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किसानों ने कई गांवों में पराली को आग लगाई, रोकने पहुंचे अधिकारी विरोध पर हुए बैरंग
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पूरनपुर क्षेत्र में एक खेत में जल रही पराली।
- फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। पराली न जलाई जाए। इसके लिए फसल अवशेष प्रबंधन को गोष्ठियां हो रहीं हैं। पराली जलाने की सूचना पर किसानों से जुर्माना वसूला जा रहा है। मगर बुधवार को क्षेत्र के कई गांवों में किसानों ने सामूहिक रूप से पराली जलाई। सूचना पर पहुंचे अफसरों की किसानों से नोकझोंक हुई। विरोध के चलते अफसरों को बैरंग होना पड़ा। लेखपाल संघ ने किसान आंदोलन के चलते घटना की पुनरावृत्ति की आशंका व्यक्त की है।
बुधवार को गांव गोपालपुर, शेरपुर मकरंदपुर, घाटमपुर, कालाबोझ, मकरंदपुर, थरुआन, पिपरिया करम सहित अन्य कुछ गांवों में किसानों ने लाठी, डंडों से लैस होकर सामूहिक रूप से पराली जलाई। सूचना पर पहुंचे लेखपालों को घेर लिया गया। नायब तहसीलदार आनंद राय, कोतवाल रामसेवक ने गांव गोपालपुर में टीम के साथ पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस पर उग्र हुए किसानों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई। किसानों का कहना था कि भारी लागत के बाद धान का वाजिब मूल्य उन लोगों को नहीं मिल रहा है। खरीद केंद्रों पर मानक का धान ले जाने पर भी फेल किया जाता है। मजबूरन धान को 12 सौ रुपये के हिसाब से बिक्री करना पड़ रहा है। तब कोई अफसर उनका हाल लेने को नहीं पहुंचता है। आक्रोशित किसानों से साफ कहा कि पराली जलानी उनकी मजबूरी है और वे लोग पराली जलाएगे। किसानों के विरोध पर अफसरों को बैरंग होना पड़ा। उधर, लेखपाल संघ के मंत्री सत्येंद्र सिंह ने समस्या को लेकर एसडीएम को पत्र दिया। पत्र में कहा गया कि बुधवार को कई लेखपाल के क्षेत्रों में किसानों ने सामूहिक पराली जलाई है। सूचना पर पहुंचे लेखपालों का भीड़ ने घेराव किया है। इससे लेखपालों ने असुरक्षा की भावना हुई। किसानों के आक्रोश के चलते लेखपालों की ओर से सर्वे किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में लेखपालों के साथ कोई घटना हो सकती है। किसान आंदोलन के चलते घटना की पुनरावृत्ति होने की आशंका है।
बुधवार को कई क्षेत्रों में सामूहिक रूप से पराली की जलाने की जानकारी हुई है। मौके पर नायब तहसीलदार और कोतवाल को भेजा गया था। तहसीलदार के साथ जिला मुख्यालय पर बैठक में भाग लेने आए थे। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- रामस्वरूप, एसडीएम
गलत ढंग से प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लड़ने का आरोप
पूरनपुर। पूरनपुर देहात की पूर्व प्रधान के पति अब्दुल रिजवान खां ने अफसरों को भेजे शिकायती पत्र में वर्तमान प्रधान पर गलत ढंग से जाति प्रमाण पत्र जारी करवाकर चुनाव लडने का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया कि पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत में प्रधान पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित थी। प्रधान पिछड़ी जाति की नहीं, सामान्य जाति की है। गांधी फैज ए- आम कॉलेज शाहजहांपुर के छात्र ट्रांसफर सर्टीफिकेट में उनकी जाति सामान्य लिखी है। पत्र में प्रधान का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कराने की मांग की गई। प्रधान रहनुमा ने बताया कि पिछड़ी जाति की है। पिछला चुनाव भी इसी प्रमाण पत्र पर लड़ा था। अगर जाति प्रमाण पत्र गलत है। तब शिकायतकर्ता को नामाकंन में आपत्ति दाखिल करनी चाहिए थी। चुनाव में मिली पराजय पर उस पर निराधार आरोप लगाए जा रहे है।
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बुधवार को गांव गोपालपुर, शेरपुर मकरंदपुर, घाटमपुर, कालाबोझ, मकरंदपुर, थरुआन, पिपरिया करम सहित अन्य कुछ गांवों में किसानों ने लाठी, डंडों से लैस होकर सामूहिक रूप से पराली जलाई। सूचना पर पहुंचे लेखपालों को घेर लिया गया। नायब तहसीलदार आनंद राय, कोतवाल रामसेवक ने गांव गोपालपुर में टीम के साथ पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। इस पर उग्र हुए किसानों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई। किसानों का कहना था कि भारी लागत के बाद धान का वाजिब मूल्य उन लोगों को नहीं मिल रहा है। खरीद केंद्रों पर मानक का धान ले जाने पर भी फेल किया जाता है। मजबूरन धान को 12 सौ रुपये के हिसाब से बिक्री करना पड़ रहा है। तब कोई अफसर उनका हाल लेने को नहीं पहुंचता है। आक्रोशित किसानों से साफ कहा कि पराली जलानी उनकी मजबूरी है और वे लोग पराली जलाएगे। किसानों के विरोध पर अफसरों को बैरंग होना पड़ा। उधर, लेखपाल संघ के मंत्री सत्येंद्र सिंह ने समस्या को लेकर एसडीएम को पत्र दिया। पत्र में कहा गया कि बुधवार को कई लेखपाल के क्षेत्रों में किसानों ने सामूहिक पराली जलाई है। सूचना पर पहुंचे लेखपालों का भीड़ ने घेराव किया है। इससे लेखपालों ने असुरक्षा की भावना हुई। किसानों के आक्रोश के चलते लेखपालों की ओर से सर्वे किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में लेखपालों के साथ कोई घटना हो सकती है। किसान आंदोलन के चलते घटना की पुनरावृत्ति होने की आशंका है।
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बुधवार को कई क्षेत्रों में सामूहिक रूप से पराली की जलाने की जानकारी हुई है। मौके पर नायब तहसीलदार और कोतवाल को भेजा गया था। तहसीलदार के साथ जिला मुख्यालय पर बैठक में भाग लेने आए थे। पराली जलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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- रामस्वरूप, एसडीएम
गलत ढंग से प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लड़ने का आरोप
पूरनपुर। पूरनपुर देहात की पूर्व प्रधान के पति अब्दुल रिजवान खां ने अफसरों को भेजे शिकायती पत्र में वर्तमान प्रधान पर गलत ढंग से जाति प्रमाण पत्र जारी करवाकर चुनाव लडने का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया कि पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत में प्रधान पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित थी। प्रधान पिछड़ी जाति की नहीं, सामान्य जाति की है। गांधी फैज ए- आम कॉलेज शाहजहांपुर के छात्र ट्रांसफर सर्टीफिकेट में उनकी जाति सामान्य लिखी है। पत्र में प्रधान का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कराने की मांग की गई। प्रधान रहनुमा ने बताया कि पिछड़ी जाति की है। पिछला चुनाव भी इसी प्रमाण पत्र पर लड़ा था। अगर जाति प्रमाण पत्र गलत है। तब शिकायतकर्ता को नामाकंन में आपत्ति दाखिल करनी चाहिए थी। चुनाव में मिली पराजय पर उस पर निराधार आरोप लगाए जा रहे है।