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Pilibhit News: कोचिंग व लाइब्रेरी में कदम-कदम पर खतरा, क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर खिलवाड़
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पीलीभीत। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद जिले भर में संचालित शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए जा रहे निरीक्षण में परत-दर-परत गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। शहर में कई कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और कंप्यूटर संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर संचालित करते मिले। अधिकांश संस्थानों में निकासी के लिए केवल एक संकरा दरवाजा ही मिला, जो किसी आपात स्थिति में छात्रों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
फायर विभाग की जांच में कई ऐसे संस्थान मिले हैं जो बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। यहां अग्नि सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं मिले। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि बुधवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के साथ उन्होंने शहर के सुनगढ़ी इलाके में संचालित सुमन कंप्यूटर सेंटर, नकटदाना चौराहा के नजदीक सक्सेस लाइब्रेरी, शहर में ही संचालित सिद्धार्थ लाइब्रेरी व एक अन्य लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। जांच में ये सभी संकरी गलियों में संचालित पाए गए। इन संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश स्थान पर क्षमता से अधिक करीब 20-20 बच्चे मिले।
कोई घटना होने पर निकासी व्यवस्था अपर्याप्त मानी गई। अधिकांश कोचिंग और लाइब्रेरी में एक ही एक दरवाजा मिला, वह भी संकरा था। ऐसे में आपात स्थिति में बच्चों को बाहर निकलना मुश्किल होगा। अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। सीएफओ ने बताया कि सभी संस्थानों को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। इस संबंध में बुधवार को डीआईओएस को पत्र भी भेज दिया गया है।
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मंगलवार को भी बिना पंजीकरण मिली 12 लाइब्रेरी, मानक थे अधूरे : मंगलवार को भी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान में शहर और बीसलपुर क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान इन सभी 12 प्रमुख लाइब्रेरियों में से एक भी वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सकी। नई बस्ती मार्ग, गांधी स्टेडियम रोड, आवास विकास कॉलोनी और अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में संचालित संस्थानों की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
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छुट्टियों में बंद मिले अधिकांश कोचिंग सेंटर
ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते अधिकांश हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के कोचिंग संस्थान बंद मिले। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों के बारे में जांच कराई जा रही है। इसके अलावा कई लाइब्रेरियों में छात्र बड़ी संख्या में मौजूद मिले थे। सीएफओ अनुराग सिंह के अनुसार अधिकांश कोचिंग सेंटर में क्षमता से 20 से 22 बच्चे अतिरिक्त बैठे मिले। निकासी की व्यवस्था भी नाकाफी मिली। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
छह लाइब्रेरियों में फायर एक्सटिंग्विशर तक नहीं
फायर विभाग की जांच में छह ऐसी लाइब्रेरियां भी मिलीं जहां आग बुझाने के लिए न्यूनतम आवश्यक अग्निशमन उपकरण तक मौजूद नहीं थे। इसमें चार शहर और दो बीसलपुर की लाइब्रेरी शामिल हैं। विभाग ने इन संचालकों को तत्काल नोटिस जारी कर फायर एक्सटिंग्विशर लगाने के निर्देश दिए हैं।
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पूरनपुर में भी एसडीएम ने कोचिंग सेंटरों का किया निरीक्षण
पूरनपुर। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने पुलिस और राजस्व टीम के साथ नगर और देहात के 10 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटरों के प्रवेश, निकास द्वार, आग बुझाने के उपकरण आदि को देखा गया। अधिकांश सेंटरों पर व्यवस्थाएं सही मिलीं। कुछ सेंटरों पर आग बुझाने का एक सिलिंडर मिलने पर सेंटर संचालक को कम से कम दो सिलिंडर रखने, उनको नियमित अपडेट कराने के निर्देश दिए गए। टीम में तहसीलदार आशीष गुप्ता, कोतवाल पवन कुमार पांडेय आदि शामिल रहे। संवाद
बीसलपुर के एसडीएम ने दिए लेखपालों को निर्देश
बीसलपुर। एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालयों का दो दिन के भीतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। लेखपालों से कहा गया कि वे सभी कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालयों का बारीकी से निरीक्षण करें। एसडीएम ने बताया कि शुक्रवार को जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेजी जाएगी। संवाद
