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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज शुरू होने से मिलेगी राहत
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Health
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज बनने से जिला पुरुष व महिला अस्पतालों में व्यवस्था सुधरने के आसार हैं। एक तरफ जहां स्टाफ की किल्लत खत्म होगी। वहीं बंद पड़ी यूनिटें भी शुरू हो जाएंगी। इससे मरीजों को खासी राहत मिलेगी। जिला अस्पताल में लंबे समय से बंद पड़े ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट से लेकर आईसीयू कक्ष का भी संचालन की उम्मीद जाग गई है।
जनपद में मेडिकल कॉलेज के शुरू होने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिला अस्पताल में सेवाओं का विस्तार होगा। जनपद में वर्ष 2020 में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिली थी। शहर से दस किलोमीटर दूर असम हाईवे पर 284 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
मई माह तक यहां शिक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। दो दिन पूर्व शासन ने पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के लिए प्रधानाचार्य की नियुक्ति भी कर दी है। बता दें कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं शिक्षा ने दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज के 320 बेड की जानकारी जुटाई थी। जिला पुरुष और महिला अस्पताल के अलावा कोविड विंग के सौ बेड को भी मेडिकल कॉलेज में शामिल करने की बात भी सामने आई थी।
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सीएमओ डॉक्टर आलोक कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के साथ ही जिला पुरुष व महिला अस्पताल का संचालन भी प्रधानाचार्य के अधीन आ जाएगा। स्टाफ आने के बाद बर्न यूनिट, ट्रामा सेंटर का संचालन भी हो जाएगा। आईसीयू कक्ष के संचालन में आड़े आ रही समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
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मान्यता के लिए मार्च में शासन की टीम करेगी अंतिम निरीक्षण
मेडिकल कॉलेज का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। जिला अस्पताल परिसर में जूनियर चिकित्सकों के लिए आवासीय भवन बनाए जा रहे हैं। मान्यता के लिए मार्च माह में शासन की टीम जनपद का दौरा कर स्थिति को परखेगी। 320 बेड की स्थिति के साथ जूनियर डॉक्टर के रुकने की व्यवस्था को देखने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। मान्यता मिलने के साथ ही संचालन शुरू हो जाएगा।
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जनपद में मेडिकल कॉलेज के शुरू होने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से जिला अस्पताल में सेवाओं का विस्तार होगा। जनपद में वर्ष 2020 में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिली थी। शहर से दस किलोमीटर दूर असम हाईवे पर 284 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू किया गया। निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
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मई माह तक यहां शिक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। दो दिन पूर्व शासन ने पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के लिए प्रधानाचार्य की नियुक्ति भी कर दी है। बता दें कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं शिक्षा ने दौरे के दौरान मेडिकल कॉलेज के 320 बेड की जानकारी जुटाई थी। जिला पुरुष और महिला अस्पताल के अलावा कोविड विंग के सौ बेड को भी मेडिकल कॉलेज में शामिल करने की बात भी सामने आई थी।
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सीएमओ डॉक्टर आलोक कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के साथ ही जिला पुरुष व महिला अस्पताल का संचालन भी प्रधानाचार्य के अधीन आ जाएगा। स्टाफ आने के बाद बर्न यूनिट, ट्रामा सेंटर का संचालन भी हो जाएगा। आईसीयू कक्ष के संचालन में आड़े आ रही समस्याओं का भी समाधान हो जाएगा।
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मान्यता के लिए मार्च में शासन की टीम करेगी अंतिम निरीक्षण
मेडिकल कॉलेज का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। जिला अस्पताल परिसर में जूनियर चिकित्सकों के लिए आवासीय भवन बनाए जा रहे हैं। मान्यता के लिए मार्च माह में शासन की टीम जनपद का दौरा कर स्थिति को परखेगी। 320 बेड की स्थिति के साथ जूनियर डॉक्टर के रुकने की व्यवस्था को देखने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। मान्यता मिलने के साथ ही संचालन शुरू हो जाएगा।