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प्रेरणा एप के खिलाफ लामबंद हुए शिक्षक, प्रशिक्षण लेने से इंकार
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पीलीभीत। सेल्फी के माध्यम से विद्यालय में तीन बार उपस्थिति दर्ज कराने के लिए बने प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का शिक्षकों ने बहिष्कार करते हुए सरकार से सुविधाओं और संसाधनों में सुधार की मांग की। इस दौरान पूरनपुर, बीसलपुर में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया तो बिलसंडा में संकुल प्रभारियों ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए।
पूरनपुर। प्रेरणा एप के प्रशिक्षण को पूरनपुर और कलीनगर तहसील के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के इंचार्ज शिक्षकों को बुलाया गया था। जिसका उन्होंने बहिष्कार किया। शिक्षकों का कहना था कि उपस्थिति को लेकर दिन में तीन बार सेल्फी लेकर एप पर डालनी होगी। 24 घंटे मोबाइल का कैमरा और रिकार्डिंग ऑन रखनी होगी। इससे उनकी व्यक्तिगत गोपनीयता भंग होगी। प्रेरणा एप का प्रांतीय नेताओं का निर्देश मिलने तक प्रयोग नहीं किया जाएगा।
बीसलपुर। बेसिक शिक्षकों ने बीआरसी भवन में होने वाले प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार कर विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। शिक्षकों का आरोप था कि विभाग प्रेरणा एप के माध्यम से शिक्षकों का उत्पीड़न करने की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शन करने वालों में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर गंगवार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश अवस्थी, नगर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सौरभ बाजपेई आदि शामिल रहे।
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बरखेड़ा। यहां भी शिक्षकों ने प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार किया। बीआरसी पर हुई सभा में कहा कि सरकार इस तरह के आदेश लाकर समाज की नजरों में अध्यापकों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संजय गंगवार की अध्यक्षता में हुई सभा में मंत्री सत्येंद्र गंगवार, अवधेश गंगवार, चंद्रशेखर, जयकिरण, सुशील, अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गंगवार व शिक्षा मित्र संघ के हरीश गंगवार मौजूद रहे।
बिलसंडा। यहां भी बेसिक शिक्षकों ने प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार किया। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष सूरजपाल, मंत्री उमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे। यहां जितेंद्र गंगवार, गोपेश शर्मा, रामसतीश, अंकित जायसवाल, राजेंद्र राय समेत करीब 10 संकुल प्रभारियों ने इस्तीफा देने की घोषणा की।
प्रेरणा एप को लेकर यूटा भी हुआ लामबंद, सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले बेसिक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
मंगलवार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बिना व्यावहारिक स्थिति का आकलन और शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किए बिना ही आधी अधूरी तैयारियों के बीच प्रेरणा एप लागू किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कई मांगें उठाईं। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा, जिला महामंत्री मोहम्मद अकरम, जिला कोषाध्यक्ष केके सागर आदि शामिल रहे। ब्यूरो
शिक्षकों के प्रेरणा एप को लेकर विरोध के बाबत सभी खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रेरणा एप पांच सितंबर से लागू होना है।
-देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
ऐसे काम करेगा प्रेरणा एप
प्रत्येक शिक्षक को अपने स्मार्ट फोन में प्रेरणा एप डाउनलोड करना होगा। स्कूल में जाते ही मोबाइल से बच्चों के साथ सेल्फी लेकर एप में अपलोड करनी होगी। छात्रों की उपस्थित भी एप पर अपलोड की जाएगी। मिड-डे-मील दिए जाने की प्रक्रिया भी एप पर अपलोड होगी। स्कूल बंद होने की फोटो भी डालनी होगी। दफ्तरों में बैठे अधिकारी एप को खोलकर शिक्षकों की जांच कर सकेंगे। जिले से लेकर लखनऊ तक के अफसर इस पर नजर रखेंगे। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर अब कार्रवाई होगी। एप के माध्यम से बेसिक शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारियां भी प्राप्त की जा सकेंगी।
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पूरनपुर। प्रेरणा एप के प्रशिक्षण को पूरनपुर और कलीनगर तहसील के प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के इंचार्ज शिक्षकों को बुलाया गया था। जिसका उन्होंने बहिष्कार किया। शिक्षकों का कहना था कि उपस्थिति को लेकर दिन में तीन बार सेल्फी लेकर एप पर डालनी होगी। 24 घंटे मोबाइल का कैमरा और रिकार्डिंग ऑन रखनी होगी। इससे उनकी व्यक्तिगत गोपनीयता भंग होगी। प्रेरणा एप का प्रांतीय नेताओं का निर्देश मिलने तक प्रयोग नहीं किया जाएगा।
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बीसलपुर। बेसिक शिक्षकों ने बीआरसी भवन में होने वाले प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार कर विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की। शिक्षकों का आरोप था कि विभाग प्रेरणा एप के माध्यम से शिक्षकों का उत्पीड़न करने की तैयारी कर रहा है। प्रदर्शन करने वालों में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर गंगवार, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश अवस्थी, नगर बेसिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सौरभ बाजपेई आदि शामिल रहे।
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बरखेड़ा। यहां भी शिक्षकों ने प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार किया। बीआरसी पर हुई सभा में कहा कि सरकार इस तरह के आदेश लाकर समाज की नजरों में अध्यापकों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संजय गंगवार की अध्यक्षता में हुई सभा में मंत्री सत्येंद्र गंगवार, अवधेश गंगवार, चंद्रशेखर, जयकिरण, सुशील, अनुदेशक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र गंगवार व शिक्षा मित्र संघ के हरीश गंगवार मौजूद रहे।
बिलसंडा। यहां भी बेसिक शिक्षकों ने प्रेरणा एप के प्रशिक्षण का बहिष्कार किया। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष सूरजपाल, मंत्री उमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे। यहां जितेंद्र गंगवार, गोपेश शर्मा, रामसतीश, अंकित जायसवाल, राजेंद्र राय समेत करीब 10 संकुल प्रभारियों ने इस्तीफा देने की घोषणा की।
प्रेरणा एप को लेकर यूटा भी हुआ लामबंद, सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले बेसिक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
मंगलवार को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बिना व्यावहारिक स्थिति का आकलन और शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किए बिना ही आधी अधूरी तैयारियों के बीच प्रेरणा एप लागू किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कई मांगें उठाईं। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा, जिला महामंत्री मोहम्मद अकरम, जिला कोषाध्यक्ष केके सागर आदि शामिल रहे। ब्यूरो
शिक्षकों के प्रेरणा एप को लेकर विरोध के बाबत सभी खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रेरणा एप पांच सितंबर से लागू होना है।
-देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
ऐसे काम करेगा प्रेरणा एप
प्रत्येक शिक्षक को अपने स्मार्ट फोन में प्रेरणा एप डाउनलोड करना होगा। स्कूल में जाते ही मोबाइल से बच्चों के साथ सेल्फी लेकर एप में अपलोड करनी होगी। छात्रों की उपस्थित भी एप पर अपलोड की जाएगी। मिड-डे-मील दिए जाने की प्रक्रिया भी एप पर अपलोड होगी। स्कूल बंद होने की फोटो भी डालनी होगी। दफ्तरों में बैठे अधिकारी एप को खोलकर शिक्षकों की जांच कर सकेंगे। जिले से लेकर लखनऊ तक के अफसर इस पर नजर रखेंगे। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर अब कार्रवाई होगी। एप के माध्यम से बेसिक शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं की जानकारियां भी प्राप्त की जा सकेंगी।