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Pilibhit News: समय से नहीं आते चिकित्सक, मरीजों का आयुर्वेद से हो रहा मोहभंग
Fri, 20 Dec 2024 12:17 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 20 Dec 2024 12:17 AM IST
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पीलीभीत के आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सक कक्ष में सुबह 9.28 बजे खाली पड़ी चिकित्सक क
पीलीभीत। जिले के सबसे पुराने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीजों का आयुर्वेदिक इलाज से मोहभंग हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी 300 से 350 तक ही सिमट गई है, जबकि कुछ समय पहले तक यहां मरीजों की लाइन लगती थी। इस वजह से जिला अस्पताल पर दबाव बढ़ा है।
आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में ओपीडी का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है। बृहस्पतिवार को सुबह 9:30 बजे तक कई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुुंचे थे। प्रशिक्षु मनमाने तरीके से इधर-उधर घूम रहे थे। सुबह 9:10 बजे बहिरंग कक्ष-14 काय चिकित्सा में डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। बहिरंग कक्ष-11 ज्वर एवं अनुसंधान में भी डॉक्टर नजर नहीं आए।
इस कक्ष में दो चिकित्सकों के बैठने की बात कही गई। प्रवेश द्वार पर चिकित्सकों के नाम और निर्धारित दिन लिखे थे। पंंचकर्म विभाग में भी कोई नहीं था। पूछने पर बताया कि एक स्टाफ नर्स की ड्यूटी है, वो आ रही होंगी। पंचकर्म के दवा वितरण कक्ष में 9:15 बजे सफाई ही हो रही थी।
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ओपीडी शुरू होने के बाद तक सफाई ओपीडी शुरू होने के 15 मिनट बाद भी अस्पताल में कई स्थानों पर सफाई ही हो रही थी। प्राचार्य कक्ष के सामने हॉल में पोंछा लगाया जा रहा था। चिकित्सालय प्रभारी भी मौजूद नहीं थे। कक्ष में बैठे कर्मचारी ने बताया कि प्रभारी अवकाश पर हैं। नेत्र चिकित्सक की कुर्सी 9:28 बजे तक खाली रही। कक्ष में दो मरीज खड़े थे। डॉक्टर का इंतजार हो रहा था।
प्रकृति परीक्षण को प्रभावित कर रहा सर्वर और प्रशिक्षुओं का व्यवहार
केंद्र सरकार के निर्देश पर आयुष मंत्रालय प्रकृति परीक्षण अभियान चला रहा है। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों और चिकित्सकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सुबह के समय अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने एप तो डाउनलोड कर लिया, लेकिन सर्वर फेल होने से परीक्षण नहीं हो सका। वहीं, प्रशिक्षुओं की ओर से अस्पताल से पर्चा बनवाने की सलाह भी दी जा रही थी, जबकि परीक्षण के लिए पर्चे की आवश्यकता नहीं है।
ओपीडी में कम हुए मरीज
अस्पताल के पर्चा काउंटर के अनुसार 17 दिसंबर को 500 सौ से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें नये व पुराने पर्चे शामिल हैं। बुधवार को 321 नए पर्चे बनाए गए। 10 से 15 लोग पुराने पर्चे लेकर पहुंचे। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक सिर्फ 215 मरीज ही पहुंचे थे। इलाज के लिए आए मरीजों ने बताया कि कुछ समय पहले तक मरीजों की संख्या ज्यादा थी। समय से चिकित्सकों के न आने की वजह से लोगों ने उपचार के लिए यहां आना कम कर दिया है।
वर्जन
मैं आज अवकाश पर हूं। सुबह नौ से तीन बजे तक चिकित्सकों को ओपीडी करनी है। चिकित्सक समय से क्यों नहीं पहुंचे, इसकी जांच कराएंगे।
- विजेंद्र सिंह, चिकित्सालय प्रभारी
अस्पताल की ओपीडी में 300 से 400 लोग पहुंचते हैं। डॉ. शैलेंद्र की सुबह नौ से 10 के बीच क्लास रहती है। प्रकृति परीक्षण के लिए पर्चा नहीं बनता है, इसकी जांच कराएंगे। चिकित्सकों के समय से न आने के मामले की जांच भी कराई जाएगी।
- डॉ. सुदीप वेदार, प्राचार्य आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
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जिला अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए धक्कामुक्की
फोटो: 13,14
पीलीभीत। एक ओर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में मरीज घटे हैं, वहीं जिला अस्पताल में उपचार के लिए मारामारी के हालात हैं। पर्चा, दवा काउंटर के अलावा डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लंबी लाइन लग रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय जिला अस्पताल के डिजिटल कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। धक्कामुक्की भी हुई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर भी मरीजों की लंबी लाइन थी। कई मरीज परेशान होकर भटक रहे थे। दवा वितरण काउंटर पर भी भीड़ थी। दोपहर तक 1100 से अधिक लोग ओपीडी में पहुंचे थे। संवाद
