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दावत-ए-इस्लामी ः छह मदरसों को नोटिस जारी
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पीलीभीत। पुलिस-प्रशासन के खुफिया तंत्र ने छह ऐसे मदरसे जिले में चिह्नित किए हैं, जिनके संबंध दावत-ए-इस्लामी संगठन से रहे हैं। संगठन के लिए मदरसे में चंदा एकत्र होता था। चंदे की रकम बैंक खाते के माध्यम से भेजी जाती थी। क्या बदले में मदरसों को संगठन की ओर से फंडिंग की जाती थी, इस सवाल का जवाब जानने को छानबीन शुरू कर दी गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों को नोटिस जारी किए हैं।
उदयपुर की घटना के बाद दावत ए इस्लामी संगठन का नाम चर्चा में आया। इस पर पुलिस और प्रशासन ने संगठन से जुड़े लोगों की निगरानी कराई। जिले में संगठन के लिए चंदा एकत्र करने वालों की छानबीन की गई। यह पता लगा कि छह मदरसों में गुल्लक रखी थी और चंदा एकत्र किया जाता था। इन मदरसों की सूची अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को मिल चुकी है।
विभाग के स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि संगठन के साथ इनके वित्तीय संबंधों का खुलासा हो सके। क्या मदरसों को संगठन की ओर से फंडिंग भी होती थी, इस पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि छह मदरसों नोटिस जारी किए गए हैं। जब तक जवाब न आ जाए, निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।
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जवाब दाखिल करने के लिए मदरसा प्रबंधकों को सात दिन का वक्त दिया गया है। वहीं, एसपी दिनेश कुमार पी. ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि दावत-ए-इस्लामी संगठन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। पुलिस सिर्फ एहतियाती तौर पर छानबीन कर रही है। संगठन से जुड़ी शिक्षण संस्थाओं के बारे में शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पता लगा रहा है। अगर नियम कानून का उल्लंघन मिलता तो यही विभाग अपने स्तर से कार्रवाई कर सकेंगे।
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उदयपुर की घटना के बाद दावत ए इस्लामी संगठन का नाम चर्चा में आया। इस पर पुलिस और प्रशासन ने संगठन से जुड़े लोगों की निगरानी कराई। जिले में संगठन के लिए चंदा एकत्र करने वालों की छानबीन की गई। यह पता लगा कि छह मदरसों में गुल्लक रखी थी और चंदा एकत्र किया जाता था। इन मदरसों की सूची अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को मिल चुकी है।
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विभाग के स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं, ताकि संगठन के साथ इनके वित्तीय संबंधों का खुलासा हो सके। क्या मदरसों को संगठन की ओर से फंडिंग भी होती थी, इस पर भी जानकारी जुटाई जा रही है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि छह मदरसों नोटिस जारी किए गए हैं। जब तक जवाब न आ जाए, निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।
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जवाब दाखिल करने के लिए मदरसा प्रबंधकों को सात दिन का वक्त दिया गया है। वहीं, एसपी दिनेश कुमार पी. ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि दावत-ए-इस्लामी संगठन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। पुलिस सिर्फ एहतियाती तौर पर छानबीन कर रही है। संगठन से जुड़ी शिक्षण संस्थाओं के बारे में शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग पता लगा रहा है। अगर नियम कानून का उल्लंघन मिलता तो यही विभाग अपने स्तर से कार्रवाई कर सकेंगे।