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पर्यटनः पीटीआर और सुरई को जोड़ने के प्रयास
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पीटीआर में बना बना चुका स्पॉट। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। पर्यटन को विस्तार देने के साथ सैलानियों के आनंद को बढ़ाने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व और उत्तराखंड की सुरई रेंज के पर्यटन को जोड़ने की कवायद तेज हो गई। अफसरों के मुताबिक इसी माह के अंत में दोनों सीमाओं के वन अफसर बैठक कर रूपरेखा तैयार करेंगे। रूट समेत अन्य बिंदुओं के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और उत्तराखंड की सुरई रेंज की सीमा आपस में जुड़ी हुई है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर बैठक के साथ संयुक्त गश्त को भी अंजाम दिया जाता है। पर्यटन सत्र के दौरान छह माह तक दूर दराज के सैलानी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की खूबसूरती को निहारने आते हैं। चूका बीच में ठहरने के साथ जंगल सफारी का भी आनंद लेेते हैं।
इधर, महोफ रेंज से जुड़े उत्तराखंड की सुरई रेंज में भी पर्यटन को शुरू किया गया है। जंगल क्षेत्र से ही दोनों सीमाओं का रास्ता भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड की सुरई और पीटीआर के पर्यटन को जोड़ने की कवायद शुरू की गई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसर भी सहमति जता रहे है। सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखने के साथ जंगल सफारी के रूट को लेकर भी मंथन किया जा रहा है।
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सफारी रूट के साथ सुविधाओं पर भी मंथन
सुरई और टाइगर रिजर्व के पर्यटन को जोड़ने के लिए अफसर हर बिंदुओं पर मंथन में जुटे हैं। इसके लिए जल्द ही बैठक भी होगी। सफारी का समय और दूरी के साथ सुविधाओं को बैठक की पहलुओं में शामिल किया जाना है।
यह रहेगा खास
अगर दोनों सीमाओं के पर्यटन को जोड़ने की कवायद सफल हो जाती है तो पर्यटन का आनंद भी बढ़ जाएगा। इसके लिए चूका बीच, सप्तसरोवर, सात झाल, बाइफरकेशन के अलावा सुरई रेंज में बना क्रोकोडाइल ट्रेल, पार्क आदि आकर्षकण का केंद्र बन जाएगा। इसको और भी खास करने के प्रयास भी जारी है।
पीटीआर और उत्तराखंड की सुरई रेंज के पर्यटन को जोड़ने की कवायद चल रही है। जल्द ही दोनों सीमा क्षेत्र के अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और उत्तराखंड की सुरई रेंज की सीमा आपस में जुड़ी हुई है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर बैठक के साथ संयुक्त गश्त को भी अंजाम दिया जाता है। पर्यटन सत्र के दौरान छह माह तक दूर दराज के सैलानी पीलीभीत टाइगर रिजर्व की खूबसूरती को निहारने आते हैं। चूका बीच में ठहरने के साथ जंगल सफारी का भी आनंद लेेते हैं।
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इधर, महोफ रेंज से जुड़े उत्तराखंड की सुरई रेंज में भी पर्यटन को शुरू किया गया है। जंगल क्षेत्र से ही दोनों सीमाओं का रास्ता भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड की सुरई और पीटीआर के पर्यटन को जोड़ने की कवायद शुरू की गई। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अफसर भी सहमति जता रहे है। सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखने के साथ जंगल सफारी के रूट को लेकर भी मंथन किया जा रहा है।
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सफारी रूट के साथ सुविधाओं पर भी मंथन
सुरई और टाइगर रिजर्व के पर्यटन को जोड़ने के लिए अफसर हर बिंदुओं पर मंथन में जुटे हैं। इसके लिए जल्द ही बैठक भी होगी। सफारी का समय और दूरी के साथ सुविधाओं को बैठक की पहलुओं में शामिल किया जाना है।
यह रहेगा खास
अगर दोनों सीमाओं के पर्यटन को जोड़ने की कवायद सफल हो जाती है तो पर्यटन का आनंद भी बढ़ जाएगा। इसके लिए चूका बीच, सप्तसरोवर, सात झाल, बाइफरकेशन के अलावा सुरई रेंज में बना क्रोकोडाइल ट्रेल, पार्क आदि आकर्षकण का केंद्र बन जाएगा। इसको और भी खास करने के प्रयास भी जारी है।
पीटीआर और उत्तराखंड की सुरई रेंज के पर्यटन को जोड़ने की कवायद चल रही है। जल्द ही दोनों सीमा क्षेत्र के अफसरों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर