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11वीं के छात्र या शातिर कातिल
सार
हिमांशु की हत्या करने वाले दोनों दोस्त उसके साथ ही कक्षा 11 में पढ़ते हैं।पुलिस को भी उम्मीद नहीं थी कि 11वीं में पढ़ने वाले छात्र किसी की हत्या कर सकते हैं लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की तब वह टूट गए।पुलिस दोनों आरोपियों के शैक्षणिक कागजात जांच रही है।
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विस्तार
पीलीभीत। हिमांशु की हत्या करने वाले दोनों दोस्त उसके साथ ही कक्षा 11 में पढ़ते हैं। पिछले दो-तीन साल से हिमांशु की दोनों से दोस्ती थी लेकिन बीस हजार रुपये की उधारी ने दोस्ती दुश्मनी में बदल दी। हत्या के बाद दोनों दोस्तों ने शव खन्नौत नदी में यह सोचकर फेंक दिया कि मगरमच्छ शव खा जाएगा और वह कभी नहीं पकड़े जाएंगे।
11 वीं में पढ़ने वाले छात्र इतने शातिर हो सकते हैं, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अभी तक की जांच पड़ताल में गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आ रही है। लाश न मिले इसके लिए दोनों दोस्तों ने दियोरया मार्ग पर आगे जाकर बह रही नदी में शव फेंक दिया। इस नदी में कई मगरमच्छ भी हैं। दोनों दोस्तों को उम्मीद थी कि शव मगरमच्छ खा जाएंगे। शव नहीं मिलेगा तो हत्या का राज भी नहीं खुुलेगा। यह वहीं दियोरिया- घुंघचाई मार्ग है, जहां करीब दस महीने पहले बाघ ने बाइक सवार दो दोस्तों पर हमला कर दिया था। इसमें एक की मौत हो गई थी। इससे थोड़ा आगे जाकर ही नदी है। यह इलाका काफी सुनसान रहता है।
पकड़े जाने के बाद भी दोनों दोस्त झूठ बोलते रहे। कई बार पुलिस को गुमराह किया। पुलिस को भी उम्मीद नहीं थी कि 11वीं में पढ़ने वाले छात्र किसी की हत्या कर सकते हैं लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की तब वह टूट गए। पुलिस दोनों छात्रों की निशानदेही पर बुधवार सुबह जब नदी किनारे पहुंची तो शव उतराता मिला। मछलियों व अन्य कीड़े मकोड़ों ने शव खा लिया था। जिस कारण शव क्षत विक्षत हो चुका था। पुलिस दोनों आरोपियों के शैक्षणिक कागजात जांच रही है। जिससे यह पता चल सके कि वह बालिग हैं या नाबालिग। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्कूल के शिक्षक, वहां पढ़ने वाले छात्र व अभिभावक सकते में हैं।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था हिमांशु
हिमांशु हरप्रसाद का इकलौता बेटा था। हिमांशु के अलावा उनके तीन बेटी प्रियंका, प्रियांशी व शीतल है। वह काफी होनहार था। 10वीं में हिमांशु की 89 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिवार वाले उसे पढ़ाई के लिए कोटा भेजने की तैयारी कर रहे थे। हिमांशु की हत्या की बात सुनते ही उनके घर पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। जिस किसी ने भी सुना वह अवाक रह गया।
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11 वीं में पढ़ने वाले छात्र इतने शातिर हो सकते हैं, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अभी तक की जांच पड़ताल में गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आ रही है। लाश न मिले इसके लिए दोनों दोस्तों ने दियोरया मार्ग पर आगे जाकर बह रही नदी में शव फेंक दिया। इस नदी में कई मगरमच्छ भी हैं। दोनों दोस्तों को उम्मीद थी कि शव मगरमच्छ खा जाएंगे। शव नहीं मिलेगा तो हत्या का राज भी नहीं खुुलेगा। यह वहीं दियोरिया- घुंघचाई मार्ग है, जहां करीब दस महीने पहले बाघ ने बाइक सवार दो दोस्तों पर हमला कर दिया था। इसमें एक की मौत हो गई थी। इससे थोड़ा आगे जाकर ही नदी है। यह इलाका काफी सुनसान रहता है।
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पकड़े जाने के बाद भी दोनों दोस्त झूठ बोलते रहे। कई बार पुलिस को गुमराह किया। पुलिस को भी उम्मीद नहीं थी कि 11वीं में पढ़ने वाले छात्र किसी की हत्या कर सकते हैं लेकिन जब सख्ती से पूछताछ की तब वह टूट गए। पुलिस दोनों छात्रों की निशानदेही पर बुधवार सुबह जब नदी किनारे पहुंची तो शव उतराता मिला। मछलियों व अन्य कीड़े मकोड़ों ने शव खा लिया था। जिस कारण शव क्षत विक्षत हो चुका था। पुलिस दोनों आरोपियों के शैक्षणिक कागजात जांच रही है। जिससे यह पता चल सके कि वह बालिग हैं या नाबालिग। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्कूल के शिक्षक, वहां पढ़ने वाले छात्र व अभिभावक सकते में हैं।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था हिमांशु
हिमांशु हरप्रसाद का इकलौता बेटा था। हिमांशु के अलावा उनके तीन बेटी प्रियंका, प्रियांशी व शीतल है। वह काफी होनहार था। 10वीं में हिमांशु की 89 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। परिवार वाले उसे पढ़ाई के लिए कोटा भेजने की तैयारी कर रहे थे। हिमांशु की हत्या की बात सुनते ही उनके घर पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। जिस किसी ने भी सुना वह अवाक रह गया।