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कोरोना का डर काफूर, बुखार के मरीजों का नहीं कराया जा रहा टेस्ट
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जिला अस्पताल में मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। पिछले साल सितंबर माह में पिछले साल अस्पताल कोरोना के मरीजों से पटे पड़े थे। तब 100 में 80 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे थे। अब स्थिति बदल गई है। सौ में महज एक-दो मरीज ही कोरोना के निकल रहे हैं। लेकिन एहतियात जरूरी है। ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ बीते दिनों की बात हो गई। बुखार के मरीजों के कोरोना टेस्ट भी नहीं करवाए जा रहे हैं।
जिले में बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में 300 से ज्यादा मरीज बुखार के आ रहे हैं। इनमें से किसी को भी कोरोना हो सकता है। लेकिन अब डॉक्टरों को कोरोना का डर नहीं सता रहा है। मरीजों को पास बैठकर देख रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह तो नहीं कह सकते कि कोरोना बिल्कुल खत्म हो गया है, हां केस बहुत कम हैं। वायरल और कोरोना के लक्षण एक समान ही हैं। लेकिन इस समय सौ में से सिर्फ एक-दो को ही कोरोना निकल रहा है।
अलबत्ता वायरल तेजी से फैल रहा है। टेस्ट उसी का कराया जा रहा है जो व्यक्ति किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आया हो। लेकिन डॉक्टर के पास इस सवाल का जवाब नहीं था कि इस बात की क्या गारंटी है कि बुखार से पीड़ित जो मरीज जिला अस्पताल में आ रहे हैं, उनमें किसी को कोरोना नहीं होगा। चिकित्सकों का कहना यह भी है कि पिछले साल जैसे हालत अब नहीं हैं, संदेह पर जांच कराई जा रही है।
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कोविड टेस्ट प्रतिदिन 20
अस्पताल में जहां बुखार के सैकड़ों मरीज आ रहे हैं, वहीं कोरोना के प्रतिदिन करीब 20 के आसपास टेस्ट कराए जा रहे हैं। इसमें भी वो मरीज शामिल हैं, जिनका ऑपरेशन होना है। साधारण बुखार वालों के तो सैंपल ही नहीं लिए जा रहे।
50 लोग कोरोना संक्रमित
जिले में वर्तमान में 50 लोग कोरोना संक्रमित हैं। इनमें 49 लोगों को होम आईसोलेट किया गया है। जबकि एक मरीज का कोरोना अस्पताल एलवन में इलाज चल रहा है। चूंकि कोरोना के टेस्ट कम हो रहे हैं, इसलिए कोरोना के मरीजों की संख्या भी काफी कम है।
इस साल बढ़ गए वायरल के मरीज
कोरोना काल के दौरान वायरल के मरीजों की संख्या इतनी नहीं थी, जितनी इस बार है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अगस्त-सितंबर में प्रतिदिन 700 मरीजों की ओपीडी थी। इनमें करीब 150 मरीज बुखार के थे। इस साल 1400-1500 मरीजों की ओपीडी प्रतिदिन की है। इसमें रोजाना 300 से ज्यादा मरीज बुखार के आ रहे हैं।
सर्दी-खांसी हो तो बच्चों से रहें दूर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि बच्चे में लगातार वायरल बुखार के प्रकोप में आ रहे हैं। वायरल बुखार के अलावा सर्दी, खांसी से पीड़ित परिवार के बच्चे से दूरी बनाकर रहने की कोशिश करें। साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि धूप से आने के बाद तुरंत फ्रिज का पानी पीने से भी परहेज करें। यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टर की सलाह से रात में एंटी एलर्जी की दवा का सेवन करना जरूरी है।
ओपीडी में वायरल बुखार के करीब 300 मरीज रोजाना आ रहे हैं। चूंकि वायरल चल रहा है, इसलिए कोरोना टेस्ट नहीं करा रहे हैं। अगर किसी पर संदेह होता तो उसका कराते हैं। -डॉ. बीएस यादव, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल
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जिले में बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में 300 से ज्यादा मरीज बुखार के आ रहे हैं। इनमें से किसी को भी कोरोना हो सकता है। लेकिन अब डॉक्टरों को कोरोना का डर नहीं सता रहा है। मरीजों को पास बैठकर देख रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह तो नहीं कह सकते कि कोरोना बिल्कुल खत्म हो गया है, हां केस बहुत कम हैं। वायरल और कोरोना के लक्षण एक समान ही हैं। लेकिन इस समय सौ में से सिर्फ एक-दो को ही कोरोना निकल रहा है।
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अलबत्ता वायरल तेजी से फैल रहा है। टेस्ट उसी का कराया जा रहा है जो व्यक्ति किसी कोरोना संक्रमित के संपर्क में आया हो। लेकिन डॉक्टर के पास इस सवाल का जवाब नहीं था कि इस बात की क्या गारंटी है कि बुखार से पीड़ित जो मरीज जिला अस्पताल में आ रहे हैं, उनमें किसी को कोरोना नहीं होगा। चिकित्सकों का कहना यह भी है कि पिछले साल जैसे हालत अब नहीं हैं, संदेह पर जांच कराई जा रही है।
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कोविड टेस्ट प्रतिदिन 20
अस्पताल में जहां बुखार के सैकड़ों मरीज आ रहे हैं, वहीं कोरोना के प्रतिदिन करीब 20 के आसपास टेस्ट कराए जा रहे हैं। इसमें भी वो मरीज शामिल हैं, जिनका ऑपरेशन होना है। साधारण बुखार वालों के तो सैंपल ही नहीं लिए जा रहे।
50 लोग कोरोना संक्रमित
जिले में वर्तमान में 50 लोग कोरोना संक्रमित हैं। इनमें 49 लोगों को होम आईसोलेट किया गया है। जबकि एक मरीज का कोरोना अस्पताल एलवन में इलाज चल रहा है। चूंकि कोरोना के टेस्ट कम हो रहे हैं, इसलिए कोरोना के मरीजों की संख्या भी काफी कम है।
इस साल बढ़ गए वायरल के मरीज
कोरोना काल के दौरान वायरल के मरीजों की संख्या इतनी नहीं थी, जितनी इस बार है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अगस्त-सितंबर में प्रतिदिन 700 मरीजों की ओपीडी थी। इनमें करीब 150 मरीज बुखार के थे। इस साल 1400-1500 मरीजों की ओपीडी प्रतिदिन की है। इसमें रोजाना 300 से ज्यादा मरीज बुखार के आ रहे हैं।
सर्दी-खांसी हो तो बच्चों से रहें दूर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि बच्चे में लगातार वायरल बुखार के प्रकोप में आ रहे हैं। वायरल बुखार के अलावा सर्दी, खांसी से पीड़ित परिवार के बच्चे से दूरी बनाकर रहने की कोशिश करें। साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि धूप से आने के बाद तुरंत फ्रिज का पानी पीने से भी परहेज करें। यह स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टर की सलाह से रात में एंटी एलर्जी की दवा का सेवन करना जरूरी है।
ओपीडी में वायरल बुखार के करीब 300 मरीज रोजाना आ रहे हैं। चूंकि वायरल चल रहा है, इसलिए कोरोना टेस्ट नहीं करा रहे हैं। अगर किसी पर संदेह होता तो उसका कराते हैं। -डॉ. बीएस यादव, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल

जिला अस्पताल में दवा लेने के लगी मरीजों की लंबी लाइन। संवाद- फोटो : PILIBHIT