{"_id":"69d4146e3ab0cae38b066462","slug":"heart-patients-increased-in-three-months-four-got-treatment-for-stemi-pilibhit-news-c-121-1-pbt1010-156904-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: तीन माह में बढ़े हृदय रोगी, चार को मिला स्टेमी से इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: तीन माह में बढ़े हृदय रोगी, चार को मिला स्टेमी से इलाज
विज्ञापन
जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में हृदय रोगियों को परामर्श लेते चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। खुद की सेहत के प्रति बरती जा रही लापरवाही से जिले में हृदय रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते तीन माह में जिला अस्पताल में तीन हजार से भी अधिक मरीज हृदय संबंधी समस्या के लिए परामर्श लेने जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें 490 मरीजों की ईको व ईसीजी जांच की गई। वहीं, करीब एक माह पूर्व शुरू हुई स्टेमी से चार गंभीर रोगियों का इलाज किया गया।
खराब दिनचर्या व अनियमित खानपान से हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं। युवाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जोकि चिंता का विषय है। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पिछले तीन माह जनवरी, फरवरी व मार्च में तीन हजार से भी अधिक मरीज पहुंचे, जिसमें बीपी, सीने में दर्द, हृदय गति, थकान सहित अन्य के मरीज थे। इनमें से लगभग 20 प्रतिशत मरीजों के हृदय में समस्या पाई गई। उनकी ईसीजी, ईको जांच भी की गई।
इमरजेंसी में स्टेमी से इलाज, बचा रहा जान
करीब एक माह पूर्व जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (स्टेमी) उपचार संचालित किया गया है। इसमें गंभीर हालत वाले हृदय रोगियों को जीवनरक्षक टेक्नटा प्लस इंजेक्शन लगाया जाता है। ईसीजी, ईको व अन्य जांच के बाद मरीज को प्राथमिक उपचार देकर एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा जाता है। जिला अस्पताल में स्टेमी उपचार से चार मरीजों को ठीक किया गया है।
विज्ञापन
गर्मी में सही दिनचर्या व सुपाच्य खानपान रखेगा हृदय को सुरक्षित
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि गर्मी में तेज धूप व अधिक तापमान शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे रक्तचाप व धड़कन प्रभावित हो सकती है। सुरक्षित रहने के लिए गर्मियों में हृदय रोगियों को पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी व अन्य तरल पदार्थ जरूर लेना चाहिए। भोजन हल्का, सुपाच्य व कम तेल-मसाले वाला रखें। अधिक नमक, तला-भुना व बाहर का खाना लेने से बचें। नियमित दवाएं समय पर लें व बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई बदलाव न करें। सुबह या शाम को पार्क में टहलने को निकले। पर्याप्त नींद लें व किसी भी तरह की घबराहट, सीने में दर्द या सांस फूलने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। संवाद
विज्ञापन
खराब दिनचर्या व अनियमित खानपान से हृदय रोग के मामले बढ़ रहे हैं। युवाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जोकि चिंता का विषय है। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पिछले तीन माह जनवरी, फरवरी व मार्च में तीन हजार से भी अधिक मरीज पहुंचे, जिसमें बीपी, सीने में दर्द, हृदय गति, थकान सहित अन्य के मरीज थे। इनमें से लगभग 20 प्रतिशत मरीजों के हृदय में समस्या पाई गई। उनकी ईसीजी, ईको जांच भी की गई।
विज्ञापन
इमरजेंसी में स्टेमी से इलाज, बचा रहा जान
करीब एक माह पूर्व जिला अस्पताल की इमरजेंसी में एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (स्टेमी) उपचार संचालित किया गया है। इसमें गंभीर हालत वाले हृदय रोगियों को जीवनरक्षक टेक्नटा प्लस इंजेक्शन लगाया जाता है। ईसीजी, ईको व अन्य जांच के बाद मरीज को प्राथमिक उपचार देकर एसजीपीजीआई लखनऊ भेजा जाता है। जिला अस्पताल में स्टेमी उपचार से चार मरीजों को ठीक किया गया है।
विज्ञापन
गर्मी में सही दिनचर्या व सुपाच्य खानपान रखेगा हृदय को सुरक्षित
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि गर्मी में तेज धूप व अधिक तापमान शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे रक्तचाप व धड़कन प्रभावित हो सकती है। सुरक्षित रहने के लिए गर्मियों में हृदय रोगियों को पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी व अन्य तरल पदार्थ जरूर लेना चाहिए। भोजन हल्का, सुपाच्य व कम तेल-मसाले वाला रखें। अधिक नमक, तला-भुना व बाहर का खाना लेने से बचें। नियमित दवाएं समय पर लें व बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई बदलाव न करें। सुबह या शाम को पार्क में टहलने को निकले। पर्याप्त नींद लें व किसी भी तरह की घबराहट, सीने में दर्द या सांस फूलने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। संवाद