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जांच टीम की रिपोर्ट का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मानकों के विपरित संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम
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फायर विभाग की जांच में कई ऐसे संस्थान मिले हैं जो बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। यहां अग्नि सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं मिले। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि बुधवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के साथ उन्होंने शहर के सुनगढ़ी इलाके में संचालित सुमन कंप्यूटर सेंटर, नकटदाना चौराहा के नजदीक सक्सेस लाइब्रेरी, शहर में ही संचालित सिद्धार्थ लाइब्रेरी व एक अन्य लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। जांच में ये सभी संकरी गलियों में संचालित पाए गए। इन संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने की बात सामने आई। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश स्थान पर क्षमता से अधिक करीब 20-20 बच्चे मिले।
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कोई घटना होने पर निकासी व्यवस्था अपर्याप्त मानी गई। अधिकांश कोचिंग और लाइब्रेरी में एक ही एक दरवाजा मिला, वह भी संकरा था। ऐसे में आपात स्थिति में बच्चों को बाहर निकलना मुश्किल होगा। अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। सीएफओ ने बताया कि सभी संस्थानों को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। इस संबंध में बुधवार को डीआईओएस को पत्र भी भेज दिया गया है।
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मंगलवार को भी बिना पंजीकरण मिली 12 लाइब्रेरी, मानक थे अधूरे : मंगलवार को भी मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान में शहर और बीसलपुर क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरियों और कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान इन सभी 12 प्रमुख लाइब्रेरियों में से एक भी वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सकी। नई बस्ती मार्ग, गांधी स्टेडियम रोड, आवास विकास कॉलोनी और अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में संचालित संस्थानों की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
छुट्टियों में बंद मिले अधिकांश कोचिंग सेंटर
ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते अधिकांश हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के कोचिंग संस्थान बंद मिले। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों के बारे में जांच कराई जा रही है। इसके अलावा कई लाइब्रेरियों में छात्र बड़ी संख्या में मौजूद मिले थे। सीएफओ अनुराग सिंह के अनुसार अधिकांश कोचिंग सेंटर में क्षमता से 20 से 22 बच्चे अतिरिक्त बैठे मिले। निकासी की व्यवस्था भी नाकाफी मिली। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
छह लाइब्रेरियों में फायर एक्सटिंग्विशर तक नहीं
फायर विभाग की जांच में छह ऐसी लाइब्रेरियां भी मिलीं जहां आग बुझाने के लिए न्यूनतम आवश्यक अग्निशमन उपकरण तक मौजूद नहीं थे। इसमें चार शहर और दो बीसलपुर की लाइब्रेरी शामिल हैं। विभाग ने इन संचालकों को तत्काल नोटिस जारी कर फायर एक्सटिंग्विशर लगाने के निर्देश दिए हैं।
पूरनपुर में भी एसडीएम ने कोचिंग सेंटरों का किया निरीक्षण
पूरनपुर। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने पुलिस और राजस्व टीम के साथ नगर और देहात के 10 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि कोचिंग सेंटरों के प्रवेश, निकास द्वार, आग बुझाने के उपकरण आदि को देखा गया। अधिकांश सेंटरों पर व्यवस्थाएं सही मिलीं। कुछ सेंटरों पर आग बुझाने का एक सिलिंडर मिलने पर सेंटर संचालक को कम से कम दो सिलिंडर रखने, उनको नियमित अपडेट कराने के निर्देश दिए गए। टीम में तहसीलदार आशीष गुप्ता, कोतवाल पवन कुमार पांडेय आदि शामिल रहे। संवाद
बीसलपुर के एसडीएम ने दिए लेखपालों को निर्देश
बीसलपुर। एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालयों का दो दिन के भीतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। लेखपालों से कहा गया कि वे सभी कोचिंग सेंटरों और पुस्तकालयों का बारीकी से निरीक्षण करें। एसडीएम ने बताया कि शुक्रवार को जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेजी जाएगी। संवाद
जांच टीम की रिपोर्ट का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मानकों के विपरित संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम