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बिना प्रैक्टिकल के बन रहे डिप्लोमा इंजीनियर

Wed, 24 Aug 2022 12:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 12:14 AM IST
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Diploma Engineers getting ready without practical
राजकीय पॉलिटेक्निक भवन पूरनपुर। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। पूरनपुर के निकट गुलाबटांडा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में आधे-अधूरे प्रैक्टिकल के साथ डिप्लोमा इंजीनियर तैयार किए जा रहे हैं। यहां प्रयोगशाला तो है, लेकिन उपकरणों का अभाव है। छह वर्ष पहले पॉलिटेक्निक की स्थापना के समय प्रयोगशाला के उपकरण खरीदने के लिए दो करोड़, 20 लाख रुपये मंजूर हुए थे। प्राविधिक शिक्षा के निदेशालय को उपकरण खरीदकर भेजने थे, लेकिन अब तक खरीद नहीं हो सकी। इसका खामियाजा उन 385 विद्यार्थियों पर पड़ रहा है जो इंजीनियर बनने का सपना लेकर यहां आए हैं।
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वर्ष 2016 में राजकीय पॉलिटेक्निक की स्थापना की गई थी। इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल इंजीनियर तैयार करने के लिए तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के अंतर्गत पढ़ाई होती है। पढ़ाई के लिए प्रैक्टिकल जरूरी है। इसीलिए स्थापना के साथ ही बड़ी-बड़ी प्रयोगशालाएं बनाई गईं थीं। उपकरण खरीदने के लिए बजट मंजूर हुआ, लेकिन बजट का विद्यार्थी के हित में अब तक सदुपयोग नहीं हो सका। इसका खामियाजा विद्यार्थी भुगत रहे हैं। सभी प्रैक्टिकल नहीं हो पाते हैं। आधे-अधूरे प्रैक्टिकल की बदौलत ही विद्यार्थी इंजीनियर बन रहे हैं।
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इस विषय में पॉलिटेक्निक के कार्यवाहक प्राचार्य यज्ञ प्रकाश आर्य से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि प्रैक्टिकल के लिए प्रथम वर्ष में कोई दिक्कत नहीं आती है, क्योंकि थोड़े उपकरण हैं लेकिन द्वितीय और तृतीय वर्ष की पढ़ाई के लिए जिन प्रयोगों की बहुत जरूरत होती है उसके उपकरण पूरे नहीं हैं। इसलिए इलेक्ट्रिकल के विद्यार्थियों को पीलीभीत के पॉलिटेक्निक में लेकर जाते हैं।
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मैकेनिकल के विद्यार्थियों को शाहजहांपुर के पॉलिटेक्निक में प्रायोगिक कक्षाओं के लिए लेकर जाते हैं। अगर स्थानीय स्तर पर प्रायोगिक पढ़ाई के लिए उपकरण हों तो दिक्कत नहीं आएगी। सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. नितिन पाल ने बताया कि संस्था के पास बहुत से उपकरण हैं लेकिन जो नहीं उसके लिए दूसरे पालिटेक्निक भेजा जाता है।
लैब के लिए उपकरण खरीदे जाने के संबंध में शासन को लिखेंगे, ताकि विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो जाए। -पुलकित खरे, जिलाधिकारी
मैंने दस दिन पहले ही ज्वाइन किया है। अभी मुझे जानकारी नहीं है कि पीलीभीत के गुलाबटांडा स्थित पॉलिटेक्निक के लिए उपकरण क्यों नहीं खरीदे गए। पूरे प्रकरण को देखकर कार्रवाई करेंगे। - दिनेश मोहन सिंह, निदेशक, प्राविधिक शिक्षा, लखनऊ

विद्यार्थी बोले- नहीं हो पाते समय पर प्रैक्टिकल पूरे
सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे शिवम सागर ने कहा कि उपकरण न होने से परेशानी होती है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की अंतिम वर्ष की छात्रा शीतल देवी ने कहा कि जितनी जल्दी हो उपकरण खरीदे जाएं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थी अमित कुमार वर्मा ने प्रैक्टिकल उपकरण न होने से भी प्रैक्टिकल समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं।
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