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प्री-प्राइमरी में बच्चों का दाखिला न लेने पर चार स्कूलों को नोटिस
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पीलीभीत। आरटीई के तहत चयनित किए गए बच्चों को निजी स्कूल संचालक प्री-प्राइमरी कक्षा में दाखिल नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को भटकना पड़ रहा है। बीएसए ने शहर के चार प्रतिष्ठित स्कूलों के संचालकों को बच्चों के दाखिले के बाबत नोटिस भेजा है।
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर दुर्बल वर्ग के बच्चों के दाखिले का प्रावधान है। प्रथम चरण में हुई लॉटरी में जनपद के 374 बच्चों का चयन किया गया था। चयनित बच्चों की सूची निजी स्कूलों को भेजकर दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे। संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल अपने यहां प्री-प्राइमरी कक्ष न होने की बात कहकर टरका रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को स्कूल और बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने मामला संज्ञान में आने पर प्री-प्राइमरी कक्षा में बच्चों का दाखिला न लेने वाले चार स्कूल संचालकों को 28 जून को नोटिस भेजा था। भेजे गए नोटिस में स्कूल संचालकों से यह जानकारी मांगी गई थी कि उनके स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षा संचालित होती है अथवा नहीं। बताते हैं कि चारों स्कूल संचालकों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इधर बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि बुधवार को चारों स्कूलों को रिमाइंडर भेजा गया है। नोटिस का जवाब न देने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर दुर्बल वर्ग के बच्चों के दाखिले का प्रावधान है। प्रथम चरण में हुई लॉटरी में जनपद के 374 बच्चों का चयन किया गया था। चयनित बच्चों की सूची निजी स्कूलों को भेजकर दाखिला देने के निर्देश दिए गए थे। संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल अपने यहां प्री-प्राइमरी कक्ष न होने की बात कहकर टरका रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को स्कूल और बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने मामला संज्ञान में आने पर प्री-प्राइमरी कक्षा में बच्चों का दाखिला न लेने वाले चार स्कूल संचालकों को 28 जून को नोटिस भेजा था। भेजे गए नोटिस में स्कूल संचालकों से यह जानकारी मांगी गई थी कि उनके स्कूल में प्री-प्राइमरी कक्षा संचालित होती है अथवा नहीं। बताते हैं कि चारों स्कूल संचालकों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इधर बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि बुधवार को चारों स्कूलों को रिमाइंडर भेजा गया है। नोटिस का जवाब न देने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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