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Pilibhit News: 38 करोड़ खर्च करने के बाद भी नहीं बुझ पा रही शहर की प्यास
Thu, 28 Sep 2023 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 28 Sep 2023 12:31 AM IST
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पीलीभीत। शहर में अमृत योजना के तहत 38 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। कई इलाकों में पानी का संकट है। करीब पांच हजार घरों तक पाइन लाइन ही नहीं पहुंच सकी है। ये परिवार पानी के लिए नगर पालिका की नजर-ए-इनायत होने की आस देख रहे हैं। हालांकि पालिका का दावा है कि शहर में 20 हजार घराें में पानी की आपूर्ति की जा रही है। अमृत योजना के तहत 11 हजार घरों में पानी पहुंचाया गया है।
हर घर के लिए शुद्ध जलापूर्ति को करीब पांच साल पहले अमृत योजना शुरू की गई थी। इसके तहत जल निगम की ओर से 38 करोड़ रुपये से शहर में नई पाइप लाइन डालने, कनेक्शन करने और टैंक बनाने का काम शुरू किया गया था। जल निगम की ओर से तीन नए टैंक बनाने के बाद पाइप लाइन डाली गई थी। पांच साल से चल रहे काम के बाद अब शहर में 11 हजार घरों में अमृत योजना से जलापूर्ति होने का दावा किया जा रहा है।
नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कुल 20 हजार घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। इनमें 11 हजार घरों में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई है। इन तमाम दावों के बाद भी शहर के लोग गर्मी में पानी के लिए तरस रहे हैं। कभी किसी मोहल्ले में जलापूर्ति ठप हो रही है तो कहीं गंदा पानी आ रहा है। इन तमाम समस्याओं से वाशिंदों को जूझना पड़ रहा है। शहर में कई कॉलोनियों में पाइप लाइन ही नहीं पहुंच सकी है। नगर पालिका कार्यालय के आसपास के इलाके में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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12 से ज्यादा कॉलोनियों में नहीं पहुंची पाइप लाइन
शहर में पिछले दस सालों में बनीं करीब 12 से ज्यादा कॉलोनियाें में अभी तक पानी नहीं पहुंच सका है। वजह यह है कि पालिका ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। हाल ही में महज दो कॉलोनी में पानी की आपूर्ति देने की बात कही गई। 12 से ज्यादा कॉलोनियों में पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। ग्रीन सिटी कॉलोनी, कृष्णालोक कॉलोनी, सुरभि कॉलोनी, गणेशपुरम, त्रिपति कॉलोनी, ग्रीन सिटी कॉलोनी, राम वाटिका, त्रिपति गोल्डन पार्क, त्रिमाला कॉलोनी आदि तमाम कॉलोनी ऐसी हैं जहां अभी घरों में टंकियां नहीं लग सकी हैं।
शहर में टैंकों की स्थिति
जल निगम की ओर से जलापूर्ति के लिए मीना बाजार में 2500 और नगर पालिका परिसर में 1900 किलोलीटर का वाटर टैंक बनाया गया है। इसके अलावा वाटर वर्क्स में जल भंडारण के लिए 800 किलोलीटर का टैंक है। चार पुराने पंपों को ठीक कराकर जलापूर्ति सुचारु कराने का दावा किया जा रहा है।
शहर में 37 सौ और घरों में होगा जलापूर्ति का कनेक्शन
अमृत योजना के तहत जल निगम की ओर से 11 हजार घरों में कनेक्शन कर पानी की आपूर्ति की गई है। नगर पालिका की ओर से 27 हजार का सर्वे दिया गया था। शेष को छोड़ दिया गया। अब छूटे हुए घरों का सर्वे कराने के बाद जल निगम की ओर से 37 सौ घरों को शामिल किया गया है। जल निगम का दावा है कि शहर में पहले से नगर पालिका की ओर से कनेक्शन हैं।वर्जन
शहर में जलापूर्ति को मिल रही शिकायतों के बाद समस्या का समाधान कराकर आपूर्ति कराई जा रही है। कहीं कहीं गंदे पानी की आपूर्ति की सूचना है। इसपर जल निगम के लोगों को पत्र भेजकर सही करने के लिए कहा गया है। - डॉ. आस्था अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष
