेतन अलग-अलग क्यों, जबकि काम एक है।
2- इनकी बस्तियां साफ जगह पर बसाई जाएं।
3- बच्चों की शिक्षा केंद्रीय व आदर्श स्कूलों में हो।
4- पढ़े लिखेे सफाई कर्मचारी को योग्यता अनुसार नौकरी मिले।
5- ठेकेदारी व दैनिक नहीं नियमित पदों पर भर्ती हो।
6- पेंशन लाभ सरकारी कर्मचारी की तरह हो।
7- मृतक आश्रितों को 15 दिन में नौकरी मिले।
8- समय-समय पर डाक्टरी जांच व फ्री मेडिकल कार्ड दिए जाएं।
9- स्वास्थ्य सैनिक का दर्जा दिया जाए।
10- जीवन बीमा कराया जाए ताकि नौकरी के दौरान हुई मौत पर 20 लाख परिवार को मुआवजा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed