Pilibhit: लड़की पैदा हुई पिता-दादी ने कूड़े में फेंका, एक महीने पहले गर्भवती से की थी शादी, पत्नी से कहा झूठ
बिलसंडा के गांव रुरिया धुरिया में 18 नवंबर को सुबह रमेश सिंह के मकान के पीछे खाली जगह में किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। लोग मौके पर पहुंचे तो देखा पास में तालाब किनारे एक नीम का पेड़ था, जिसके नीचे एक बोरे के ऊपर कपड़े में लिपटी हुई नवजात कन्या पड़ी थी।
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सरकार के तमाम प्रयास, जागरूकता कार्यक्रम, लड़कियों के लिए योजनाओं के बावजूद आज भी घर में लड़की पैदा होने पर उसे फेंका जा रहा है। मंगलवार को बिलसंडा पुलिस ने नवजात कन्या को फेंकने वाले पिता और दादी को गिरफ्तार कर लिया। दादी ने बताया कि लड़की पैदा होने की वजह से उसे ठंड में एक मैदान में ले जाकर फेंक दिया था। जबकि उसकी मां को बता दिया कि बच्चा पैदा होते ही मर गया।
बिलसंडा के गांव रुरिया धुरिया में 18 नवंबर को सुबह रमेश सिंह के मकान के पीछे खाली जगह में किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। लोग मौके पर पहुंचे तो देखा पास में तालाब किनारे एक नीम का पेड़ था, जिसके नीचे एक बोरे के ऊपर कपड़े में लिपटी हुई नवजात कन्या पड़ी थी। नवजात की नाल भी नहीं कटी थी।
भीड़ जुटी तो मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। नवजात को सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बरेली के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बच्ची जब पूरी तरह स्वस्थ्य हो गई, तो 27 नवंबर को उसे बदायूं के विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण के सुपुर्द कर दिया गया। नवजात के मिलने के बाद बिलसंडा पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
छानबीन के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि गांव निवासी मोनू एक माह पहले गर्भवती महिला को बाहर से लेकर आया था। मोनू मजदूरी करता है। पुलिस ने घर जाकर मोनू से पूछताछ की। गर्भवती के बारे में पूछा तो उसे छिपा दिया। बाद में पुलिस ने महिला से पूछताछ की तो उसने प्रसव होने की बात कही। सच्चाई सामने आने पर पुलिस ने मोनू और उसकी मां रानी देवी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
पत्नी से कह दिया- पैदा होते ही मर गया बच्चा
पुलिस ने मोनू की पत्नी से पूछताछ की तो पता चला कि 18 नवंबर को उसकी सास रानी देवी ने घर में ही प्रसव कराया था। इस दौरान वह बेहोश हो गई। होश में आने पर जब उसने बच्चे के बारे में पूछा तो बताया कि मरा हुआ बच्चा पैदा हुआ था। उसे गांव के बाहर गड्ढे में दफना आए हैं। चूंकि वह घर से बाहर नहीं निकलती थी इसलिए उसे सच्चाई पता नहीं चल सकी। इधर आस-पड़ोस के ग्रामीणों को पता चल गया था कि मोनू के घर बच्चा हुआ है। लेकिन बच्चा घर पर नहीं मिला तो गांव में चर्चा होने लगी और पुलिस तक मामला पहुंच गया।
एसओ से बोली युवती- मेरी बच्ची ठीक तो है
मंगलवार को जब बच्ची की मां से पुलिस थाने में पूछताछ कर रही थी तो उसने थानेदार से पूछा- साहब मेरी बच्ची तो ठीक है। उसे बताया गया कि बच्ची पूरी तरह से ठीक है। महिला ने बताया कि मोनू के साथ उसकी दूसरी शादी है। उसका मायका जौनपुर में है। इससे पहले वहीं उसकी शादी हुई थी। पति शराबी था, आए दिन परेशान करता था। इसी वजह से उसने दूसरी शादी की। 30 अक्तूबर को जब मोनू के साथ मंदिर में उसने शादी की, तो वह आठ माह की गर्भवती थी। यह बात मोनू और उसकी मां दोनों को पता थी। उसकी तीन साल की एक बेटी भी है जो उसके साथ ही रहती है। महिला ने कहा कि हाल ही पैदा हुई उसकी बच्ची को एक बार उसे दिखा दिया जाए। वह उसे भी रखना चाहती है।
बच्ची को पेड़ के नीचे रखकर आने के बाद खुद ही दी सूचना
मोनू की मां रानी देवी 18 नवंबर को जैसे ही बच्ची को गांव के बाहर पेड़ के नीचे कपड़े में लपेट कर रख कर आई। इसके बाद उसने पड़ोस के युवक से कहा कि देखो जरा, मकान के पीछे किसी बच्चे के रोने की आवाज आ रही है। इसके बाद पड़ोसी गया तो पेड़ के नीचे नवजात दिखाई दी। इसके बाद भीड़ जमा हो गई। बताते हैं कि नवजात के बरामद होने से कुछ ही देर पहले मोनू और उसकी मां को लोगों ने वहां से गुजरते हुए देखा था।