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आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में ओपीडी का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक है। बृहस्पतिवार को सुबह 9:30 बजे तक कई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुुंचे थे। प्रशिक्षु मनमाने तरीके से इधर-उधर घूम रहे थे। सुबह 9:10 बजे बहिरंग कक्ष-14 काय चिकित्सा में डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। बहिरंग कक्ष-11 ज्वर एवं अनुसंधान में भी डॉक्टर नजर नहीं आए।
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इस कक्ष में दो चिकित्सकों के बैठने की बात कही गई। प्रवेश द्वार पर चिकित्सकों के नाम और निर्धारित दिन लिखे थे। पंंचकर्म विभाग में भी कोई नहीं था। पूछने पर बताया कि एक स्टाफ नर्स की ड्यूटी है, वो आ रही होंगी। पंचकर्म के दवा वितरण कक्ष में 9:15 बजे सफाई ही हो रही थी।
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ओपीडी शुरू होने के बाद तक सफाई ओपीडी शुरू होने के 15 मिनट बाद भी अस्पताल में कई स्थानों पर सफाई ही हो रही थी। प्राचार्य कक्ष के सामने हॉल में पोंछा लगाया जा रहा था। चिकित्सालय प्रभारी भी मौजूद नहीं थे। कक्ष में बैठे कर्मचारी ने बताया कि प्रभारी अवकाश पर हैं। नेत्र चिकित्सक की कुर्सी 9:28 बजे तक खाली रही। कक्ष में दो मरीज खड़े थे। डॉक्टर का इंतजार हो रहा था।
प्रकृति परीक्षण को प्रभावित कर रहा सर्वर और प्रशिक्षुओं का व्यवहार
केंद्र सरकार के निर्देश पर आयुष मंत्रालय प्रकृति परीक्षण अभियान चला रहा है। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों और चिकित्सकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सुबह के समय अस्पताल पहुंचे कई मरीजों ने एप तो डाउनलोड कर लिया, लेकिन सर्वर फेल होने से परीक्षण नहीं हो सका। वहीं, प्रशिक्षुओं की ओर से अस्पताल से पर्चा बनवाने की सलाह भी दी जा रही थी, जबकि परीक्षण के लिए पर्चे की आवश्यकता नहीं है।
ओपीडी में कम हुए मरीज
अस्पताल के पर्चा काउंटर के अनुसार 17 दिसंबर को 500 सौ से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें नये व पुराने पर्चे शामिल हैं। बुधवार को 321 नए पर्चे बनाए गए। 10 से 15 लोग पुराने पर्चे लेकर पहुंचे। वहीं बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे तक सिर्फ 215 मरीज ही पहुंचे थे। इलाज के लिए आए मरीजों ने बताया कि कुछ समय पहले तक मरीजों की संख्या ज्यादा थी। समय से चिकित्सकों के न आने की वजह से लोगों ने उपचार के लिए यहां आना कम कर दिया है।
वर्जन
मैं आज अवकाश पर हूं। सुबह नौ से तीन बजे तक चिकित्सकों को ओपीडी करनी है। चिकित्सक समय से क्यों नहीं पहुंचे, इसकी जांच कराएंगे।
- विजेंद्र सिंह, चिकित्सालय प्रभारी
अस्पताल की ओपीडी में 300 से 400 लोग पहुंचते हैं। डॉ. शैलेंद्र की सुबह नौ से 10 के बीच क्लास रहती है। प्रकृति परीक्षण के लिए पर्चा नहीं बनता है, इसकी जांच कराएंगे। चिकित्सकों के समय से न आने के मामले की जांच भी कराई जाएगी।
- डॉ. सुदीप वेदार, प्राचार्य आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
जिला अस्पताल में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए धक्कामुक्की
फोटो: 13,14
पीलीभीत। एक ओर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में मरीज घटे हैं, वहीं जिला अस्पताल में उपचार के लिए मारामारी के हालात हैं। पर्चा, दवा काउंटर के अलावा डिजिटल एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लंबी लाइन लग रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय जिला अस्पताल के डिजिटल कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। धक्कामुक्की भी हुई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर भी मरीजों की लंबी लाइन थी। कई मरीज परेशान होकर भटक रहे थे। दवा वितरण काउंटर पर भी भीड़ थी। दोपहर तक 1100 से अधिक लोग ओपीडी में पहुंचे थे। संवाद

पीलीभीत के आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सक कक्ष में सुबह 9.28 बजे खाली पड़ी चिकित्सक क

पीलीभीत के आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सक कक्ष में सुबह 9.28 बजे खाली पड़ी चिकित्सक क

पीलीभीत के आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सक कक्ष में सुबह 9.28 बजे खाली पड़ी चिकित्सक क