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Pilibhit News: एनएचएम चिकित्सक के तबादले पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Sat, 08 Jul 2023 11:56 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 08 Jul 2023 11:56 PM IST
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पीलीभीत। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत ललौरीखेड़ा में तैनात चिकित्सक को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने चिकित्सक के स्थानांतरण संबंधी सीएमओ के आदेश पर रोक लगा दी है।
सीएमओ के आदेश के विरुद्ध चिकित्सक डॉ. इमरान अंसारी ने पहले डीएम और सीएमओ को प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद हाईकोर्ट की शरण ली। उच्च न्यायालय ने चिकित्सक की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानांतरण पर स्थगन आदेश पारित कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में गौरव द्विवेदी बनाम राज्य सरकार केस का हवाला दिया है।
इसमें दिए गए निर्णय के मुताबिक एनएचएम संविदा कार्मिकों का स्थानांतरण नहीं हो सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा संविदा कर्मचारी के विरुद्ध किसी शिकायत के होने पर निर्धारित कमेटी के माध्यम से जांच उपरांत ही तबादला अथवा कार्रवाई करने का प्रावधान है।
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सीएमओ के गले की हड्डी बना तबादला आदेश
एनएचएम संविदा कर्मियों का स्थानांतरण सीएमओ के लिए मुसीबत बन गया है। धीरेंद्र सिंह ने एनएचएम संविदा कर्मियों के तबादलों पर डीएम सहित शासन और मुख्यमंत्री को साक्ष्य सहित पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण की जांच जिलाधिकारी ने सीडीओ धर्मेन्द्र प्रताप सिंह को सौंपी है। सीडीओ ने सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा को भी उनकी ओर से जारी नियम विरुद्ध आदेशों को निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है। दिशा की बैठक के दौरान सांसद वरुण गांधी ने भी डीएम को तबादलों की उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश दिए थे।
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सीएमओ के आदेश के विरुद्ध चिकित्सक डॉ. इमरान अंसारी ने पहले डीएम और सीएमओ को प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद हाईकोर्ट की शरण ली। उच्च न्यायालय ने चिकित्सक की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थानांतरण पर स्थगन आदेश पारित कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में गौरव द्विवेदी बनाम राज्य सरकार केस का हवाला दिया है।
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इसमें दिए गए निर्णय के मुताबिक एनएचएम संविदा कार्मिकों का स्थानांतरण नहीं हो सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा संविदा कर्मचारी के विरुद्ध किसी शिकायत के होने पर निर्धारित कमेटी के माध्यम से जांच उपरांत ही तबादला अथवा कार्रवाई करने का प्रावधान है।
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सीएमओ के गले की हड्डी बना तबादला आदेश
एनएचएम संविदा कर्मियों का स्थानांतरण सीएमओ के लिए मुसीबत बन गया है। धीरेंद्र सिंह ने एनएचएम संविदा कर्मियों के तबादलों पर डीएम सहित शासन और मुख्यमंत्री को साक्ष्य सहित पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण की जांच जिलाधिकारी ने सीडीओ धर्मेन्द्र प्रताप सिंह को सौंपी है। सीडीओ ने सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा को भी उनकी ओर से जारी नियम विरुद्ध आदेशों को निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है। दिशा की बैठक के दौरान सांसद वरुण गांधी ने भी डीएम को तबादलों की उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश दिए थे।