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पहले चरण में शहर के 11 हजार घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए गए थे। आपूर्ति भी हो रही है। अब छूटे हुए घरों का सर्वे कराने के बाद वहां पर कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए बजट पास हो गया है। जल्द ही शहर में काम शुरू कर दिया जाएगा। - प्रवीण कुमार, एई जल निगम
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हर घर के लिए शुद्ध जलापूर्ति को करीब पांच साल पहले अमृत योजना शुरू की गई थी। इसके तहत जल निगम की ओर से 38 करोड़ रुपये से शहर में नई पाइप लाइन डालने, कनेक्शन करने और टैंक बनाने का काम शुरू किया गया था। जल निगम की ओर से तीन नए टैंक बनाने के बाद पाइप लाइन डाली गई थी। पांच साल से चल रहे काम के बाद अब शहर में 11 हजार घरों में अमृत योजना से जलापूर्ति होने का दावा किया जा रहा है।
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नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि शहर में कुल 20 हजार घरों में पानी पहुंचाया जा रहा है। इनमें 11 हजार घरों में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई है। इन तमाम दावों के बाद भी शहर के लोग गर्मी में पानी के लिए तरस रहे हैं। कभी किसी मोहल्ले में जलापूर्ति ठप हो रही है तो कहीं गंदा पानी आ रहा है। इन तमाम समस्याओं से वाशिंदों को जूझना पड़ रहा है। शहर में कई कॉलोनियों में पाइप लाइन ही नहीं पहुंच सकी है। नगर पालिका कार्यालय के आसपास के इलाके में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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12 से ज्यादा कॉलोनियों में नहीं पहुंची पाइप लाइन
शहर में पिछले दस सालों में बनीं करीब 12 से ज्यादा कॉलोनियाें में अभी तक पानी नहीं पहुंच सका है। वजह यह है कि पालिका ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। हाल ही में महज दो कॉलोनी में पानी की आपूर्ति देने की बात कही गई। 12 से ज्यादा कॉलोनियों में पांच हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। ग्रीन सिटी कॉलोनी, कृष्णालोक कॉलोनी, सुरभि कॉलोनी, गणेशपुरम, त्रिपति कॉलोनी, ग्रीन सिटी कॉलोनी, राम वाटिका, त्रिपति गोल्डन पार्क, त्रिमाला कॉलोनी आदि तमाम कॉलोनी ऐसी हैं जहां अभी घरों में टंकियां नहीं लग सकी हैं।
शहर में टैंकों की स्थिति
जल निगम की ओर से जलापूर्ति के लिए मीना बाजार में 2500 और नगर पालिका परिसर में 1900 किलोलीटर का वाटर टैंक बनाया गया है। इसके अलावा वाटर वर्क्स में जल भंडारण के लिए 800 किलोलीटर का टैंक है। चार पुराने पंपों को ठीक कराकर जलापूर्ति सुचारु कराने का दावा किया जा रहा है।
शहर में 37 सौ और घरों में होगा जलापूर्ति का कनेक्शन
अमृत योजना के तहत जल निगम की ओर से 11 हजार घरों में कनेक्शन कर पानी की आपूर्ति की गई है। नगर पालिका की ओर से 27 हजार का सर्वे दिया गया था। शेष को छोड़ दिया गया। अब छूटे हुए घरों का सर्वे कराने के बाद जल निगम की ओर से 37 सौ घरों को शामिल किया गया है। जल निगम का दावा है कि शहर में पहले से नगर पालिका की ओर से कनेक्शन हैं।वर्जन
शहर में जलापूर्ति को मिल रही शिकायतों के बाद समस्या का समाधान कराकर आपूर्ति कराई जा रही है। कहीं कहीं गंदे पानी की आपूर्ति की सूचना है। इसपर जल निगम के लोगों को पत्र भेजकर सही करने के लिए कहा गया है। - डॉ. आस्था अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष
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पहले चरण में शहर के 11 हजार घरों में जलापूर्ति के लिए कनेक्शन दिए गए थे। आपूर्ति भी हो रही है। अब छूटे हुए घरों का सर्वे कराने के बाद वहां पर कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए बजट पास हो गया है। जल्द ही शहर में काम शुरू कर दिया जाएगा। - प्रवीण कुमार, एई जल निगम