Dudhwa: नेपाली हाथियों का आतंक, पीलीभीत के किसान को कुचलकर मार डाला, तीन महीने में तीसरी मौत
पीलीभीत के सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव चलतुआ निवासी किसान गोपी को हाथियों ने मार डाला। वह खेत पर फसल की रखवाली कर रहे थे। उसी वक्त उन पर हाथियों ने हमला कर दिया था।
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नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से आए लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले में हाथी उत्पात मचा रहे हैं। हाथियों का झुंड रविवार की रात किशनपुर सेंक्चुरी जंगल से सटे चलतुआ गांव के नजदीक पहुंच गया। हाथियों ने गांव किनारे फसल की रखवाली कर रहे किसान पर हमला कर दिया। उसे पैरों से कुचलकर मार डाला। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीणों की नींद टूटी। ग्रामीण शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे, वहां किसान का शव पड़ा देखा। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
पीलीभीत के सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गांव चलतुआ निवासी किसान गोपी (57) का घर गांव के बाहर मकान है। मकान के पास ही उनका खेत है। गांव चलतुआ किशनपुर सेंक्चुरी जंगल से सटा हुआ है। बताया जाता है कि रविवार रात हाथियों का झुंड खेत में पहुंच गया। किसान गोपी ने हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन हाथियों ने उन पर हमला कर दिया और पैरों से कुचलकर मार डाला। चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हाथियों को जंगल में खदेड़ दिया।
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हाथियों के हमले में किसान की मौत से गांव में दहशत फैल गई। सोमवार सुबह सूचना मिलने पर सेहरामऊ थाना पुलिस गांव पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी तीन महीनों से आतंक मचाए हुए हैं। जिले के तीन किसानों की जान ले चुके हैं। इससे पूर्व माधोटांडा क्षेत्र के गांव मूसपुर के दो किसानों की मौत हो चुकी है। इन पर भी हाथियों ने हमला किया था।
बताया जा रहा है कि नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से दुधवा टाइगर रिजर्व में आए हाथियों की संख्या 45 से अधिक होने का अनुमान है। ये हाथी तीन अलग अलग झुंड में किशनपुर सेंक्चरी, बफरजोन और दक्षिण खीरी वन प्रभाग आबादी से सटे खेतों में तबाह करने के साथ किसानों पर हमला कर उनकी जान भी ले रहे हैं। इससे जंगल से सटे इलाकों में दहशत बनी हुई है।