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Pilibhit News: बदलते मौसम में सांस रोगियों की बढ़ी मुश्किल
Tue, 28 Nov 2023 12:05 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 28 Nov 2023 12:05 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में लगी लाइन । संवाद
पीलीभीत। वातावरण में घुले प्रदूषण और बदलते मौसम में सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में पिछले 20 दिन में 15 से 20 फीसदी सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. सूरज पांडेय ने बताया कि दिवाली पर जलाए गए पटाखों के धुएं से लोगों में सांस की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा मौसम में परिवर्तन भी एक वजह है। कोहरा और धुंध के समय भी सांस के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। डॉक्टर के मुताबिक, कई बार खान-पान की लापरवाही से भी सांस की समस्या बढ़ जाती है। खासकर धूम्रपान से। काफी लोग धूम्रपान की वजह से सांस के मरीज बन जाते हैं। तंबाकू के सेवन से भी यह समस्या पैदा हो सकती है। तंबाकू में ऐसे तत्व होते हैं जो फेफड़ों में जाकर रुकावट पैदा करते हैं। इससे सांस की बीमारी होने लगती है। बदलते मौसम से अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आती है। सर्दियों में अधिकांश लोग सालभर रखे कपड़ों को बिना धूप दिखाए पहन लेते हैं, यह भी एक वजह है।
50 से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादा परेशान
सांस के रोगियों के मेडिकल कॉलेज में पहले करीब 90-100 मरीज आते थे। इनमें आठ-दस को ज्यादा परेशानी होती थी, लेकिन अब इनका आंकड़ा 120 से 150 तक पहुंच गया है। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टर ने बताया कि अधिकांश मरीज 50 साल से ज्यादा उम्र के आ रहे हैं।
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यह करें उपाय
ठंडी हवा, धूल व धूम्रपान से बचें। सुबह सांस लेने की एक्सरसाइज करें। अंदर तक गहरी सांस लें। इससे फेफड़ों को भरपूर ऑक्सीजन मिलेगी। साथ ही हेल्दी डाइट लें। नियमित व्यायाम करें। फिर भी अगर दिक्कत हो रही है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
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मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉ. सूरज पांडेय ने बताया कि दिवाली पर जलाए गए पटाखों के धुएं से लोगों में सांस की समस्या बढ़ी है। इसके अलावा मौसम में परिवर्तन भी एक वजह है। कोहरा और धुंध के समय भी सांस के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। डॉक्टर के मुताबिक, कई बार खान-पान की लापरवाही से भी सांस की समस्या बढ़ जाती है। खासकर धूम्रपान से। काफी लोग धूम्रपान की वजह से सांस के मरीज बन जाते हैं। तंबाकू के सेवन से भी यह समस्या पैदा हो सकती है। तंबाकू में ऐसे तत्व होते हैं जो फेफड़ों में जाकर रुकावट पैदा करते हैं। इससे सांस की बीमारी होने लगती है। बदलते मौसम से अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत आती है। सर्दियों में अधिकांश लोग सालभर रखे कपड़ों को बिना धूप दिखाए पहन लेते हैं, यह भी एक वजह है।
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50 से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादा परेशान
सांस के रोगियों के मेडिकल कॉलेज में पहले करीब 90-100 मरीज आते थे। इनमें आठ-दस को ज्यादा परेशानी होती थी, लेकिन अब इनका आंकड़ा 120 से 150 तक पहुंच गया है। इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। डॉक्टर ने बताया कि अधिकांश मरीज 50 साल से ज्यादा उम्र के आ रहे हैं।
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यह करें उपाय
ठंडी हवा, धूल व धूम्रपान से बचें। सुबह सांस लेने की एक्सरसाइज करें। अंदर तक गहरी सांस लें। इससे फेफड़ों को भरपूर ऑक्सीजन मिलेगी। साथ ही हेल्दी डाइट लें। नियमित व्यायाम करें। फिर भी अगर दिक्कत हो रही है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।