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अवसाद से बचने के लिए युवा ले रहे योग का सहारा

Tue, 13 Aug 2019 01:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 13 Aug 2019 01:54 AM IST
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cultural
पीलीभीत। आधुनिकता की चकाचौंध और भागमभाग भरी जिंदगी में युवाओं की जीवनशैली में तेजी से बदलाव दिख रहा है। बदलती जीवन शैली पर ज्यादा कमाने की चाह में अधिकतर युवा अवसाद से ग्रस्त होते जा रहे हैं। ऐसे में वह खुद को परेशान महसूस करने लगे हैं। जिससे राहत पाने को सभी जिंदगी को आसान बनाने की चाह रख रहे हैं। ऐसे में युवा वर्ग अवसाद से बचने के लिए योग का सहारा ले रहा है। तनाव को दूर करने और मानसिक उन्मुक्त वातावरण पाने के लिए योगाभ्यास की ओर युवाओं की रुचि बढ़ी है। योग शिविरों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। यही वजह है कि कई योगाभ्यास केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इनमें युवा वर्ग की भागीदारी भी अहम है। अमर उजाला ने इसको लेकर युवाओं से उनकी प्रतिक्रिया जानी तो उन्होंने योग को जीवन का हिस्सा बताते हुए अन्य लोगों को भी योग से जुड़ने की सलाह दी।
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तन- मन को स्थिर रखता है योग
जब तक मन स्थिर नहीं होता हमारा तन भी अस्थिरता के दौर से जूझता रहता है। योगाभ्यास इसको दूर करने का एक बेहतर साधन है। जोकि तन-मन को स्थिर रखने में काफी मदद करता है। हर किसी को योग से जुड़ना चाहिए।
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-लखविंदर सिंह

जीवन को संतुलित बनाता है योग
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित रूप से जीने की कला है। दिन भर काम के बाद कुछ देर योगाभ्यास करने से शारीरिक और मानसिक उल्लास का अनुभव किया जा सकता है।
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- रोहन
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