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भागे कोरोना संक्रमित हत्यारोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित

Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 01:44 AM IST
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fine against corona affected criminal
पीलीभीत। एल-2 कोविड अस्पताल से फरार बदायूं के शातिर अपराधी शशांक बजाज पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फरार बंदी को पकड़ने के लिए दो टीमें लगाई गई हैं। साथ ही बदायूं पुलिस भी तलाशने में जुटी है। अभी भले उसका कोई सुराग न लगा हो, मगर पुलिस की ओर से उसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित किया है।
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कोतवाली बदायूं के मोहल्ला जोगीपुरा निवासी शशांक बजाज पुत्र देश दीपक पर हत्या, जानलेवा हमला और गैंगेस्टर एक्ट समेत चार मुकदमे हैं। हत्या के मामले में जेल में बंद शशांक को दो सितंबर 2018 को पीलीभीत जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था। 18 सितंबर को कोरोना संक्रमित निकलने पर उसे पहले एल-1 और बुखार बढ़ने पर 19 सितंबर को एल-2 कोविड अस्पताल भर्ती किया गया था। शनिवार देर रात सुरक्षा कर्मचारियों निगरानी का दावा करते रह गए थे और शशांक एल-2 अस्पताल की खिड़की से कूदकर भाग गया था। एल-2 अस्पताल के सरकारी डॉक्टर की तहरीर पर उसके फरार होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बदायूं पुलिस भी उसकी धरपकड़ को लगी हुई है। जनपद में कोतवाली और एसओजी टीम को लगाया गया है। तीन दिन बाद भी टीमें उसे नहीं पकड़ सकी हैं। मगर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई को गति दी गई। फरार हत्यारोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है।
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बरेली में भी कई जगह दी दबिशें
शशांक को पकड़ने के लिए गठित की गई टीमें हर तरफ पड़ताल कर रही हैं। दोनों जनपदों की पुलिस आपस में संपर्क साधकर शशांक तक पहुंचने की तैयारी में हैं। कुछ इनपुट मिलने पर एक टीम ने बरेली में भी कई जगह दबिश दी। हालांकि वह नहीं मिल सका।
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घटना से लिया सबक...आपातकालीन खिड़की हथकड़ी लगाकर कर दी बंद
पीलीभीत। बदायूं का शातिर अपराधी शशांक बजाज जिला महिला अस्पताल की एमसीएच विंग में चल रहे एल-2 अस्पताल की आपातकालीन खिड़की से कूदकर भागा था। उसके फरार होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अभी भले ही कोई बंदी एल-2 अस्पताल में नहीं है, मगर आगे के लिए आपातकालीन खिड़की के दरवाजे को हथकड़ी लगाकर बंद कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई को हास्यास्पद भी बताया जा रहा है। चर्चा ये भी है कि जब कोई बंदी नहीं रहा, तब जाकर सुध- ली जा रही। हालांकि अन्य खिड़कियों पर अभी भी जाली नहीं लगाई गई है।
संक्रमित हत्यारोपी शशांक बजाज के फरार होने के बाद से ही आलाधिकारियों ने नाराजगी जताई तो पुलिस और स्वास्थ्य विभाग एक दूसरे पर लापरवाही की बात कहने लगे। तीन दिन बाद भी दोनों विभाग का रुख पहले जैसा ही है। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को बंदियों को बंद कमरे में रखना चाहिए था। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी परिसर के बाहर रहती है। बैठने की जगह न होने और पीपीई किट तक न देने की बात कही। ये भी कहा कि अगर संक्रमित को पकड़ने का प्रयास भी होता। तो बिना पीपीई किट कैैसे? उधर, स्वास्थ्य विभाग के अफसर-कर्मचारियों का इस दिशा में अपना तर्क है। कहना है कि एल-2 कोविड अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए बना है। उसमें जेल की तरह सुरक्षा सुविधाएं नहीं दी जा सकतीं। अस्पताल के भीतर बंदी भर्ती होते हैं तो पुलिसकर्मियों को गंभीरता बरती चाहिए। मगर सभी ड्यूटी के नाम पर औपचारिकता निभाते हैं। पुलिसकर्मियों के ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर पुलिस अधिकारियों को पत्राचार भी किया गया है। फिलहाल लापरवाही में घिरे दोनों विभागों के कर्मचारी खुद को संजीदा बताने में जुटे हैं।
फरार बंदी की तलाश को टीमें लगाई गई हैं। कई जगह दबिश भी दी जा चुकी है। बदायूं पुलिस से भी लगातार संपर्क साधा जा रहा है। फिलहाल फरार शशांक बजाज पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। - डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी

एल-2 कोविड अस्पताल के आपातकालीन खिड़की के दरवाजे को बंद करा दिया गया है। पुलिसकर्मी गंभीरता से ड्यूटी करें इसके लिए एल-2 अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजेश की तरफ से एसपी को पत्र भेजा गया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी अलर्ट रहने को कहा है। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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