फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Health

साहब! यहां भी सरकारी डॉक्टरों के भरोसे चल रहे निजी अस्पताल

Tue, 13 Aug 2019 01:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2019 01:53 AM IST
विज्ञापन
Health
पीलीभीत। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने को लेकर सख्त हैं, लेकिन यहां सब कुछ स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों की रजामंदी से चल रहा है। डॉक्टर प्राइवेट अस्पतालों में प्रैक्टिस करने के साथ ही ऑपरेशन से लेकर ओपीडी तक कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सब कुछ जानते हुए भी आंखें बंद कर रखी हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में जिले में करीब 70 निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इनमें कई प्राइवेट अस्पताल सरकारी डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। सरकारी डॉक्टर इनमें आपरेेशन से लेकर ओपीडी तक सब संभाल रहे हैं। कुछ निजी अस्पताल तो सरकारी डॉक्टरों के ही हैं, लेकिन सरकारी सेवा में होने के कारण उन्होंने किसी और के नाम पर रजिस्ट्रेशन करा रखा है।
विज्ञापन

डॉक्टर, दवा कंपनियों और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से मरीजों को इलाज के नाम पर लूटा जा रहा है। आलम यह है कि कई अस्पतालों में तो बेहोशी के अलावा किसी में सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन समेत अन्य डॉक्टर भी नहीं हैं। कुछ नर्सिंग होम को छोड़ दिया जाए तो ज्यादातर अस्पतालों में प्राथमिकता के तौर पर प्रसव पीड़िताओं को ही भर्ती किया जाता है। यहां नार्मल या फिर सीजर प्रसव कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की ही मानें तो शहर में संचालित हो रहे ज्यादातर नर्सिंग होम में जिला और महिला अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन करने के लिए जाते हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में भी सीएचसी में तैनात डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस के साथ आपरेशन करने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई डॉक्टरों के चल रहे मेडिकल और नर्सिंग होम
अफसरों के गठजोड़ से जिला अस्पताल में तैनात कुछ डॉक्टरों के तो मेडिकल और नर्सिंग होम भी चल रहे है। इन डॉक्टरों के पास पहुंचने वाले मरीजों को बेहतर इलाज की बात कहकर डॉक्टर अपने नर्सिंग होम से इलाज कराने की सलाह देते हैं। इसी तरह अस्पताल गेट पर स्थित मेडिकल स्टोरों से दवाइयां मंगाकर लूटा जा रहा है। कई वरिष्ठ चिकित्सक तो ओपीडी के बाद मेडिकल स्टोर और अस्पताल में दिखाते हैं।

पूरनपुर और बीसलपुर में करते हैं प्रैक्टिस
जिला अस्पताल में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी करने के बाद कई सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए पूरनपुर और बीसलपुर निकल जाते हैं। यहां वे ऑनकाल ऑपरेशन भी करते हैं। सूत्रों की मानें तो शहर में संचलित अस्पतालों में अफसरों के पहुंचने का एक बार के डर सताता है, वहीं पूरनपुर और बीसलपुर की दूरी पीलीभीत से काफी है। लिहाजा, अफसरों के यहां पहुंचने की संभावना कम रहती है।


सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। पूर्व में इसको लेकर आदेश भी जारी किया गया था। बावजूद अगर कोई चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed