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पीलीभीत: भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने डीएम सौंपा ज्ञापन, किसान आयोग के गठन समेत उठाईं ये मांगें

Mon, 21 Sep 2026 02:08 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 21 Sep 2026 02:08 PM IST
सार

पीलीभीत में भाकियू (भानु) ने किसानों व जनहित के मुद्दों पर सात सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें किसान आयोग गठन, जैविक खेती, ईंधन-बिजली के दाम घटाने और टोल कर समाप्त करने की प्रमुख मांगें हैं।

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Farmer leaders submitted a memorandum of demands to the District Magistrate in Pilibhit
किसान नेताओं को डीएम को दिया ज्ञापन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत में भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने किसानों की समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सात सूत्रीय मांगपत्र डीएम को सौंपा। संगठन ने किसान आयोग का गठन कर उसमें किसानों को प्रतिनिधित्व देने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने समेत कई मांगें उठाईं।

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संगठन के जिलाध्यक्ष भजन लाल क्रोधी की ओर से दिए गए मांगपत्र में कहा गया है कि किसानों की स्थिति में समय-समय पर सुधार और समीक्षा के लिए केंद्र सरकार किसान आयोग का गठन करे। आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों में स्वच्छ छवि वाले किसान नेताओं को शामिल किया जाए। प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक अनाज मंडी में प्राकृतिक उत्पादों की सरकारी व निजी खरीद केंद्र अथवा दुकानें स्थापित करने की मांग की गई।
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किसान नेताओं ने प्राकृतिक व जैविक अनाज का न्यूनतम मूल्य रासायनिक उत्पादों की तुलना में कम से कम तीन गुना निर्धारित करने की मांग भी रखी। इसके अलावा पूर्व सांसदों और विधायकों समेत मनोनीत सदस्यों को मिलने वाली मुफ्त सुविधाओं और अन्य सहयोग को बंद कर डीजल, पेट्रोल व बिजली जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम आधे करने की मांग की।

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ये मांगें भी उठाईं 
मांगपत्र में शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, गांव से जिला स्तर तक सरकारी विद्यालयों और अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा आईएएस-आईपीएस समेत सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए सरकारी अस्पतालों में ही इलाज की व्यवस्था अनिवार्य करने की मांग की गई है। भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारी, नेता या राजनेता की संपत्ति जब्त कर कठोर कार्रवाई करने की मांग भी शामिल है।

संगठन ने वाहनों के पंजीकरण के समय रोड टैक्स लिए जाने के बाद टोल टैक्स समाप्त कर सभी टोल नाकों को जनता के लिए निशुल्क करने तथा दुर्घटना में जवानों और किसानों की मृत्यु पर मिलने वाली एक्सीडेंटल मृत्यु सहायता राशि को तत्काल बढ़ाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

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