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नाले में मिट्टी भरे बोरे से दबा मिला मजदूर का शव
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत/बिलसंडा।
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:12 AM IST
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परिवार
- फोटो : अमर उजाला
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रविवार शाम तालाब से मछली पकड़ने गया था
घरवालों ने जताई हत्या की आशंका, तहरीर दी
रविवार को मछली पकड़ने के लिए घर से निकले मजदूर की लाश मंगलवार को तालाब से सटे नाले में मिट्टी भरे बोरों के नीचे दबी मिली है। उसके एक दोस्त की सूचना पर घरवालों लाश का पता लगा। बिलसंडा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घरवालों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या की आशंका जाहिर करते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दी है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव बमरौली निवासी मुंशीलाल ने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा नेमचंद मजदूरी करता था। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे वह मछली पकड़ने के लिए गांव के ही मंगली के साथ घर के दो सौ मीटर दूर तालाब पर गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं था। रात भर इंतजार करने के बाद दूसरे दिन घरवालों ने नेमचंद की तलाश की तो उन्हें गांव के ही ब्रजपाल के साथ रविवार शाम को नेमचंद के शराब पीने की जानकारी मिली। पूछने पर ब्रजपाल ने घरवालों को बताया कि वह नेमचंद को तालाब के पास छोड़ आया था। इस पर घरवाले तालाब के आसपास नेमचंद की तलाश करने पहुंचे। काफी तलाशने के बाद सोमवार देर शाम उसका शव तालाब से सटे नाले में पड़ा मिला। लाश को मिट्टी भरे बोरों से दबाया गया था। नाक और मुंह से रिसकर खून जम गया था। कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान थे। इससे पुलिस को हत्या कर लाश छिपाने का संदेह है। मंगलवार सुबह बिलसंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों ने पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है।
नाग पंचमी पर हुआ था झगड़ा
नाग पंचमी के दिन नेमचंद का गांव के ही एक परिवार से विवाद हुआ था। इसका मुकदमा भी दर्ज है। इस मामले में तारीख पर घटना के दिन नेमचंद के पिता मुंशीलाल पीलीभीत कोर्ट आए थे। घरवालों को शक है कि इसी रंजिश में नेमचंद की हत्या की गई है।
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ब्रजपाल ही बता सकता है, आखिर हुआ क्या
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद नेमचंद के घरवाले वैसे तो नामजद तहरीर पुलिस को दे चुके है। वे पुरानी रंजिश में हत्या की बात कह रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है, वे शव मिलने के बाद से परिवार समेत गांव से फरार हैं। रविवार शाम को ब्रजपाल के साथ नेमचंद ने शराब पी थी। उस वक्त क्या हुआ था, इसकी जानकारी ब्रजपाल ही दे सकता है।
अविवाहित था मृतक नेमचंद
दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुंशीलाल के छह बच्चों में चार बेटियों की शादी हो चुकी है। दो बेटों में नेमचंद छोटा और अविवाहित था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है।
घटना को लेकर गंभीर नहीं दिखी पुलिस
लापता दलित मजदूर का शव मिलने के बाद भी पुलिस का रवैया लापरवाही भरा रहा। घरवालों के सोमवार रात को ही सूचना दे देने के बावजूद पुलिस करीब 12 घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस बीत घरवाले नाले से लाश निकालकर पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। कर्मी नहीं पहुंचा। परिवार वाले शव निकालकर पुलिस का इंतजार करते रहे। मंगलवार को भी पुलिस तब पहुंची जब घरवालों ने दुबारा थाने जाकर खबर दी।
नेमचंद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घरवाले हत्या की आशंका जता रहे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसी के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र यादव, एसओ बिलसंडा
घरवालों ने जताई हत्या की आशंका, तहरीर दी
रविवार को मछली पकड़ने के लिए घर से निकले मजदूर की लाश मंगलवार को तालाब से सटे नाले में मिट्टी भरे बोरों के नीचे दबी मिली है। उसके एक दोस्त की सूचना पर घरवालों लाश का पता लगा। बिलसंडा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घरवालों ने पुरानी रंजिश के चलते हत्या की आशंका जाहिर करते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दी है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव बमरौली निवासी मुंशीलाल ने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा नेमचंद मजदूरी करता था। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे वह मछली पकड़ने के लिए गांव के ही मंगली के साथ घर के दो सौ मीटर दूर तालाब पर गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं था। रात भर इंतजार करने के बाद दूसरे दिन घरवालों ने नेमचंद की तलाश की तो उन्हें गांव के ही ब्रजपाल के साथ रविवार शाम को नेमचंद के शराब पीने की जानकारी मिली। पूछने पर ब्रजपाल ने घरवालों को बताया कि वह नेमचंद को तालाब के पास छोड़ आया था। इस पर घरवाले तालाब के आसपास नेमचंद की तलाश करने पहुंचे। काफी तलाशने के बाद सोमवार देर शाम उसका शव तालाब से सटे नाले में पड़ा मिला। लाश को मिट्टी भरे बोरों से दबाया गया था। नाक और मुंह से रिसकर खून जम गया था। कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान थे। इससे पुलिस को हत्या कर लाश छिपाने का संदेह है। मंगलवार सुबह बिलसंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घरवालों ने पुरानी रंजिश में हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है।
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नाग पंचमी पर हुआ था झगड़ा
नाग पंचमी के दिन नेमचंद का गांव के ही एक परिवार से विवाद हुआ था। इसका मुकदमा भी दर्ज है। इस मामले में तारीख पर घटना के दिन नेमचंद के पिता मुंशीलाल पीलीभीत कोर्ट आए थे। घरवालों को शक है कि इसी रंजिश में नेमचंद की हत्या की गई है।
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ब्रजपाल ही बता सकता है, आखिर हुआ क्या
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद नेमचंद के घरवाले वैसे तो नामजद तहरीर पुलिस को दे चुके है। वे पुरानी रंजिश में हत्या की बात कह रहे हैं। जिन लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है, वे शव मिलने के बाद से परिवार समेत गांव से फरार हैं। रविवार शाम को ब्रजपाल के साथ नेमचंद ने शराब पी थी। उस वक्त क्या हुआ था, इसकी जानकारी ब्रजपाल ही दे सकता है।
अविवाहित था मृतक नेमचंद
दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुंशीलाल के छह बच्चों में चार बेटियों की शादी हो चुकी है। दो बेटों में नेमचंद छोटा और अविवाहित था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है।
घटना को लेकर गंभीर नहीं दिखी पुलिस
लापता दलित मजदूर का शव मिलने के बाद भी पुलिस का रवैया लापरवाही भरा रहा। घरवालों के सोमवार रात को ही सूचना दे देने के बावजूद पुलिस करीब 12 घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस बीत घरवाले नाले से लाश निकालकर पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। कर्मी नहीं पहुंचा। परिवार वाले शव निकालकर पुलिस का इंतजार करते रहे। मंगलवार को भी पुलिस तब पहुंची जब घरवालों ने दुबारा थाने जाकर खबर दी।
नेमचंद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घरवाले हत्या की आशंका जता रहे है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसी के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र यादव, एसओ बिलसंडा